दिल्ली चुनावः1.4 Cr.वोटर,ये हैं सबसे बड़े और छोटे विधानसभा क्षेत्र

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आठ प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र पर सभी की नजर टिकी हुई है.

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भारत
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दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 70 सीटों पर 8 फरवरी को वोटिंग है. इन 70 सीटों पर कुल 14,46,92,136 रजिस्टर्ड वोटर हैं. मटियाला सबसे बड़ी विधानसभा है, जहां कुल 4,23,000 वोटर हैं. जबकि सबसे छोटी विधानसभान चांदनी चौक है, जहां 1,25,000 वोटर हैं.

कुल उम्मीदवार- 672

  • AAP: 70
  • BJP: 66
  • कांग्रेस: 66
  • निर्दलीय: 148
  • अन्य: 76

कुल महिला उम्मीदवार- 79

  • AAP: 8
  • BJP: 5
  • कांग्रेस: 11

आपराधिक केस वाले उम्मीदवार- 134

  • AAP: 42
  • BJP: 26
  • कांग्रेस: 18

करोड़पति उम्मीदवार- 243

  • AAP: 51
  • BJP: 47
  • कांग्रेस: 55

दिल्ली विधानसभा चुनाव में इन आठ प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र पर सभी की नजर टिकी हुई है.

नई दिल्ली

नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से सीएम अरविंद केजरीवाल चुनाव लड़ रहे हैं, लिहाजा इस सीट पर चुनाव बेहद दिलचस्प होनेवाला है. केजरीवाल को चुनौती देने के लिए बीजेपी की ओर से सुनील यादव और और कांग्रेस की ओर से रोमेश सभरवाल यहां मैदान में खड़े हैं.

केजरीवाल से पहली बार इस सीट से पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराया था और अब वो तीसरी बार इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.

हालांकि, केजरीवाल के सामने बीजेपी और कांग्रेस के अलावा 25 और भी उम्मीदवारों की चुनौती है. दिल्ली चुनाव में इस सीट पर सबसे अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं.

पटपड़गंज

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया पटपड़गंज सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. वे 2013 और 2015 के चुनाव में इस सीट से जीत हासिल की थी. इस बार 2020 में बीजेपी से उत्तराखंड के रवी नेगी और कांग्रेस से लक्ष्मण रावत सिसोदिया के खिलाफ मैदान में हैं.

ओखला

CAA-NRC के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन की वजह से मुस्लिम बहुल ओखला विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार कम किया जा सका है. इस सीट पर कांग्रेस की पकड़ मजबूत रही है. लेकिन पिछली बार चुनाव में AAP नेता अमानतुल्ला खान ने बीजेपी उम्मीदवार को 60 हजार वोटों से हराया था. 2020 के चुनाव में खान के सामने ब्रह्म सिंह बीजेपी और कांग्रेस के परवेज हाशमी की चुनौती है.

कालकाजी

कालकाजी सीट से AAP की आतिशी मैदान में है, जो 2019 के लोकसभा चुनाव में पूर्वी दिल्ली सीट से बीजेपी के गौतम गंभीर से हार गए थीं. दिल्ली के सरकारी स्कूलों में सुधार का श्रेय आतिशी को दिया जाता है. आतिशी का मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार शिवानी चोपड़ा से है, जबकि बीजेपी से पूर्व पार्षद धर्मबीर सिंह चुनाव लड़ रहे हैं.

शिवानी चोपड़ा दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा की बेटी है. चोपड़ा पहले इस सीट से तीन बार चुनाव जीत चुके हैं.

राजेंद्र नगर

आतिशी की तरह राजेंद्र नगर सीट से AAP उम्मीदवार राघव चड्डा भी लोकसभा चुनाव 2019 में दक्षिणी दिल्ली से चुनाव हार गए थे. आम आदमी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्डा के सामने कांग्रेस उम्मीदवार रॉकी तुषीड और बीजेपी के वरिष्ठ नेता आरपी सिंह की चुनौती है. रॉकी तुषीड दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष थे.

हरि नगर

हरि नगर सीट पर AAP की राजकुमारी ढिल्लों और कांग्रेस के सुरिंदर सेठी दो अनुभवी राजनेता की टक्कर बीजेपी के प्रवक्ता तेजिंदर बग्गा से है. राजकुमारी ढिल्लों पहले कांग्रेस में थी और वह इस सीट से 1993 में पहली महिला उम्मीदवार रह चुकी हैं.

हरि नगर बीजेपी की पारंपरिक सीटों में से एक है. इस सीट पर 1993 से 2013 तक बीजेपी लगातार जीत दर्ज कर चुकी है.

चांदनी चौक

चांदनी चौक सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला है. इस सीट पर कांग्रेस की अलका लांबा, AAP से प्रह्लाद सिंह साहनी और बीजेपी से सुमन कुमार गुप्ता चुनाव मैदान में है.

अलका लांबा 2015 में आम आदमी पार्टी के टिकट से चांदनी चौक सीट पर सुमन गुप्ता को 18 हजार से अधिक वोटों से हराया था. प्रहलाद सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे. 

हालांकि, अलका लांबा ने सितंबर 2019 में आम आदमी पार्टी को अलविदा कह दिया और कांग्रेस में शामिल हो गईं.

रोहिणी

रोहिणी निर्वाचन क्षेत्र उन तीन सीटों में से एक है, जहां बीजेपी ने 2015 में जीत हासिल की थी. दिल्ली विधानसभा में विपक्ष नेता विजेंद्र गुप्ता बीजेपी के उम्मीदवार हैं. वह इस सीट से 2015 में जीत दर्ज की थी. इस सीट पर आम आदमी पार्टी से राजेश नाम बंशीवाला और कांग्रेस से सुमेश गुप्ता मैदान में हैं.

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