आखिर संपर्क कैसे टूट गया?
आखिर संपर्क कैसे टूट गया?(फोटो: ISRO)
  • 1. आखिर गड़बड़ी कहां पर हुई?
  • 2. आखिर संपर्क कैसे टूट गया?
  • 3. रोवर 'प्रज्ञान' किस स्थिति में है?
  • 4. ऑर्बिटर कब तक काम करेगा?
  • 5. अगले 10-12 दिन सबसे अहम?
चांद पर कहां है लैंडर ‘विक्रम’,चंद्रयान-2 से जुड़े हर सवाल का जवाब

चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ से भले ही जमीनी संपर्क टूट गया है, लेकिन ये मिशन अभी खत्म नहीं हुआ है. इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) के वैज्ञानिक लगातार इस मिशन पर नजर रखे हुए हैं. वो अब भी लैंडर से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं.

इसरो के मुताबिक, चांद पर लैंडर की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ नहीं हो पाई, लेकिन ‘हार्ड लैंडिंग’ के बावजूद लैंडर सही सलामत है. इससे पहले इसरो ने बताया था कि चांद के चारों ओर चक्कर लगा रहे ऑर्बिटर ने लैंडर की लोकेशन का पता लगा लिया है. ऑर्बिटर ने इसकी थर्मल इमेज भी क्लिक की है. हालांकि, अभी तक इससे संपर्क नहीं हो सका है.

  • 1. आखिर गड़बड़ी कहां पर हुई?

    आखिर संपर्क कैसे टूट गया?
    लैंडिंग से पहले लैंडर विक्रम से ISRO का संपर्क टूटा.
    (फोटो: ISRO)

    6 और 7 सितंबर की दरम्यानी रात करीब 1:37 बजे लैंडर 'विक्रम' के चांद के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में सॉफ्ट लैंडिंग के लिए प्रोसेज शुरू हुआ. सॉफ्ट लैंडिंग' में लैंडर को आराम से धीरे-धीरे सतह पर उतारा जाता है, ताकि लैंडर, रोवर और उनके साथ लगे उपकरण सुरक्षित रहें. ‘रफ ब्रेकिंग फेज’ और ‘फाइन ब्रेकिंग फेज’ के जरिए इसकी स्पीड कम की जानी थी, ताकि यह आसानी से सॉफ्ट लैंडिंग कर सके.

    ISRO के मुताबिक, 'रफ ब्रेकिंग फेज' सफल रहा. मगर जब 1471 किलो वजनी 'विक्रम' चांद की सतह से महज 2.1 किमी की दूरी पर था, इसका संपर्क इसरो से टूट गया.

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