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तेलंगाना में मुस्लिम व्यक्ति को भीड़ ने सरेआम पीटा, प्रेगनेंट बहन ने बच्चा खोया

पुलिस इस बात की पुष्टि नहीं कर सकी कि बच्चे की मौत मां को कथित तौर पर चोट पहुंचाने के कारण हुई है या नहीं.

Published
भारत
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नरसापुर पुलिस ने गुरुवार, 25 मई को द क्विंट को बताया कि 7 मई को तेलंगाना के मेडक जिले में स्थित नरसापुर में दक्षिणपंथी भीड़ ने एक मुस्लिम व्यक्ति पर बेरहमी से हमला कर दिया. इस घटना का वीडियो, अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इमरान अहमद (Imran Ahmad) को दक्षिणपंथी भीड़ का समूह 'जय श्री राम' का नारा लगाते हुए बार-बार पीट रहा है. वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि उसकी मां और गर्भवती बहन आयशा उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रही हैं.

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गुरुवार को इस घटना के लगभग दो हफ्ते बाद, नरसापुर पुलिस ने द क्विंट को बताया कि उन्हें बताया गया कि इमरान की बहन ने एक बच्चे को जन्म दिया है, जिसे बाद में ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था. हालांकि, पुलिस इस बात की पुष्टि नहीं कर सकी कि बच्चे की मौत मां को कथित तौर पर चोट पहुंचाने के कारण हुई है या नहीं.

गुरुवार को घटना के बारे में ट्वीट करते हुए मजलिस बचाओ तहरीक (एमबीटी) के अध्यक्ष अमजद उल्लाह खान ने हमले में शामिल सभी व्यक्तियों की गिरफ्तारी की मांग की और मामले की न्यायिक जांच की मांग की है.

इस बीच, नरसापुर पुलिस ने कहा कि इमरान के परिवार ने अब तक उनके पास शिकायत दर्ज नहीं कराई है और जब भी वे ऐसा करेंगे, वे जांच शुरू करेंगे.

क्या हुआ था?

नरसापुर सर्किल इंस्पेक्टर शेख लाल मजहर ने द क्विंट को बताया कि 7 मई को लिंगम नाम का एक गैस सिलेंडर डिलीवरी बॉय इमरान के घर नरसापुर में सिलेंडर देने गया था. शहर में इमरान का एक छोटा सा रेस्टोरेंट भी है.

उस समय हनुमान माला (एक महीने तक चलने वाली रस्म) पहने लिंगम ने इमरान से खाली सिलेंडर मांगा, लेकिन इमरान ने कहा कि वह इसे अगले दिन ही वापस कर सकता है. लेकिन लिंगम ने कहा कि वह उसी समय सिलेंडर चाहता था - और जल्द ही, दोनों के बीच एक जुबानी बहस शुरू हो गई.

सीआई मजहर के मुताबिक, गुस्से में आकर इमरान ने लिंगम को अपने जूते से मार दिया. परेशान होकर, लिंगम ने अन्य लोगों से शिकायत की जो पास के एक मंदिर में हनुमान माला में शामिल थे, वे इमरान के घर गए.

भीड़ ने इमरान की मां की गुहार को अनसुना करते हुए इमरान को घर से बाहर खींच लिया और सड़क पर पीटना शुरू कर दिया.

सीआई मजहर ने कहा कि...

"भीड़ में 10-15 लोग थे, और उन्होंने 'जय श्री राम' के नारे लगाने शुरू कर दिए. इमरान की मां और गर्भवती बहन को बीच में ही पकड़ लिया गया. झगड़े की सूचना मिलने पर हम 10-15 मिनट में मौके पर पहुंच गए. और इमरान और अन्य को हिरासत में ले लिया."

7 मई को नरसापुर पुलिस स्टेशन के बाहर मीडिया से बात करते हुए इलाके के बीजेपी नेता वलदास मल्लेश ने कहा कि इमरान ने हनुमान माला पहने लिंगम को मारा तो हाथापाई हुई. उन्होंने कहा, "जब कोई हनुमान माला पहनता है तो उसके साथ सम्मान से पेश आना चाहिए, यह हमारी आस्था पर हमला है."

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किसे गिरफ्तार किया गया?

नरसापुर पुलिस ने इमरान के खिलाफ धारा 295 (धर्म का अपमान) और भीड़ के 10-15 सदस्यों के खिलाफ धारा 341 (गलत तरीके से रोकना), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 506 (गंभीर चोट पहुंचाने की धमकी), और 504 (जानबूझकर अपमान) के तहत मामला दर्ज किया है.

जबकि पुलिस ने केवल इमरान को गिरफ्तार किया, और उसे "इस आधार पर हिरासत में भेज दिया कि यह एक धार्मिक मुद्दा बन जाएगा" अन्य सभी को नोटिस देकर जाने दिया गया.

सीआई ने कहा कि 13 मई को इमरान की बहन आयशा ने एक बच्चे को जन्म दिया था और हैदराबाद के नीलोफर अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था, जहां बच्चे को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था. इसकी वजह अभी साफ नहीं है.

गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कारवां से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के विधायक कौसर मोहिउद्दीन ने कहा कि मेडक के पुलिस अधीक्षक ने उन्हें मामले से अवगत कराया और कहा कि अगर इमरान , आयशा, या उनका परिवार शिकायत दर्ज करता है तो पुलिस एक्शन लेगी.

द क्विंट इमरान और उनके परिवार तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है. प्रतिक्रिया मिलने पर इस स्टोरी को अपडेट किया जाएगा.

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