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Punjab: सड़क के बाद रेल ट्रैक पर क्यों उतरे किसान? तीन दिन में सैकड़ों ट्रेन प्रभावित

Punjab Farmers 'Rail Roko' Protest: किसानों ने बाढ़ राहत पैकेज, MSP, कर्ज माफी सहित कई मांगें उठाई हैं.

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भारत
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पंजाब (Punjab) में किसानों के 'रेल रोको' आंदोलन (Farmer Rail Roko Protest) का असर शनिवार, 30 सितंबर को भी देखने को मिला. मुआवजा, MSP और कर्ज माफी को लेकर किसानों ने विरोध-प्रदर्शन किया. पिछले तीन दिनों में पंजाब के कई जिलों में किसानों ने रेलवे ट्रैक्स को जाम रखा. जिसकी वजह से ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं. आंदोलन के चलते कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है, तो कई ट्रेनों का शॉर्ट टर्मिनेशन तो वहीं, कुछ के रूट्स बदले गए हैं.

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किसानों की प्रमुख मांगें

  • किसानों ने उत्तर भारतीय राज्यों में बाढ़ से हुए नुकसान के लिए 50,000 करोड़ के बाढ़ राहत पैकेज की मांग की है.

  • किसान संगठनों का कहना है कि कम से कम 50 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा किसानों को दिया जाए.

  • इसके साथ ही किसानों ने MSP कानून लागू करने की भी मांग की है.

  • किसानों और मजदूरों का पूरा कर्ज माफ करने की भी मांग है.

  • तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान मरने वाले प्रत्येक किसान के परिजन को मुआवजे के रूप में 10 लाख और एक सरकारी नौकरी देने की मांग.

  • किसानों की मांग है कि दिल्ली में हुए किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को जल्द से जल्द वापस लिया जाए.

  • मनरेगा के तहत 300 दिन का रोजगार और विशेष रूप से पंजाब में नशीली दवाओं की लत पर नियंत्रण की मांग है.

Punjab Farmers 'Rail Roko' Protest: किसानों ने बाढ़ राहत पैकेज, MSP, कर्ज माफी सहित कई मांगें उठाई हैं.

अमृतसर में शुक्रवार, 29 सितंबर को पंजाब मजदूर संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने रेलवे ट्रैक जाम कर अपना विरोध जताया.

(फोटो: PTI)

बता दें कि गुरुवार, 28 सितंबर से किसानों का ये 'रेल रोको आंदोलन' चल रहा है. तीन दिवसीय इस आंदोलन में किसान मजदूर संघर्ष समिति सहित कई किसान यूनियन शामिल हैं. इसमें भारती किसान यूनियन (क्रांतिकारी); भारती किसान यूनियन (एकता आज़ाद); आजाद किसान समिति, दोआबा; भारती किसान यूनियन (बेहरामके); भारती किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) और भारती किसान यूनियन (छोट्टू राम) शामिल हैं.

30 सितंबर के बाद किसान क्या करेंगे? आजाद किसान कमेटी दोआबा के राज्य प्रमुख हरपाल सिंह संघा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया था कि आंदोलन शनिवार तक जारी रहेगा. एजेंसी के हवाले से उन्होंने कहा, अगर उस समय तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगे की रणनीति तय की जाएगी.

"अब अगले चरण में किसानी दशहरा 23 और 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा और सरकार की कॉर्पोरेट नीतियों का विरोध कर बड़े पैमाने पर हरियाणा-पंजाब में पुतला दहन किया जाएगा."
तेजवीर सिंह, प्रवक्ता, बीकेयू एसबीएस

ट्रेन सेवाएं प्रभावित

पंजाब में फरीदकोट, समराला, मोगा, होशियारपुर, गुरदासपुर, जालंधर, तरनतारन, संगरूर, पटियाला, फिरोजपुर, बठिंडा और अमृतसर सहित 20 स्थानों पर किसानों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. रेल रोको आंदोलन के चलते शनिवार को रेलवे ने कुछ ट्रेनों को रद्द किया है. यात्रियों को रद्द हुई ट्रेनों के चलते परेशानी ना हो इसलिए रेलवे ने रद्द ट्रेनों की सूची भी जारी की है.

30 सितंबर को ये गाड़ियां रद्द:

  • गाड़ी संख्या 12455, दिल्ली सराय रोहिल्ला-बीकानेर एक्सप्रेस

  • गाड़ी संख्या 14711, ऋषिकेश-श्रीगंगानगर

  • गाड़ी संख्या 04754 श्रीगंगानगर-बठिंडा पैसेंजर स्पेशल

  • गाड़ी संख्या 04755 बठिंडा-श्रीगंगानगर पैसेंजर स्पेशल

  • गाड़ी संख्या 04753 बठिंडा-श्रीगंगानगर पैसेंजर स्पेशल

  • गाड़ी संख्या 14601 फिरोजपुर कैंट-हनुमानगढ़

  • गाड़ी संख्या 14602 हनुमानगढ़-फिरोजपुर कैंट

1 अक्टूबर को ये गाड़ियां रद्द:

  • गाड़ी संख्या 14805, श्रीगंगानगर-ऋषिकेश

  • गाड़ी संख्या 19225, भगत की कोठी- जम्मू तवी

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उत्तर रेलवे के अनुसार, ट्रेन संख्या 04591 लुधियाना-छेहरटा स्पेशल जेसीओ 28 से 30 तक मानांवाला में शॉर्ट टर्मिनेट की गई, जबकि 04592 छेहरटा-लुधियाना स्पेशल जेसीओ 28 से 30 तक मानांवाला से शॉर्ट ऑरिजिनेट की गई.

रेलवे के मुताबिक, फिरोजपुर डिवीजन के तहत 91 ट्रेनें रद्द कर दी गईं, 48 को शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया, पांच को शॉर्ट-ऑरिजिनेट किया गया और 35 को डायवर्ट किया गया है. किसानों के आंदोलन की वजह से 179 यात्री और 14 मालगाड़ियां प्रभावित हुई हैं.

शुक्रवार को किसानों ने चंडीगढ़-अंबाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को भी सात घंटे तक जाम रखा. भारती किसान यूनियन (सिद्धूपुर) के समर्थक पंजाब में लालरू के पास चंडीगढ़-अंबाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरने पर बैठ गए और राजमार्ग के किनारे अपने ट्रैक्टर भी खड़े कर दिए. जिला प्रशासन के अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम हटा.

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