सौम्या को हिजाब मंजूर नहीं, शतरंज टूर्नामेंट में नहीं जाएंगी ईरान
शतरंज खिलाड़ी सौम्या स्वामीनाथन ने ईरान में एशियाई शतरंज चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया
शतरंज खिलाड़ी सौम्या स्वामीनाथन ने ईरान में एशियाई शतरंज चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने से इनकार कर दियाफोटो: Twitter

सौम्या को हिजाब मंजूर नहीं, शतरंज टूर्नामेंट में नहीं जाएंगी ईरान

शतरंज स्टार सौम्या स्वामीनाथन ने ईरान में होने वाली शतरंज चैंपियनशिप में जाने से मना कर दिया है. वजह है वहां का कानून जिसके मुताबिक वहां आने वाली हर महिला के लिए हिजाब या स्कार्फ से अपना सिर ढकना जरूरी है. ईरान का नियम सभी खेलों पर लागू होता है.

सौम्या ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट लिखकर इसका ऐलान किया. उनका मानना है कि ईरान में विदेश से आने वाली हर महिला को जबरदस्ती स्कार्फ पहनाना गलत है और ये उनके बुनियादी मानवाधिकार का सीधा उल्लंघन होगा. इसलिए वो वहां नहीं जा पाएंगी.

क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने सौम्या के साहस और फैसले की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि ऐसे देशों को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए जो अपने नियम सभी पर थोपते हैं.

ईरान के हमदान में 26 जुलाई को एशियन नेशंस कप चेस चैम्पियनशिप होने जा रही है जिसमें सौम्या को भी हिस्सा लेना था.

सौम्या स्वामीनाथन की फेसबुक पोस्ट
सौम्या स्वामीनाथन की फेसबुक पोस्ट
मैं जबरदस्ती स्कार्फ या बुरका नहीं पहनना चाहती. मुझे लगता है कि ईरानी कानून के तहत जबरन स्कार्फ पहनाना मेरे बुनियादी मानवाधिकार का सीधा उल्लंघन है. यह मेरी अभिव्यक्ति की आजादी और विचारों की आजादी सहित मेरे विवेक और धर्म का उल्लंघन है. ऐसे में मेरे अधिकारों की रक्षा के लिए मेरे पास एक ही रास्ता है कि मैं ईरान न जाऊं.

26 जुलाई से 4 अगस्त तक ईरान के हमदान शहर में ये चैंपियनशिप आयोजित होने वाली है जिसमें सौम्या भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली थी. फेसबुक पर वहां ना जा पाने पर दुख जताते हुए सौम्या ने लिखा की ये उनके लिए दुर्भाग्यपूर्ण है.

इतने बड़े मुकाबले में चुने जाने के बाद भी अपने देश का प्रतिनिधित्व ना कर पाना मेरे लिए दुख की बात है. लेकिन जहां एक तरफ खिलाड़ी अपने खेल के लिए कई बदलाव करने को तैयार रहते हैं, वहीं कुछ चीजों के साथ समझौता नहीं किया जा सकता.

अधिकारियों पर भी भड़कीं सौम्या

सौम्या ने अधिकारियों की खिंचाई भी की है. उनके मुताबिक ये बड़े दुख की बात है कि चैंपियनशिप के अधिकारी खिलाड़ियों के मानव अधिकारों के बारे में नहीं सोचते. खिलाड़ी अपने खेल के मुताबिक यूनिफॉर्म पहनते हैं लेकिन धार्मिक ड्रेस कोड के लिए खेलों में कोई जगह नहीं होनी चाहिए

सौम्या के इस फैसले का सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने समर्थन किया. क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने सौम्या का पोस्ट शेयर करते हुए खेलों में धार्मिक ड्रेस कोड के लिए कोई जगह नहीं है. अगर एक देश लोगों के मानवाधिकार का उल्लंघन करता है तो उसे अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए.

अभिनेत्री कोइना मित्रा ने भी सौम्या के लिए ट्वीट कर लिखा की मुझे आप पर गर्व है

पहले भी खिलाड़ी उठा चुके हैं ऐतराज

इसके पहले 2016 में महिला शूटर हिना सिद्धू ने भी हिजाब पहनने के नियम के चलते एशियाई एयर गन चैंपियनशिप से नाम वापस ले लिया था.

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