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योगी सरकार का सबसे बड़ा बजट: धार्मिक पर्यटन, कनेक्टिविटी और रोजगार पर जोर

UP Budget 2024: बजट का आकार 7,36,437.71 करोड़ रूपये है और इसमें 24,863.57 करोड़ रूपये की नई योजनाएं भी शामिल की गई हैं.

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भारत
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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया. वित्तमंत्री सुरेश खन्ना द्वारा सोमवार (5 फरवरी) को विधानसभा में प्रस्तुत बजट प्रदेश के इतिहास में अबतक का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है. बजट का आकार 7,36,437.71 करोड़ रूपये है और इसमें 24,863.57 करोड़ रूपये की नई योजनाएं भी शामिल की गई हैं. पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस वर्ष बजट में 6.7% की बढ़ोतरी की गई है. 2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस बजट के माध्यम से सरकार ने महिला, युवा, व्यापारी और किसान हर वर्ग को साधने की कोशिश की है.

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पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में आवंटन घटा

वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को 27,086 करोड़ का भारी भरकम बजट आवंटित किया है. पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस साल बजट में तकरीबन 7 करोड़ रुपए अधिक आवंटन हुआ है. हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आवंटन में कटौती देखी गई है. पिछले वित्तीय वर्ष राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में 12631 करोड़ रूपों का आवंटन हुआ था. वहीं, बजट में इस वर्ष 7350 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. आयुष्मान भारत के अंतर्गत मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान में पिछले वर्ष 250 करोड़ रुपये बजट में आवंटित हुए थे. इस वित्तीय वर्ष इसे बढ़ाकर 300 करोड़ कर दिया गया है. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पिछली वर्ष बजट में 320 करोड़ रुपए आवंटित हुए थे. इस वित्तीय वर्ष में दो करोड़ का इजाफा करते हुए इसमें 322 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.

बजट में आयुष विभाग के तहत महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय गोरखपुर का निर्माण कार्य को पूरा किया जाएगा. इसी के साथ अयोध्या में राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं वाराणसी में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी और 400 करोड़ रुपये से मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी.

बेसिक शिक्षा में पिछले वित्तीय वर्ष के अनुरूप रहा आवंटन

बेसिक शिक्षा के तहत कक्षा 1 से 8 तक के लगभग 2 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं के लिए निःशुल्क स्वेटर एवं जूता-मोजा उपलब्ध कराने हेतु 650 करोड़ तथा स्कूल बैग हेतु 350 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है. पिछले वित्तीय वर्ष में भी निशुल्क स्वेटर एवं जूता मौजा के लिए 1000 करोड़ रुपए का आवंटन हुआ था. इसी के साथ सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-2025 में पिछले वित्तीय वर्ष के बराबर- 1000 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है. इसके अतिरिक्त 2023-2024 में 300 करोड़ रुपए से ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना कराई जा रही है जिसके लिए 2024-2025 में 498 करोड़ रुपए की बजट व्यवस्था की गई है.

अगर उच्च शिक्षा की बात करें तो पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने तीन नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की घोषणा की थी. इसमें विंध्याचल धाम मंडल में मां विंध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय, मुरादाबाद मंडल मे एक राज्य विश्वविद्यालय तथा देवी पाटन मंडल में मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय. इन तीनों विश्वविद्यालयों के लिए सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष 2023 24 में 50-50 करोड़ रुपए आवंटित किए थे. इस साल बजट में 51.20 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है.

वहीं अगर प्रधानमंत्री की संसदीय क्षेत्र वाराणसी की बात करें तो यहां भी योजनाओं का अंबार है. जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए ₹400 करोड़ रुपए प्रस्तावित है. इसके अलावा वाराणसी में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) की स्थापना हेतु भूमि खरीदने के लिए बजट में ₹150 करोड़ का प्रावधान किया गया है.

बजट में लाखों नौकरियां सृजित करने के किए गए दावे

2023 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया था कि प्रदेश में बेरोजगारी दर 6.2% प्रतिशत से घटकर 2.4% तक रह गई है. बजट में अपने सरकार की पीठ थपथपाते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने दावा किया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से लाखों नौकरियां सृजित की गई है जिसका बेरोजगारों खासकर युवाओं को लाभ मिल रहा है. 2023 में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण क्षेत्र के 210 सम्भावित निवेशकों से लगभग 3867 करोड़ रूपये के निवेश और लगभग 2.15 लाख व्यक्तियों हेतु रोजगार सम्भावनाओं युक्त अभिरूचियां प्राप्त हुई है. पूर्व में हुए ऐसे आयोजनों में प्रदेश में कितना निवेश हुआ कितने लोगों को रोजगार मिला, इसका ब्योरा बजट में नहीं मिला.

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बजट में केंद्र और राज्य की अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थियों और रोजगार सृजन के बारे में भी जानकारी साझा की गई

  • एमएसएमई सेक्टर में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत अब तक 22 लाख 389 लाभार्थियों को लाभान्वित करते हुए 1,79,112 रोजगार सृजित किए गए हैं.

  • एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना के अंतर्गत 13,597 लाभार्थियों के माध्यम से 1,92,193 रोजगार सृजित हुए हैं.

  • विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना तथा एक जनपद एक उत्पाद कौशल उन्नयन एवं टूलकिट योजना के अंतर्गत लगभग 4.04 लाख रोजगार सृजित हुए हैं.

  • एकेटीयू से संबद्घ लगभग 700 से अधिक संस्थानों के छात्रों के लिए लगभग 25 हजार रोजगार के अवसर पिछले शैक्षिक सत्र में उपलब्ध कराये गए।

  • उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत 12.15 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया जिनमें से 4.13 लाख युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों में सेवायोजित कराया गया.

  • MNREGA के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में 28 करोड़ 68 लाख मानव दिवस सृजित कराते हुए 75 लाख 24 हजार श्रमिकों को रोजगार प्रदान किया गया तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 33 करोड़ मानव दिवस का सृजन किए जाने का लक्ष्य है.

बजट में दिखा धार्मिक पर्यटन पर जोर

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2023 में जनवरी से अक्टूबर तक 37 करोड़ 90 लाख से अधिक पर्यटक आए, जिनमें भारतीय पर्यटकों की संख्या लगभग 37 करोड़ 77 लाख एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या लगभग 13 लाख 43 हजार है.

यही कारण है कि यूपी सरकार ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपना खजाना खोल दिया है. अयोध्या में श्री राम मंदिर शिलान्यास के बाद पर्यटकों की बड़ी भीड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शिलान्यास कार्यक्रम के एक हफ्ते के अंदर ही लगभग 15 लाख श्रद्धालुओं ने राम मंदिर के दर्शन किए. शिलान्यास से पहले अयोध्या का सौंदर्यीकरण युद्ध स्तर पर किया गया था. बजट से संकेत मिल रहे हैं कि यह आगे भी चालू रहने की उम्मीद है.

अपने बजट भाषण में यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण कार्य के दृष्टिगत पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की संख्या में सम्भावित वृद्धि के दृष्टिगत 3 पहुंच मार्गों का चैड़ीकरण का कार्य एवं 6 स्थानों पर पार्किग तथा जन सुविधाओं का विकास कार्य किया जा रहा है. इसके अलावा अयोध्या में ‘महर्षि वाल्मीकि अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या धाम‘ का विकास कराया गया है और इसके अयोध्या स्थापना एवं विस्तार हेतु 150 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. धर्म और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण अयोध्या और वाराणसी को सोलर सिटी के रूप में भी विकसित किया जाना है. बजट में वाराणसी में रोप-वे शुरू करने का भी प्रावधान है.
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अयोध्या और वाराणसी के अलावा यूपी के अन्य धार्मिक स्थल जैसे चित्रकूट, लखनऊ, विन्ध्याचल, प्रयागराज, नैमिषारण्य, गोरखपुर, मथुरा, बटेश्वर धाम, गढ़मुक्तेश्वर, शुकतीर्थ धाम, माँ शाकुम्भरी देवी, सारनाथ एवं अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों का पर्यटन विकास एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य कराये जा रहे हैं. बजट में धर्मार्थ मार्गों को विकसित करने के लिए ₹1750 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया गया है.

सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर खर्च

इन्फ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए 2057 करोड़ 76 लाख रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्तमान वर्ष की तुलना में दोगुने से ज्यादा है. ऐसे ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को जोड़ने के लिए नये लिंक एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए 500 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है.

सड़क और पुलों के लिए भी योगी सरकार बड़े स्तर पर धन खर्च करेगी. इसमें राज्य राजमार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 2881 करोड़ रुपए और धर्मार्थ मार्गों के विकास के लिए 1750 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है. इसी प्रकार राज्य सड़क निधि से सड़कों के अनुरक्षण के लिए 3000 करोड़ रूपये तथा निर्माण के लिए 2500 करोड़ रूपये खर्च किये जाएंगे. ऐसे ही औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक पार्क के लिए 4 लेन मार्गों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और निर्माण के लिए 800 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है

शहरों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए रेलवे ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज के निर्माण के लिए 1350 करोड़ रूपये एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रिजों के लिए 1500 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है. इसी प्रकार शहरों में अन्य फ्लाईओवर आदि के निर्माण के लिए भी 1000 करोड़ रूपये की बजट में व्यवस्था की गई है.

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बजट में नागरिक उड्डयन ने भरी उड़ान

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2016-17 में प्रदेश में हवाई यात्रियों की संख्या 59.97 लाख थी, जो वित्तीय वर्ष 2022-23 में बढ़कर 96.02 लाख हो गयी. इन 3 सालों में प्रदेश में हवाई यात्रियों की संख्या में 29.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है. इन आंकड़ों से सरकार उत्साहित है और इसका असर बजट में भी दिखा. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने दावा किया की नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद उत्तर प्रदेश पूरे देश का 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला पहला प्रदेश बन जाएगा.

बजट में हवाई पट्टियों के निर्माण विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण एवं भूमि खरीदने हेतु ₹1100 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है. गौतमबुद्ध नगर के जेवर में अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की स्थापना कार्य एवं भूमि क्रय हेतु ₹1150 करोड़ और अयोध्या में एयरपोर्ट की स्थापना व विस्तार हेतु 150 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है. अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती और चित्रकूट जैसे छोटे शहरों के एयरपोर्ट को विकसित किया जा रहा है जिससे राज्य के अंदर हवाई कनेक्टिविटी और सुदृढ़ हो सके.

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