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महात्मा गांधी की हत्या के बाद अगले दिन देश और दुनिया के अखबारों ने क्या छापा?

31 जनवरी 1948 का दिन तमाम अखबारों और उनके संपादकों के लिए भी काफी मुश्किल था.

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भारत
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(यह खबर पहली बार 30 जनवरी 2022 को पब्लिश की गई थी. आज यानी 30 जनवरी 2024 को महात्मा गांधी की 76वीं पुण्यतिथि पर इस खबर को दोबारा पब्लिश किया जा रहा है.)

30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की उस वक्त हत्या कर दी गई थी, जब वह बिरला हाउस से अपनी शाम की निर्धारित प्रार्थना के लिए निकल रहे थे. महात्मा गांधी की हत्या हिंदुत्ववादी कट्टरपंथी नाथूराम गोडसे ने की.

अहिंसा के पुजारी की निर्मम हत्या से दुनिया गमगीन हो गई. अगले दिन देश और दुनिया के तमाम अखबारों के लिए यह सबसे बड़ी खबर थी. आखिर उसी भारत में गांधी की हत्या कर दी गई, जिसकी आजादी के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया था.

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अखबारों के लिए इस खबर को छापना मुश्किल था, क्योंकि लोग इस सूचना के गलत होने की कामना कर रहे थे. पर इस दुखद सूचना को जनता के बीच पहुंचाना अखबारों का कर्तव्य था. आइए देखते हैं कि तब किस अखबार ने उस दौर की सबसे बड़ी खबर पर क्या लिखा?

 31 जनवरी 1948 का दिन तमाम अखबारों और उनके संपादकों के लिए भी काफी मुश्किल था.

महात्मा गांधी की हत्या के बाद अगले दिन देश और दुनिया के अखबारों ने क्या छापा?

(स्रोत: द न्यूयॉर्क टाइम्स)

न्यूयॉर्क टाइम्स में फ्रंट पेज पर हेडलाइन में लिखा गया "गांधी की हत्या एक हिंदू द्वारा की गई; भारत हिल गया, शोक में दुनिया; बम्बई में दंगों में 15 की मौत,"

नीचे सबहेड में लिखा गया, "तीन गोलियां दागी गईं." न्यू यॉर्क टाइम्स की इस स्टोरी में हत्या, उसके बाद उन्माद, जवाहरलाल नेहरू की राष्ट्र से अपील और हत्यारे की विशेषताओं का विस्तृत विवरण दिया गया था.

 31 जनवरी 1948 का दिन तमाम अखबारों और उनके संपादकों के लिए भी काफी मुश्किल था.

महात्मा गांधी की हत्या के बाद अगले दिन देश और दुनिया के अखबारों ने क्या छापा?

(फोटो- टेलीग्राफ मीडिया ग्रुप लिमिटेड)

इंग्लैंड के सबसे लोकप्रिय दैनिक समाचारों में से एक, "द डेली टेलीग्राफ" ने अपने पहले पन्ने का आधा हिस्सा गांधी की हत्या की खबर को दिया. उन्होंने इस घटना को "भारत और दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति" कहा.

 31 जनवरी 1948 का दिन तमाम अखबारों और उनके संपादकों के लिए भी काफी मुश्किल था.

महात्मा गांधी की हत्या के बाद अगले दिन देश और दुनिया के अखबारों ने क्या छापा?

(स्रोत: द वाशिंगटन पोस्ट)

लोकप्रिय अमेरिकी अखबार ने गांधी की मौत पर एक लंबे फ्रंट पेज की रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें बाद में हुए दंगों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रियाओं पर टिप्पणी की गई थी. वाशिंगटन पोस्ट ने महात्मा गांधी के व्यक्तिगत गुणों के बारे में लिखते हुए कहा कि गांधी आध्यात्मिक और राजनीतिक रूप से विश्व नेता बने.

 31 जनवरी 1948 का दिन तमाम अखबारों और उनके संपादकों के लिए भी काफी मुश्किल था.

महात्मा गांधी की हत्या के बाद अगले दिन देश और दुनिया के अखबारों ने क्या छापा?

(स्रोत: द आयरिश टाइम्स)

आयरिश दैनिक के पहले पन्ने में गांधी की हत्या और उसके बाद हुए शोक की विस्तृत कहानी थी. उन्हें "अहिंसा के दूत" के रूप में सम्मानित करते हुए, लेख ने टिप्पणी की कि कैसे गांधी की मृत्यु ने विभिन्न सामाजिक आर्थिक पृष्ठभूमि के लोगों को एकजुट शोक में एक साथ लाने का काम किया.

 31 जनवरी 1948 का दिन तमाम अखबारों और उनके संपादकों के लिए भी काफी मुश्किल था.

महात्मा गांधी की हत्या के बाद अगले दिन देश और दुनिया के अखबारों ने क्या छापा?

(फोटो -टाइम्स ऑफ़ इंडिया/ट्विटर)

टाइम्स ऑफ इंडिया ने महात्मा गांधी की हत्या की जानकारी देते हुए लिखा की "महात्मा गांधी की दिल्ली में हत्या की गई" सब हेड में लिखा गया "पुणे के एक मराठा ने पॉइंट ब्लेंक रेंज से गोली चलाई". महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का जन्म पुणे के एक मराठा ब्राह्मण परिवार में हुआ था.

(न्यूज इनपुट्स - इंडियन एक्सप्रेस)

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