दिल्ली चुनाव में कुछ नेताओं का ‘कु’प्रचार खत्म, अब वोटर का टाइम

एक और चुनाव प्रचार खत्म हो गया. एक बार और देश ने आदर्श चुनाव आचार संहिता को लागू होते देख लिया

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पॉलिटिक्स
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वीडियो एडिटर: अभिषेक शर्मा

एक और चुनाव प्रचार खत्म हो गया. एक बार और देश ने आदर्श चुनाव आचार संहिता को लागू होते देख लिया. एक बार और सारे नेता बच गए. हम दिल्ली चुनाव की बात कर रहे हैं. कानून बनाने और कानून पर चलने की सलाह देने वाले कानून का कितना सम्मान करते हैं ये किसी को देखना हो तो चुनाव के वक्त देखना चाहिए. दिल्ली में चुनाव प्रचार के दौरान भी यही दिखा. नेताओं ने थोक के भाव में आचार संहिता का उल्लंघन किया और चुनाव आयोग ने एक बार फिर एक्शन ने नाम पर कागजी शेर दौड़ाए यानी नोटिस भेजे.

अब जबकि चुनाव प्रचार का हल्ला खत्म हो गया और आप थोड़ी शांति में हैं तो हम चाहता हूं इन नेताओं के बयानों को याद कीजिए और इस वीडियो के नीचे कमेंट कर बताइए कि क्या नेताओं को ये बयान देने चाहिए थे और क्या चुनाव आयोग की कार्रवाई काफी थी या नहीं?

दिल्ली चुनाव में कुप्रचार कॉन्टेस्टेंट नंबर 1  हैं बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा.

प्रवेश वर्मा ने कहा - अगर दिल्ली वाले अब भी नहीं जागे तो शाहीन बाग वाले घर में आकर बेटियों से रेप करेंगे. चुनाव आयोग ने क्या किया? पहले बीजेपी स्टार प्रचारक लिस्ट से निकाला...फिर 96 घंटे के लिए प्रचार से रोका.

अगर आपको लगता है कि प्रवेश ठीक हो गए होंगे तो बता दूं कि इसके बाद प्रवेश वर्मा ने क्या कहा. उन्होंने कहा - केजरीवाल आतंकवादी हैं. सोचिए प्रवेश किसे आतंकवादी कह रहे हैं. एक चुने हुए सीएम को. चुनाव आयोग ने फिर से 24 घंटे के लिए प्रचार से रोक दिया. कुल मिलाकर चुनाव आयोग प्रवेश वर्मा को बदजुबानी से नहीं रोक पाया. भला हो अब चुनाव प्रचार रुक गया है.

कुप्रचार के कॉन्टेस्टेंट नंबर 2 - केंद्र में मंत्री अनुराग ठाकुर

दिल्ली की एक चुनावी रैली में देश के मंत्री अनुराग ठाकुर नारे लगवाते हैं- ''गोली मारो, गद्दारों को''. काफी आलोचना के बाद चुनाव आयोग महज 72 घंटे के लिए उनके चुनाव प्रचार पर रोक लगाता है. कुछ दिन बाद मंत्री जी फिर बयान देते हैं-11 तारीख को जब हमारी सरकार आएगी तो शाहीन बाग की सफाई शुरू हो जाएगी. तो कुल मिलाकर चुनाव आयोग अनुराग ठाकुर के कुप्रचार पर भी रोक नहीं लगा पाया.

कुप्रचार के कॉन्टेस्टेंट नंबर 3 - बीजेपी नेता कपिल मिश्रा

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने कहा 8 फरवरी यानी वोटिंग के दिन भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबला होगा. चुनाव आयोग ने 'कड़ा एक्शन' लिया. नोटिस भेजा. एक्शन का असर देखिए. कुछ ही दिन बाद कपिल मिश्रा बोले ''ये हमारी एकता की ताकत है. ऐसे ही एक रहना है. इकट्ठा रहना है. एक होकर वोट करना है. हम सबकी एकता से "20% वाली वोट बैंक" की गंदी राजनीति की कब्र खुदकर रहेगी. ये बयान साफ तौर पर समाज को बांटने वाला है..

कुप्रचार के कॉन्टेस्टेंट नंबर 4 - योगी आदित्यनाथ

पूर्वी दिल्ली में करावल नगर चौक पर चुनाव प्रचार के दौरान आदित्यनाथ योगी नागरिकता संशोधित कानून विरोधी प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधते हुए कहते हैं- "उनके पूर्वजों ने भारत को बांटा, इसलिए उन्हें इस उभरते 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' से दिक्कत है." चुनाव आयोग ने कुछ नहीं किया. कुछ दिन बाद योगी ने कहा - केजरीवाल सरकार शाहीनबाग में प्रदर्शनकारियों को बिरयानी बांट रही है. इस बार आप की शिकायत पर चुनाव आयोग ने योगी नोटिस थमा दिया है. सीएम योगी को शुक्रवार तक नोटिस का जवाब देना है. यानी तब जब चुनाव प्रचार खत्म हो चुका है यानी योगी जी को चुनाव आयोग नहीं रोक पाया. उन्हें चुनाव प्रचार में जो कहना था कहते रहे.

ऐसा नहीं कि कुप्रचार के कॉन्टेस्ट में सिर्फ बीजेपी के नेता भाग ले रहे थे.

AAP नेता संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी दिल्ली में बवाल कराना चाहती है. इसपर उन्हें भी चुनाव आयोग ने नोटिस थमाया है. केजरीवाल ने तो चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद एक कोर्ट परिसर में मोहल्ला क्लीनिक खोलने का वादा कर दिया.

ये लिस्ट बहुत लंबी हो सकती है. कुल मिलाकर बात ये है कि चुनाव आयोग के '''सख्त एक्शन'' से नेताओं को नहीं फर्क पड़ रहा. लेकिन इन बयानों के लपेटे में आए तो आपको जरूर फर्क पड़ेगा...

हमने कुप्रचार के कॉन्टेस्टेंट्स की कारगुजारियों के बारे में आपको बता दिया है..अब जज की कुर्सी पर आप यानी वोटर है...6 फरवरी की शाम से 8 फरवरी की सुबह तक नेताओं के गलत बयानों और लफ्फाजियों को तौलिए.सोच समझकर वोट दीजिए.

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