कृषि विधेयकों के मुद्दे पर इन दिनों देश की राजनीति में बवाल आया हुआ है. इस बीच मोदी कैबिनेट छोड़ चुके शिरोमणि अकाली दल ने साफ किया है कि जब तक केंद्र विधेयकों को वापस नहीं ले लेता, तब तक केंद्र से किसी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी.
बता दें शिरोमणि अकाली दल एनडीए का घटक दल है, लेकिन कृषि विधेयकों के मुद्दे पर पार्टी की एकमात्र केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है.
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस मौके पर कहा,
अब हम पंजाब जाएंगे, जहां हम पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करेंगे. चूंकि शिरोमणि अकाली दल किसानों की पार्टी है, इसलिए हम संघर्ष करेंगे. जब तक यह विधेयक वापस नहीं हो जाते, केंद्र के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी.सुखबीर सिंह बादल
सुखबीर सिंह बादल ने साफ किया कि उनकी पार्टी किसानों की पार्टी है और वे संघर्ष में अपनी स्थिति बनाए रखेंगे.
राज्यसभा में पेश हुए कृषि विधेयक
बता दें कृषि विधेयकों को 17 सितंबर के दिन लोकसभा में पारित करवाया जा चुका है. आज उन्हें राज्यसभा में पेश किया गया है. इस दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यह विधेयक किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे. उन्होंने कहा कि कुछ लोग गलत बात फैला रहे हैं कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य वाली व्यवस्था का खात्मा हो जाएगा. वहीं कांग्रेस ने विधेयकों को किसानों का डेथ वारंट करार दिया.
इन कृषि विधेयकों का पूरे देश में कड़ा विरोध हो रहा है. आज हरियाणा में भी एक बड़ी किसान रैली का आयोजन किया गया है.
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