जगन्नाथ रथयात्रा पर SC के फैसले से BJP ने क्यों ली राहत की सांस?

SC ने ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाले जाने पर रोक लगाने वाले फैसले को सोमवार को पलट दिया

Published22 Jun 2020, 03:02 PM IST
राज्य
3 min read

सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाले जाने पर रोक लगाने वाले फैसले को सोमवार को पलट दिया. सुप्रीम कोर्ट से रथयात्रा को अनुमति मिलने पर भारतीय जनता पार्टी ने राहत की सांस ली है. हिंदुत्व की राजनीति की वजह से बीजेपी इस मुद्दे को अपनी प्रतिष्ठा से भी जोड़कर देख रही थी. ऐसे में रथयात्रा के पक्ष में फैसला आने के बाद अब बीजेपी के खेमे में खुशी की लहर है. पार्टी नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार के समय रहते हस्तक्षेप के कारण ही रथयात्रा के पक्ष में फैसला आ सका.

सुप्रीम कोर्ट ने दी है अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने बगैर भीड़ के सावधानियों के साथ 23 जून को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को निकालने की अनुमति दी. ताकि, कोरोना वायरस का प्रसार न हो सके. फैसला आने के बाद बीजेपी के खेमे में उत्साह की लहर देखी गई. ओडिशा की पुरी सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके और इस मामले के याचिकाकर्ताओं में से एक रहे बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने फैसला आने के बाद 'जय जगन्नाथ' कहते हुए खुशी प्रकट की.

संबित पात्रा ने इस फैसले के पीछे केंद्र सरकार के दखल को भी श्रेय दिया. उन्होंने ट्वीट कर कहा,

“रथयात्रा पर आदेश के लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी धन्यवाद, जिन्होंने केंद्र सरकार के स्तर से समय से हस्तक्षेप किया. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को धन्यवाद.”

सॉलिसिटर जनरल ने की रथयात्रा के पक्ष में पैरवी

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने रथयात्रा के पक्ष में पैरवी की. उन्होंने कोर्ट के सामने तर्क रखते हुए कहा, "सदियों की परंपरा को रोका नहीं जा सकता, करोड़ों लोगों की आस्थाएं जुड़ीं हैं. भगवान जगन्नाथ कल (23 जून) को नहीं आए तो फिर परंपराओं के अनुसार 12 साल तक नहीं आएंगे."

केंद्र सरकार की तरफ से तुषार मेहता ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि यात्रा के आयोजन को लेकर सतर्कता बरती जाएगी. बगैर भीड़ के आयोजन होगा, जिससे कोविड 19 फैलने का खतरा नहीं होगा. सॉलीसिटर जनरल के तर्क और पूरे मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सशर्त रथयात्रा को निकाले जाने की अनुमति दे दी. बीजेपी सूत्रों का कहना है कि केंद्र की ओर से इस मामले में समय रहते सॉलीसिटर जनरल के स्तर से दखल दिए जान के कारण फैसला हो सका. इससे भगवान जगन्नाथ के श्रद्धालु बीजेपी से खुश होंगे.

गृहमंत्री शाह ने पुरी के राजा को दिलाया था भरोसा

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को लेकर बीजेपी कितनी गंभीर थी, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रविवार को गृहमंत्री अमित शाह ने पुरी के राजा गजपति महाराज दिब्य सिंह देब से बात कर आश्वासन दिया था कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर साथ है. वहीं सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के पहले ही बीजेपी के ओडिशा प्रदेश उपाध्यक्ष समीर मोहंती ने ट्वीट कर उम्मीद जताई थी कि भगवान जगन्नाथ के श्रद्धालुओं की भावनाओं पर विचार कर अदालत फैसला सुनाएगी.

मोहंती ने भी केंद्र सरकार के दखल की सराहना करते हुए कहा था, "सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस साल महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथयात्रा की सदियों पुरानी परंपरा को जारी रखने की अनुमति देने के लिए सर्वोच्च न्यायालय की पीठ के सामने तर्क दिया है. मैं आश्वस्त हूं कि सुप्रीम कोर्ट साढ़े चार करोड़ ओडिशावासियों और भगवान जगन्नाथ के भक्तों की भावनाओं को देखते हुए फैसला देगा."

बीजेपी के एक राष्ट्रीय पदाधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ीं हैं. ऐसे में केंद्र सरकार की कोशिशों के बाद जिस तरह से यात्रा पर लगी रोक हटी, इससे हिंदू समाज में खुशी की लहर है. इसमें हम राजनीति नहीं सनातन हिंदू धर्म का हित देख रहे हैं.

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