मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) में खून से लथपथ एक नाबालिग लड़की सड़क पर लोगों से मदद मांगती रही, लेकिन उसकी किसी ने मदद नहीं की, बाद में पता चला कि उसका रेप हुआ है. काफी देर तक मदद की गुहार लगाती हुई ये बच्ची जब एक आश्रम के पास पहुंची तब जा कर उसे मदद मिली.
मदद करने वाले 21 वर्षीय राहुल शर्मा से इस मामले पर क्विंट हिंदी ने बातचीत की है, इसी शख्स ने बच्ची की सहायता की और पुलिस तक पहुंचाया.
क्या है मामला?
उज्जैन में दांडी गुरुकुल आश्रम (वैदिक शिक्षा के लिए एक आवासीय विद्यालय) के प्रशासक राहुल शर्मा ने 12 वर्षीय बलात्कार पीड़िता की मदद उस वक्त मदद की जब वो लड़की कई किलोमीटर चलते हुए मदद की गुहार लगा रही थी और कोई सामने नहीं आ रहा था.
पुलिस ने इस सिलसिले में कई सीसीटीवी फुटेज भी खोजे हैं. इन फुटेज में देखा गया कि बड़नगर रोड के इलाके में यह लड़की अर्धनग्न अवस्था और खून से लथपथ शरीर को ढकने की कोशिश कर रही थी.
घटना सोमवार (25 सितंबर) की है, सुबह 9:30 बजे बच्ची लगभग 8 किलोमीटर से ज्यादा का रास्ता तय करके उज्जैन के मुरलीपुरा इलाके में स्थित दंडी आश्रम के सामने पहुंची, जहां पर आश्रम के 21 वर्षीय राहुल शर्मा ने उसकी मदद की और पुलिस को सूचित किया.
"वह सदमे में थी, दर्द में थी, और खून से सनी हुई कुछ बोल नहीं पा रही थी"
सोमवार, 25 सितंबर को सुबह लगभग 9:30 बजे राहुल एक बैठक के लिए आश्रम से बाहर जा रहे थे, तभी उन्होंने एक नाबालिग लड़की को अपने शरीर को ढंकने के लिए संघर्ष करते हुए देखा.
राहुल शर्मा ने क्विंट हिंदी को बताया कि, "मैं सुबह लगभग 9:30 बजे एक बैठक में शामिल होने के लिए अपने आश्रम के गेट पर खड़ा था, तभी मैंने एक लड़की को दर्द से कराहते हुए देखा, जो लगभग फटे हुए कपड़े से अपने निजी अंगों को ढकने की कोशिश कर रही थी और आश्रम की ओर ही आ रही थी. एक पल के लिए मुझे कुछ समझ नहीं आया, फिर मैं बाहर निकला और जल्दी से अंग वस्त्र (पुजारियों द्वारा पहनी जाने वाली दो हिस्सों वाली पोशाक का ऊपरी हिस्सा) जिसे मैंने अपने शरीर के ऊपरी हिस्से पर पहना हुआ था, उतारकर उसे दे दिया. वह सदमे में थी, दर्द में थी, और खून से सनी हुई कुछ भी बोल नहीं पा रही थी."
उज्जैन पुलिस ने क्या कहा?
उज्जैन पुलिस के अनुसार, नाबालिग के साथ रेप किया गया और उसे बड़नगर रोड पर दांडी आश्रम के पास फेंक दिया गया था. उन्होंने बताया कि इस घटना के दृश्य सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए हैं.
SIT का किया गठन
उज्जैन के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया कि, "POCSO अधिनियम के तहत अज्ञात अपराधियों के खिलाफ रेप का मामला दर्ज किया गया है. मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि हुई है. हमने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और इस पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. हम जनता से किसी भी जानकारी के साथ आगे आने का आग्रह करते हैं."
मैंने सब कुछ करने की कोशिश की, मैंने उससे उसके माता-पिता के बारे में पूछा और उनसे संपर्क के बारे में भी पूछा, उसके ना बोल पाने पर मैंने उसे लिखने के लिए एक डायरी और एक कलम भी दी. लेकिन वह बहुत डरी हुई थी. उसने कुछ नहीं कहा.1990 से संचालित दांडी आश्रम का प्रबंधन करने वाले राहुल शर्मा
"डायल 100 पर संपर्क किया तो सामने से दो बार फोन काट दिया गया"
इसके बाद एक तरफ राहुल पुलिस से संपर्क साधने में जुटे थे, वहीं आश्रम के कुछ अन्य सदस्य लड़की के लिए खाने का प्रबंध कर रहे थे.
राहुल ने पुलिस को फोन करने की बहुत कोशिश की, उन्होंने आरोप लगाया कि डायल 100 ने उनकी कॉल को दो बार काट दिया और वह लगभग आधे घंटे के बाद ही स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क कर सके.
राहुल ने आगे बताया कि, "वह लगातार पीछे मुड़कर देख रही थी, मैं समझ गया कि क्या हुआ होगा और उसे अस्पताल की जरूरत है. पुलिस के डायल 100 द्वारा मेरा कॉल दो बार काटा गया और फिर मैंने स्थानीय महाकाल पुलिस स्टेशन से संपर्क किया. जो लगभग 10:30 बजे आए."
सर्वाइवर कौन है, कहां से आई, घटना कहां हुई - पुलिस के पास अब तक जवाब नहीं
क्विंट हिंदी से बातचीत में महिला पुलिसकर्मी दीपिका शिंदे ने बताया कि, उन्होंने शुरुआत में लड़की से बात करने की कोशिश की थी. वहीं पुलिस अभी तक अपराध के स्थान, घटना के बाद लड़की उज्जैन की सड़कों पर कितने समय तक थी, इसकी पुख्ता जानकारी नहीं लगा पाई है.
"हम अभी भी जांच कर रहे हैं कि अपराध कहां हुआ था और अन्य पहलुओं पर भी जांच जारी हैं, लड़की के परिवार वालों के बारे में और वह सड़क पर कितनी देर थी और वह कहां से है, हम जल्द ही इन तथ्यों तक पहुंच जाएंगे."दीपिका शिंदे, पुलिसकर्मी
हालांकि स्थानीय सूत्रों के अनुसार लड़की मदद मांगने के लिए लगभग नग्न अवस्था में 8 किलोमीटर से अधिक पैदल चली थी, आश्रम पहुंचने से पहले उसने जहां भी मदद मांगने का प्रयास किया, वहां से उसे भगा दिया गया था.
कांग्रेस की मांग - पीड़िता को दिए जाए 1 करोड़ रुपये
एमपी कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पीड़िता के लिए 1 करोड़ रुपये की राहत निधि मंजूर करने का आग्रह किया है, साथ ही अपराधियों को कड़ी सजा देने की मांग की है.
राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि, "उज्जैन मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है और एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है." उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
महाराष्ट्र के साथ-साथ मध्य प्रदेश में 2019 और 2021 के बीच महिलाओं और लड़कियों के लापता होने के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए. राज्य में 2021 में सबसे अधिक रेप की घटनाएं भी दर्ज की गईं, जिनमें आधे से अधिक मामले नाबालिग पीड़ितों से जुड़े हैं.
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