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कर्फ्यू में परेशान नोएडा के मजदूरों की तस्वीरें फेक नहीं, उत्तर प्रदेश की ही हैं

Uttar Pradesh सरकार की फैक्ट चेकिंग टीम और PIB का दावा है कि तस्वीर यूपी की हैं ही नहीं

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न्यूज एजेंसी ANI ने 16 जनवरी, 2022 को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के नोएडा में कोरोना कर्फ्यू लगने के चलते बेरोजगार मजदूरों की परेशानी बयान करती कुछ तस्वीरें ट्वीट कीं. इस ट्वीट में मजदूर का एक बयान था कि ''पहले वाले लॉकडाउन की तरह इस बार सरकार की तरफ से कोई राशन भी नहीं मिल रहा है, कंपनियां बंद हो गई हैं इसलिए कोई काम नहीं है.''

इस ट्वीट के बाद उत्तरप्रदेश सरकार की 'फैक्ट चेक टीम' हरकत में आई और ये ऐलान कर दिया कि ANI की ट्वीट की गई तस्वीरें तो उत्तरप्रदेश की हैं ही नहीं. हालांकि,क्विंट की वेबकूफ टीम ने जब इन तस्वीरों की जांच की तो सामने आया कि यूपी सरकार की फैक्ट चेक टीम का दावा सही नहीं है. तस्वीरों में ऐसे कई सबूत मौजूद हैं जिनसे साबित होता है कि ये उत्तरप्रदेश के नोएडा की ही हैं.

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अगर उत्तर प्रदेश नहीं तो कहां की हैं तस्वीरें?

यूपी सरकार की फैक्ट चेकिंग टीम ने अपने ट्वीट में दावा किया है कि तस्वीरें उत्तरप्रदेश की नहीं हैं. हालांकि, ये नहीं बताया कि अगर उत्तरप्रदेश की नहीं तो कहां की हैं.

Uttar Pradesh सरकार की फैक्ट चेकिंग टीम और PIB का दावा है कि तस्वीर यूपी की हैं ही नहीं

पोस्ट का अर्काइव यहां देखें

सोर्स : स्क्रीनशॉट/ट्विटर

PIB उत्तरप्रदेश ने भी इन तस्वीरों को ट्वीट कर दावा किया कि ये उत्तरप्रदेश की नहीं हैं. ट्वीट का अर्काइव यहां देख सकते हैं.

क्विंट की वेबकूफ टीम ने ANI के ट्वीट की उन चारों तस्वीरों की एक-एक कर जांच की, जिनको लेकर यूपी सरकार के ट्वीट में दावा है कि वो उत्तरप्रदेश की नहीं हैं.

पहली तस्वीर

Uttar Pradesh सरकार की फैक्ट चेकिंग टीम और PIB का दावा है कि तस्वीर यूपी की हैं ही नहीं

तस्वीर में Breakthrough Point का बोर्ड दिख रहा है

सोर्स : ANI

इस तस्वीर के बैकग्राउंड में 'Break Through Point, Noida Defence Academy' का बोर्ड देखा जा सकता है.

Uttar Pradesh सरकार की फैक्ट चेकिंग टीम और PIB का दावा है कि तस्वीर यूपी की हैं ही नहीं

ANI की वेबसाइट पर 16 जनवरी 2022 को नोएडा के परेशान इन मजदूरों से जूड़ी रिपोर्ट भी है. रिपोर्ट से हमें क्लू मिला कि ये तस्वीरें नोएडा के हरोला में स्थित लेबर चौक की हैं.

रिपोर्ट में मजदूरों ने बयान दिए हैं कि वे लोग काम की तलाश में लेबर चौक आते हैं. लेकिन, कर्फ्यू के चलते खाली हाथ लौट आते हैं. (रिपोर्ट का अर्काइव)

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रिपोर्ट में बताया गया है कि तस्वीरें 'नोएडा लेबर चौक' की हैं और तस्वीर में Break Through Point, Noida Defence Academy का बोर्ड भी दिख रहा है, हमने गूगल मैप की मदद से ये कन्फर्म किया कि दोनों जगहें आसपास की ही हैं या नहीं.

गूगल मैप से साफ हो रहा है कि फोटो में पीछे जिस Break Through Point का बोर्ड दिख रहा है, वो लेबर चौक पर ही है.

Uttar Pradesh सरकार की फैक्ट चेकिंग टीम और PIB का दावा है कि तस्वीर यूपी की हैं ही नहीं

लेबर चौक और Breakthrough Point एक ही इलाके में हैं

फोटो : Google Map

मोजो स्टोरी ने दिसंबर, 2020 में लेबर चौक पर काम का इंतजार करते मजदूरों से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट की थी. इस रिपोर्ट में भी बैकग्राउंड में Break Through Point, Noida Defence Academy दिख रहा है.

Uttar Pradesh सरकार की फैक्ट चेकिंग टीम और PIB का दावा है कि तस्वीर यूपी की हैं ही नहीं

Mojo Story की दिसंबर 2020 की ग्राउंड रिपोर्ट

सोर्स : स्क्रीनशॉट/यूट्यूब

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दूसरी तस्वीर

Uttar Pradesh सरकार की फैक्ट चेकिंग टीम और PIB का दावा है कि तस्वीर यूपी की हैं ही नहीं

दोनों तस्वीरों में एक ही इमारत देखी जा सकती है

फोटो : Altered by Quint

गूगल मैप पर लेबर चौक की कुछ और तस्वीरें हमने देखीं, इन तस्वीरों में वही इमारतें दिख रही हैं. जो वायरल फोटो में हैं.

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तीसरी तस्वीर

Uttar Pradesh सरकार की फैक्ट चेकिंग टीम और PIB का दावा है कि तस्वीर यूपी की हैं ही नहीं

तीसरी तस्वीर में गेट के बाहर मजदूर खड़े दिख रहे हैं

सोर्स : ANI

तीसरी तस्वीर, पहली फोटो में बाईं तरफ दिख रहे गेट के पास से ली गई है. यानी ये भी लेबर चौक की ही है.

Uttar Pradesh सरकार की फैक्ट चेकिंग टीम और PIB का दावा है कि तस्वीर यूपी की हैं ही नहीं

तीसरी तस्वीर भी लेबर चौक, नोएडा की है

फोटो : Altered by Quint

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चौथी तस्वीर

Uttar Pradesh सरकार की फैक्ट चेकिंग टीम और PIB का दावा है कि तस्वीर यूपी की हैं ही नहीं

चौथी तस्वीर में मजदूर पत्रकार से बात करता दिख रहा है

फोटो : ANI

चौथी तस्वीर उसी सड़क पर ली गई है, जहां की दूसरी तस्वीर है, जिसमें लेबर चौक की बड़ी इमारत दिख रही है.

Uttar Pradesh सरकार की फैक्ट चेकिंग टीम और PIB का दावा है कि तस्वीर यूपी की हैं ही नहीं

पीछे पीले रंग का बोर्ड दोनों तस्वीरों में देखा जा सकता है 

फोटो : Altered by Quint

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साफ है कि ANI की ट्वीट की गई तस्वीरें नोएडा, उत्तरप्रदेश की ही हैं. यूपी सरकार की फैक्ट चेकिंग टीम का ये दावा गलत है कि तस्वीरें उत्तरप्रदेश की नहीं हैं.

हमने उत्तरप्रदेश सरकार के सूचना विभाग से इस मामले में स्पष्टीकरण को लेकर संपर्क किया है. जवाब आते ही स्टोरी को अपडेट किया जाएगा.

(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9643651818 या फिर मेल आइडी WEBQOOF@THEQUINT.COM पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं )

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