बीजापुर नक्सली हमले के मामले में नहीं हुई BJP नेता की गिरफ्तारी

एक खबर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पूर्व बीजेपी नेता का बीजापुर में हुए नक्सली हमले से कनेक्शन सामने आया है

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दावा है कि पूर्व बीजेपी नेता का बीजापुर में हुए नक्सली हमले से कनेक्शन सामने आया है
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हिंदी अखबार नवभारत टाइम्स की खबर का स्क्रीनशॉट शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पूर्व बीजेपी नेता का छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले से कनेक्शन सामने आया है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है.  पड़ताल में सामने आया कि ये खबर बीजेपी नेता जगत पुजारी की जून 2020 में हुई गिरफ्तारी की है. जाहिर है इसका साल 2021 में हुए नक्सली हमले से कोई संबंध नहीं है.

दावा

बीजेपी पर निशाना साधने के लिए ट्विटर और फेसबुक पर कई यूजर ये क्लिप शेयर कर रहे हैं

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सोर्स : स्क्रीनशॉट / फेसबुक
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सोर्स : स्क्रीनशॉट / फेसबुक

ऐसी ही पोस्ट्स का अर्काइव यहां और यहां देखा जा सकता है. समाचार दर्शन वेबसाइट पर भी वायरल स्क्रीनशॉट से मिलता जुलता टेक्स्ट है.

पड़ताल में हमने क्या पाया

वायरल स्क्रीनशॉट में ‘NavaBharat News Network’ लिखा दिख रहा है. हमने नवभारत अखबार के ई-पेपर चेक किए. हमें 5 अप्रैल के संस्करण में छपी एक खबर में यही हेडलाइन मिली. हेडलाइन है “छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली अटैक 24 शहीद 31 घायल”

खबर के सब-हेड में लिखा है - 20 से अधिक हथियार लूटे”. लेकिन, वायरल स्क्रीनशॉट में दिख रहा दूसरा सबहेड BJP नेता समेत 2 गिरफ्तार इस असली खबर में नहीं है . असल में दूसरा सबहेड है “2,059 जवान थे हिडमा की तलाश में”.

वायरल और असली खबर के बीच का अंतर यहां देखा जा सकता है

बीजापुर नक्सली हमले के मामले में नहीं हुई BJP नेता की गिरफ्तारी
फोटो : Altered by Quint

बीजेपी नेता की गिरफ्तारी की खबर सही है?

हां, नक्सलियों की मदद करने के आरोप में बीजेपी नेता की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन करीब एक साल पहले जून 2020 में.

बीजेपी नेता जगत पुजारी और उनके सहयोगी रमेश को नक्सलियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. छत्तीसगढ़ पुलिस ने दोनों को माओवादी कमांडर अजय को ट्रैक्टर सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. एनडीटीवी और द न्यू एंडियन एक्सप्रेस की वेबसाइट पर भी इस मामले की रिपोर्ट हैं.

साफ है कि बीजेपी नेता की एक साल पहले हुई गिरफ्तारी के मामले को सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ में हुई हालिया मुठभेड़ का बताकर गलत दावे से शेयर किया जा रहा है.

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