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कोरोना वायरस के चीन की वुहान लैब से लीक होने की संभावना-US रिपोर्ट

द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी रिपोर्ट का हवाला देते हुए दी जानकारी

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COVID 19 Virus| द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी रिपोर्ट का हवाला देते हुए दी जानकारी
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साल 2020 की शुरुआत कोरोना वायरस (COVID 19 Virus) जैसी खतरनाक महामारी से हुई. जिसने आज लगभग पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया और करोड़ों लोगों की जान ले चुका है. लेकिन अब तक पुख्ता तौर पर ये पता नहीं लग पाया कि ये वायरल आया कहां से? क्योंकि चीन के वुहान में सबसे पहले कोरोना वायरस का केस मिला, इसीलिए यहां की लैब पर शुरुआत से ही शक जताया जा रहा था. लेकिन अब अमेरिका की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि वायरस के चीन के वुहान की लैब से ही लीक होने की संभावना है.

कोरोना वायरस के मूल का पता लगाने की कोशिश

अमेरिकी सरकार की तरफ से कोरोना वायरस को लेकर रिसर्च करवाई जा रही है. अब इसकी रिपोर्ट में दावा कर बताया गया है कि, वायरस चीन की वुहान लैब से ही लीक हो सकता है. हालांकि इसके लिए आगे और रिसर्च करने की बात कही गई है.

द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इसे लेकर सोमवार को एक आर्टिकल पब्लिश किया है. जिसमें अमेरिकी रिपोर्ट का हवाला देते हुए ये तमाम जानकारी दी गई है. बताया गया है कि मई 2020 में कैलिफोर्निया की लॉरेंस लिवमोर नेशनल लेबोरेट्री ने वायरस को लेकर स्टडी शुरू की. ट्रंप के हटने से ठीक पहले स्टेट डिपार्टमेंट की तरफ से वायरस के मूल स्त्रोत को लेकर जांच करने के आदेश दिए थे.

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हालांकि लॉरेंस लिवमोर नेशनल लेबोरेट्री ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल की इस रिपोर्ट को लेकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है. अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडेन ने भी कहा था कि उन्होंने वायरस कहां से आया, ये पता लगाने के लिए जरूरी आदेश दिए हैं.

लैब के अलावा एक और थ्योरी पर रिसर्च

फिलहाल अमेरिका की इंटेलिजेंस एजेंसियां दो थ्योरी पर काम कर रही हैं. पहला ये कि वायरस चीन की वुहान लैब में किसी एक्सीडेंट के बाद इंसानों में फैल गया हो और दूसरा ये कि वायरस से संक्रमित कोई जानवर इंसान के संपर्क में आया हो. लेकिन लैब वाली थ्योरी पर अब अमेरिकी रिसर्च की मुहर लगती हुई नजर आ रही है.

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वायरस को लेकर अमेरिका की एक रिपोर्ट पहले भी सामने आई थी. जिसमें दावा किया गया था कि चीन की वुहान लैब के कुछ साइंटिस्ट और रिसर्चर नवंबर और दिसंबर 2019 में अचानक बीमार हुए थे. इन्हें कोरोना जैसे लक्षणों के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालांकि चीन हमेशा से ही वुहान लैब वाली थ्योरी से इनकार करता आया है. वहीं अमेरिका का कहना है कि चीन निष्पक्ष जांच नहीं होने दे रहा.

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