ADVERTISEMENT

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का आदेश- बंदूक रखना मौलिक अधिकार, फैसले पर बाइडेन नाराज

इसी साल अमेरिका के एक स्कूल में गोलीबारी में 21 लोगों की हुई थी हत्या.

Published
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का आदेश- बंदूक रखना मौलिक अधिकार, फैसले पर बाइडेन नाराज
i

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने बंदूक रखने को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अमेरिकियों का सार्वजनिक रूप से एक हैंडगन रखना मौलिक अधिकार है. दरअसल, अमेरिका में लगातार हो रही गोलीबारी और फायरिंग की घटनाओं के बाद से खुलेआम बंदूक लेकर चलने पर बैन की मांग उठ रही थी.

अदालत का फैसला 6-3 से आया है. इस फैसले ने न्यूयॉर्क के एक सदी से भी ज्यादा पुराने कानून को खारिज कर दिया, जिसके लिए एक व्यक्ति को आत्मरक्षा के लिए गन रखने का परमिट लेने के लिए उचित कारण बताने की आवश्यकता थी.

ADVERTISEMENT

बता दें कि ये फैसला न्यूयॉर्क स्टेट राइफल एंड पिस्टल एसोसिएशन बनाम ब्रुएन केस की सुनवाई पर आया है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा,

अमेरिकियों को गन लेकर चलने पर रोक नहीं लगाई जा सकती. न ही इसमें कोई टर्म जोड़ा जा सकता है. गन लेकर चलना अमेरिकियों का मौलिक अधिकार है.

राष्ट्रपति बाइडेन ने जताई नाराजगी

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस फैसले की निंदा करते हुए कहा, यह "सामान्य ज्ञान और संविधान दोनों के विपरीत है, इससे हम सभी को बहुत परेशानी हुई है. हमें अपने साथी अमेरिकियों की रक्षा के लिए एक समाज के रूप में अधिक करना चाहिए, कम नहीं. मैं देशभर के अमेरिकियों से गन सेफ्टी पर अपनी आवाज उठाने का आह्वान करता हूं."

बता दें कि अदालत का यह फैसला और ज्यादा लोगों को न्यूयॉर्क, लॉस एंजिलिस और बोस्टन जैसे 5 बड़े अमेरिकी शहरों की सड़कों पर कानूनन हथियार लेकर चलने की इजाजत देगा.

इसी साल स्कूल में गोलीबारी में 21 लोगों की हुई थी हत्या

इसी साल मई के महीने में अमेरिका के टेक्सास राज्य के एक स्कूल में 18 साल के बंदूकधारी ने अंधाधुंध गोलीबारी कर 19 बच्चों समेत 21 लोगों की हत्या कर दी थी.

इस घटना के बाद खुलेआम बंदूक रखने को लेकर विरोध की आवाज उठने लगी थी. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सांसदों से हथियार संबंधी कानूनों को कड़ा करने की भावुक अपील की थी.

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)

ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
क्विंट हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

120,000 से अधिक ग्राहक जुड़ें!
ADVERTISEMENT
×
×