‘रहम’ की गुणवत्ता समझिये उर्दू और अंग्रेजी शायरी के जरिए  

कोविड के जिस दौर से हम गुज़र रहे हैं उस में एक दूसरे का इलाज ‘रहम-दिली’ की शक्ल में हमारे पास है.

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शेक्सपियर की ‘द क्वालिटी ऑफ मर्सी’ के जरिए  ‘दया’ के मायने समझिए.
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होस्ट, राइटर और ऑडियो एडिटर: फबेहा सय्यद

एडिटर: शैली वालिया

म्यूजिक: बिग बैंग फज

रहम का मतलब होता है दया. रहम की उम्मीद इंसान को अपने खुदा या भगवान से ही होती है. लेकिन किसी भी भगवान पर यकीन रखने वाले ये जरूर समझते हैं कि इंसानों को ही इंसान के लिए रहम का जरिया बनाया जाता है. कोई भी डिक्शनरी आप को 'रहम' शब्द के मायने बता सकती है. लेकिन दया भाव दिखाना, या किसी के प्रति 'रहम-दिल' होने के लिए, 'दर्द' का एहसास जरूरी है.

तो 'रहम' को समझने के लिए, हमने एक बार फिर शायरी का सहारा लिया. और इस बार अंग्रेजी के महान लेखक, शेक्सपियर का प्रसिद्ध नाटक, 'मर्चेंट ऑफ वेनिस' में से एक मोनोलॉग, 'द क्वालिटी ऑफ मर्सी' के जरिए रहम के बारे में समझेंगे.

साथ ही जावेद अख्तर की नज़्म 'बीमार की रात' भी पढ़ेंगे.

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