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महात्मा गांधी कुछ इस तरह गूंजते हैं उर्दू शायरी में

सुनिये पंडित बृज नारायण चकबस्त की नज्म 'वतन का राग' और आनंद नारायण मुल्ला की कविता 'महात्मा गांधी का कत्ल'.

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<div class="paragraphs"><p>सुनिये पंडित बृज नारायण चकबस्त और आनंद नारायण मुल्ला की नज्में.</p></div>
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गांधी कौन थें और उन्होंने किन मूल्यों का प्रतिनिधित्व किया? इस सवाल का जवाब आज उर्दूनामा में दो नज़्मों के जरिये समझेंगे.

उर्दू कवि पंडित बृज नारायण चकबस्त द्वारा 'वतन का राग' और आनंद नारायण मुल्ला की कविता 'महात्मा गांधी का कत्ल '. ये दो कविताएं उस समय के उर्दू कवियों पर गांधी के प्रभाव का सबसे अच्छा उदाहरण हैं.

इन नज्मों के माध्यम से, गांधी के कई फिलोसोफी के विषय उभर के आते हैं.

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