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उर्दूनामा: गजल के बादशाह जगजीत सिंह और उर्दू को लोकप्रिय बनाने में उनका योगदान

क्विंट की फबेहा सय्यद से सुनिए जगजीत सिंह के 'म्यूजिकल' और शायराना सफर के बारे में.

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<div class="paragraphs"><p>उर्दूनामा के इस एपिसोड में सुनिए जगजीत सिंह के 'म्यूजिकल' और शायराना सफर के बारे में.</p></div>
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उर्दू गजल को जनसामान्य तक लोकप्रिय बनाने में जगजीत सिंह का बड़ा योगदान है. जगजीत सिंह 10 अक्टूबर, 2011 को हमें छोड़कर चले गए थे. आज उनकी 10वीं पुण्यतिथि है.

गुलजार की टीवी सीरीज, 'मिर्जा गालिब' और अली सरदार जाफरी की 'कहकशां' का संगीत जगजीत सिंह का दिया था. 'कहकशां' एक ऐसी सीरीज थी जिसे बनाने का मकसद था उर्दू शायरी के दिग्गजों और उनकी जिन्दगियों के बारे में बताना. उस कहकशां के सितारों में शामिल थे हसरत मोहानी, फिराक गोरखपुरी, जिगर मोरादाबादी, जोश मलीहाबादी, मिर्जा गालिब, वगैरह.

1998 में जगजीत सिंह को गालिब के काम को लोकप्रिय बनाने में मदद करने के लिए साहित्य अकादमी पुरुस्कार से सम्मानित किया.

उर्दूनामा के इस एपिसोड में, क्विंट की फबेहा सय्यद से सुनिए जगजीत सिंह के 'म्यूजिकल' और शायराना सफर के बारे में.

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