‘प्रो कबड्डी लीग का नया फॉर्मेट सभी टीमों के लिए बराबरी का मौका’

तमिल थलाईवाज लगातार 2 सीजन में सबसे आखिरी स्थान पर रही

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क्रिकेट वर्ल्ड कप खत्म होने के साथ ही अब शुरू हो चुका है कबड्डी का रोमांच. प्रो कबड्डी लीग का सातवां सीजन शुरू हो चुका है. अगले 3 महीने तक फैंस को इस टूर्नामेंट में 137 मैच देखने को मिलेंगे.

सीजन का फाइनल 19 अक्टूबर को खेला जाएगा. लीग स्टेज के बाद 12 में से टॉप 6 टीमें प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करेंगी. प्लेऑफ में 2 एलिमिनेटर, 2 सेमीफाइनल और फिर फाइनल खेला जाएगा.

सबसे खास बात है कि इस बार लीग के फॉर्मेट में बदलाव किया गया है. पिछले सीजन तक सभी टीमों को 2 जोन में बांट कर मैच होते थे. इस बार इसमें बदलाव कर डबल राउंड रॉबिन फॉर्मेंट आजमाया जा रहा है. यानी हर टीम को बाकी सभी टीमों से 2 बार भिड़ना होगा.

नए फॉर्मेट के बारे में बोलते हुए तमिल थलाईवाज के कप्तान अजय ठाकुर ने कहा कि ये अच्छा कदम है और अब कोई भी टीम शिकायत नहीं कर सकती.

“हर टीम को बाकी सभी टीमों के खिलाफ खेलने का मौका मिलेगा. अब कोई भी टीम या खिलाड़ी ये शिकायत नहीं कर सकता कि वो अलग जोन में होने के कारण प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाए. अब ऐसी बात नहीं होगी. सभी टीमों के पास खुद को साबित करने का बराबर मौका है.”
अजय ठाकुर, कप्तान तमिल थलाईवाज

हालांकि इस बार अजय ठाकुर के सामने बड़ी चुनौती है. भारतीय कबड्डी टीम के कप्तान ठाकुर कबड्डी लीग में तमिल थलाईवाज की कमान संभाले हुए हैं. ये टीम पिछले लगातार 2 सीजन में सबसे आखिरी स्थान पर रही है. ऐसे में टीम के प्रदर्शन को सुधारने का बड़ा जिम्मा ठाकुर पर है.

ठाकुर ने कहा कि पिछले सीजन में उनकी टीम बदकिस्मत रही और कुछ खिलाड़ियों को चोट लग गई थी.

ये एक निराशाजनक सीजन था. हमारी टीम काफी मजबूत थी, लेकिन हम वैसा खेल नहीं सके. हमारी टीम में कुछ चोट भी लगी थी. हमारा मेन डिफेंडर भी घायल हो गया था. कबड्डी थोड़ा शारीरिक खेल है और इसमें काफी टक्कर होती है, तो चोट लगना लाजिमी है.
अजय ठाकुर, कप्तान तमिल थलाईवाज

कबड्डी में भारतीय टीम ने एशिया में अपना वर्चस्व कायम किया हुआ है. हालांकि 2018 में इस वर्चस्व को झटका लगा एशियन खेल में, जहां भारतीय टीम पहली बार फाइनल में पहुंचने में नाकाम रही थी और ईरान ने गोल्ड मेडल जीता था.

ठाकुर ने कहा कि वो बहुत निराशाजनक था, लेकिन अब बाकी देशों के खिलाड़ी भी काफी मजबूत हो चुके हैं.

“कबड्डी के गेम में आज स्तर काफी बढ़ गया है. दूसरे देशों के खिलाड़ी भारत में कबड्डी खेलने आ रहे हैं. वो अच्छे कोच हायर कर रहे हैं. कई ईरानी खिलाड़ियों ने मेरे सामने ये खेल शुरू किया था और अब वो जबरदस्त खेल रहे हैं. अब आप आसानी से कहीं भी मेडल नहीं जीत सकते.”
अजय ठाकुर, कप्तान तमिल थलाईवाज

अजय ठाकुर ने कहा कि कबड्डी का खेल तमिलनाडु से ही आया है इसलिए फैंस को उनकी टीम तमिल थलाईवाज को सपोर्ट करना चाहिए. ठाकुर की टीम ने लीग की अच्छी शुरुआत की है और रविवार 21 जुलाई को अपने पहले ही मैच में तेलगु टाइटन्स को हरा दिया. उनका अगला मैच 25 जुलाई को दबंग दिल्ली केसी से होगा.

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