आपके स्मार्टफोन की बैटरी बचाने के लिए टॉप 5 टिप्स

जब तक बैटरी की टेक्नोलॉजी बेहतर नहीं होती, तब तक इस समस्या का समाधान आपको खुद ही करना पड़ेगा.

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टेक्नोलॉजी
4 min read

वीडियो एडिटर: दीप्ति रामदास

फोन की प्रोसेसिंग पॉवर और डिस्प्ले और भी ज्यादा बेहतर होते जा रहे हैं लेकिन उसी गति से फोन की बैटरी की टेक्नोलॉजी तेजी से आगे नहीं बढ़ पा रही है, तो जब तक कोई बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी का अविष्कार नहीं होता तब तक आपको अपने हाथों में इस समस्या को लेना होगा.

यानी कि जब तक बैटरी की टेक्नोलॉजी बेहतर नहीं होती, तब तक इस समस्या का समाधान आपको खुद ही करना पड़ेगा. ये कुछ ऐसे सिम्पल स्टेप्स है जिससे आप अपने स्मार्टफोन की बैटरी को बचा सकते हैं.

1.अपने बैकग्राउंड ऐप्स को बन्द करें

जब आप अपने फोन में किसी एक ऐप का इस्तेमाल कर रहे होते हैं तो साथ ही में बैकग्राउंड में उसी समय और भी ऐप्स चल रहे होते हैं जो आपके प्रोसेसिंग पॉवर और बैटरी को यूज कर रहे होते हैं. इन सभी ऐप्स को फोन के टास्क मैनेजर का इस्तेमाल कर के बंद कर दे.

आप अपने फोन के सेटिंग्स में जाकर भी बैटरी ऑप्शन में ऐसे कुछ ऑप्टिमाइजेशन के ऑप्शन्स देख सकते हैं जो कि आपकी बैटरी को बचाते हैं.

कुछ ऐसे फोन जो एंड्रॉयड 9 से ऊपर के सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ है उनमें एक Battery adaptive फीचर भी आता है जो की हर ऐप में कितनी पॉवर जानी , उसको मैनेज और लिमिट करता है. ऐसे भी कई ऐप्स होते है जिनका इस्तेमाल आप ज्यादा नहीं करते हैं. इन ऐप्स को आप Battery adaptive का इस्तेमाल कर के स्लीप मोड पर डाल सकते हैं.

2.जीपीएस / लोकेशन सर्विस को बन्द करें

लोकेशन सर्विसेज और जीपीएस को बन्द करना जरूरी है जो कि बहुत सारे एप्लीकेशंस इस्तेमाल करते हैं. जैसे कि फूड ऑर्डरिंग ऐप, गूगल, कुछ गेमिंग ऐप्स और भी बहुत सारे.

जीपीएस आपके फोन में navigation में हेल्प करता है, आपको कही भी जाने में हेल्प करता है. कौन सी जगह कितनी दूर है ये भी आपको बताता है. लेकिन इस फीचर का हर वक्त एक्टिवेट रहना जरूरी नहीं है.

3. बैकग्राउंड एक्टिविटीज को इस्तेमाल करने वाले ऐप को ढूंढे और डिसेबल करें

कुछ ऐसे ऐप जैसे स्नैपचैट, फेसबुक, नेटफ्लिक्स और अमेजॉन शॉपिंग भी काफी ज्यादा बैटरी का इस्तेमाल करते हैं. खासतौर पर जब वो बैकग्राउंड में ऑपरेट करते हैं. कुछ ऐसे ही ऐप जो हाई बैकग्राउंड एक्टिविटी के चलते बैटरी को यूज कर सकते हैं, आप उन्हें फोन की सेटिंग्स में जाकर बैटरी ऑप्शन में डिसेबल कर सकते हैं.

बैटरी में जाकर आपको टॉप राइट कॉर्नर में तीन डॉट्स दिखेंगे और उन डॉट्स में आपको Battery usage ऑप्शन सेलेक्ट करना है. Battery usage में आपको Background restrictions का भी ऑप्शन मिलेगा उसे टैप करने के बाद आपको उस ऐप की डिटेल मिलेगी जो आपकी बैकग्राउंड में चल रहे हैं और बैटरी का इस्तेमाल कर रहे हैं.

Background restrictions में टैप कर के आप उन ऐप्स को डिसेबल कर सकते हैं जो कि बैकग्राउंड एक्टिविटी के जरिए बैटरी को कंज्यूम कर रहे हैं.

ये ध्यान रखिए कि ऐसे ऑप्शन को डिसेबल करने के बाद आपका वो ऐप ऑप्टिमम लेवल पर काम नहीं कर पाएगा और उस ऐप के नोटिफिकेशन भी देरी से मिलेंगे.
याद रखिए जो अपने इंपॉर्टेंट एप्लीकेशंस है जैसे ईमेल, गूगल या फिर बैंक नोटिफिकेशन उन एप्लीकेशंस को आप बैकग्राउंड एक्टिविटी से रेस्ट्रिक्ट न करें क्योंकि ये आपके लिए बहुत ही इंपॉर्टेंट है.

4. अपने फोन के डिस्प्ले और स्लीप टाइम को ऑप्टिमाइज करें

जितनी ज्यादा देर आपका डिस्प्ले ऑन रहता है उतनी ज्यादा वो बैटरी कंज्यूम करता है. ये जरूरी है कि आप अपने फोन के डिस्प्ले टाइम को जितना कम रखें उतना आपकी बैटरी के लिए बेहतर होगा.

ज्यादातर आजकल एंड्रॉयड फोन एक Doze of mode फीचर के साथ आते है जिसमें वो नेटवर्क यूज और उन भारी एप्लीकेशंस का इस्तेमाल करते हैं. उन सर्विसेज और एप्लीकेशंस को एक आइडियल मोड में या स्लीप मोड में डाल देते हैं.

आपको अपने फोन में जाकर ये चेक करना होगा कि आपके फोन में Doze of Mode मौजूद है या नहीं. आपको अपने फोन का Adaptive brightness फीचर भी ऑन करना होगा, जिससे आपका फोन जो बाहर की ब्राइटनेस है उसके मुताबिक आपके डिस्प्ले की ब्राइटनेस को एडजस्ट करता है. इससे आप ये सनिश्चित कर सकते हैं कि आपके फोन का ब्राइटनेस हमेशा फुल न रहे और बैटरी को खाता न रहे.

आप अपने फोन में डार्क थीम या डार्क मोड का इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि डार्क पिक्सल्स लाइट पिक्सल्स की तुलना में कम बैटरी का इस्तेमाल करते हैं.

5.जब आपकी बैटरी खत्म होने वाली हो

आपके फोन में एयरप्लेन मोड आता है जो जरूरी नहीं की आप उसे एयरप्लेन में ही यूज करे. एक फोन का एयरप्लेन मोड आपके जो रेडियो सिग्नल्स है जैसे कि WiFi, ब्लूटूथ उनको ब्लॉक करता है. इससे आपके स्मार्टफोन की स्मार्टनेस जरूर कम हो जाती है लेकिन ये फीचर आपके फोन की बैटरी बहुत बचाता है. जिसे आप बाद ने इमरजेंसी के समय यूज कर सकते हैं.

आजकल कुछ फोन अल्ट्रा सेविंग मोड फीचर के साथ आ रहे हैं जो एयरप्लेन मोड की तरह ही होता है. जो फोन के कई फंक्शन्स को बंद कर देता है. साथ में कुछ ऐसे फीचर्स होते है जो किसी फीचर फोन में मौजूद होते हैं. ये मोड आपकी बैटरी को सेव करता है.

ये थे कुछ सिम्पल और आसान बैटरी सेव करने के तरीके जो लो बैटरी होने के समय आपकी काफी हेल्प करेंगे ताकि आपको हर वक्त पॉवर बैंक कैरी कर के न चलना पड़े.

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