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बिहार चुनाव: बेरोजगारी पर RSS के युवाओं की क्या है राय?

चुनाव में RSS का कितना दखल? जानने के लिए क्विंट की चुनावी यात्रा पहुंची संघ की शाखा     

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वीडियो एडिटर: दीप्ति रामदास

चुनाव में RSS के दखल, हिंदू राष्ट्र और भारत माता की जय नारे समेत तमाम मुद्दों पर बात करने के लिए क्विंट की चुनावी यात्रा पहुंची पटना में संघ के शाखा.

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RSS के स्वयंसेवक कपिल शातुरिया बताते हैं कि हम जनता पर कभी दबाव नहीं डालते हैं कि आप किसी खास को ही चुनिए. इस तरह की भाषा पार्टी के लोग इस्तेमाल करते हैं, संघ इस तरह की बात कभी नहीं कहता है.

हमें कोई खास निर्देश नहीं आता कि आपको बीजेपी के लिए काम करना है. हमलोग स्वेच्छा से काम करते हैं. हमारा राजनीतिक लक्ष्य नहीं है. हम किसी पार्टी के पीछे नहीं चलते हैं. कोई भी काम खुद ही करते हैं.
अमित रंजन

स्वयंसेवक बताते हैं कि अगर कोई ‘भारत माता की जय’ नहीं बोलता है तो इसका मतलब उसके अंदर राष्ट्रप्रेम की भावना नहीं है. राष्ट्रभक्ति की भावना नहीं है.

रोजगार के बारे में बात करते हुए वो बताते हैं कि आरएसएस का मोटो की है कि इंसान स्वावलंबी बने. सरकार सभी को रोजगार नहीं दे सकती है, लोग नौकरी सृजन करने वाले बने तभी बेरोजगारी की समस्या दूर हो सकती है.

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