‘राजपथ’ में बोले भूपेश बघेल- सवर्ण आरक्षण भी एक तरह की जुमलेबाजी

‘राजपथ’ में बोले भूपेश बघेल- सवर्ण आरक्षण भी एक तरह की जुमलेबाजी

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वीडियो प्रोड्यूसर: अभय कुमार सिंह

वीडियो एडिटर: विशाल कुमार

छत्तीसगढ़ में मिली कांग्रेस की जीत के 'मैन ऑफ द मैच' भूपेश बघेल बताए जा रहे हैं. चुनाव प्रचार से लेकर रणनीति बनाने तक की जिम्मेदारी भूपेश बघेल ने बखूबी निभाई और अब वो राज्य के सीएम हैं.

सत्ता में आने के बाद ही किसान कर्जमाफी जैसे बड़े फैसले सुनाने वाले बघेल से क्विंट के एडिटोरियल डायरेक्टर संजय पुगलिया ने खास बातचीत की. क्विंट के खास शो राजपथ में भूपेश बघेल ने कहा कि सवर्ण आरक्षण का कदम उठाना, एनडीए सरकार का एक और जुमला है. उन्होंने कहा कि ये ठीक वैसा ही है, जैसा पीएम मोदी पहले कह चुके हैं कि विदेश से कालाधन आएगा, 15-15 लाख अकाउंट में जमा होंगे.

छत्तीसगढ़ का चुनाव क्या देश का मूड बताता है?

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को मिली लैंडस्लाइड विक्ट्री को कुछ लोग एक छोटे राज्य में कांग्रेस की जीत की तरह देख रहे हैं, ये कितना सही है? इस सवाल के जवाब में भूपेश बघेल कहते हैं कि बीजेपी के नेता खुद ही इसे सेमीफाइनल बता रहे थे.

ये सिर्फ छत्तीसगढ़ चुनाव की बात नहीं है. 5 राज्यों में बीजेपी का सफाया हुआ है. अब वो हार गए हैं, कहीं रेस में नहीं हैं.
भूपेश बघेल, सीएम, छत्तीसगढ़

बघेल छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की जीत का श्रेय संगठन को देते हैं. उनका कहना है कि लोगों में इस बात की गफलत है कि कांग्रेस सिर्फ मास बेस पार्टी है, लेकिन कांग्रेस हमेशा से कैडर बेस पार्टी रही है.

सवर्ण आरक्षण पर क्या है भूपेश बघेल की राय?

आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के सरकार के कदम को भूपेश बघेल एक और ‘जुमलेबाजी’ बता रहे हैं. उनका कहना है कि चीजें बिलकुल साफ नहीं है.

अब तक किसी के अच्छे दिन आए नहीं, जुमलेबाजी की तरह ये भी है. आप कह तो रहे हैं कि सवर्णों को आरक्षण दे रहे हैं, लेकिन किन सवर्णों को दे रहे हैं? एक राज्यमंत्री बता रहे हैं कि ब्राह्मण, बनिया, ठाकुर को ले रहे हैं. मुस्लिम-ईसाई को भी ले रहे हैं. स्वरूप कुछ साफ नहीं है. ये समझते-समझते तीन महीना बीत जाएगा.

किसानों के मुद्दे हैं प्राथमिकता: बघेल

भूपेश बघेल कहते हैं कि किसानों के मुद्दे सरकार की प्राथमिकता है. किसान कर्जमाफी के अलावा सरकार के पास कई ऐसी योजनाएं हैं, जिससे छत्तीसगढ़ को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मॉडल बनाने की कोशिश है.

क्या कर्जमाफी सिर्फ फौरी समाधान है, ऐसे सवाल उठ रहे हैं, इन सवालों पर भूपेश बघेल कहते हैं:

ये बात सही है कि ये स्थाई हल नहीं है. इस देश में जब आप 15 बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ कर सकते हैं, तो आप किसानों के कर्ज क्यों माफ नहीं कर सकते हैं.

नक्सलवाद की समस्या पर भूपेश बघेल कहते हैं कि जो लोग इससे प्रभावित हैं, पिछली सरकारें उनसे ही बात नहीं करती थी, अब पहले प्रभावितों से बात होगी और एक निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा.

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