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बुलंदशहर: इस दलित परिवार को गांव के पंडितों से लगता है डर

14 मार्च 2017 को पीड़िता के साथ हुई थी रेप की कोशिश, आरोपियों ने जलाया था घर

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मैं अब घर से नहीं निकलती, दुनिया का सामना करने पर शर्मिंदगी महसूस होती है.

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पिछले साल मार्च 2017 को सोनल (बदला हुआ नाम) के साथ गांव के चार लड़कों ने रेप करने की कोशिश की और उसके घर को आग के हवाले कर दिया. इस सबक का कारण वो जातिवाद बताती है.

हम वाल्मिकी हैं लेकिन किसी तरह हमने खुद से पक्का घर बनवा लिया था और पट्टे पर दूसरी जमीन भी ले ली थी. वो पंडित हमसे जलते थे. वो हमें गांव से बाहर निकालना चाहते थे. इसलिए उन्होंने हमारा घर जलाया.
सोनल (बदला हुआ नाम)

14 मार्च 2017 को क्या हुआ?

14 मार्च 2017 की उस भयावह शाम के बाद सोनल अब गाजियाबाद में रह रही हैं.

शाम करीब 7.30 बजे थे. मैं अपने पशुओं को चराने के लिए ले जा रही थी. मैं गेट के पास आई तभी चार लड़के आए और मुझे पकड़ लिया. उन्होंने मेरी पिटाई की. वो मेरे साथ जबरदस्ती करने लगे.

उन्होंने मुझे पीटा, घसीटा और जंगल में मरने के लिए छोड़ दिया: पीड़िता का भाई

सोनल (बदला हुआ नाम) के भाई राजा ने जब बहन की आवाज सुनी तो दौड़ कर आया, लेकिन गांव के कुछ और लोग उसे पीछे के रास्ते गांव से बाहर ले गए और बुरी तरह मारपीट की. राजा ने कहा कि उसे छड़ी और रॉड के मारा गया. जब उसे होश आया तो वो बुलंदशहर के एक अस्पताल में पड़ा था.

पीड़िता का गांव
(फोटो: Asmita Nandy/The Quint)

इस बीच राजा ने ये भी आरोप लगाया कि पंडितों ने उसके घर को लूट लिया और घर में आग लगा दी. साथ में उसके घर की दो मोटरसाइकिलें भी जल गईं. उसे घर के बाकी सदस्यों के पता चला कि जब उसका घर जलाया गया तो पुलिस वहां थी.

वीडियो में देखिए पूरी स्टोरी.

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