लोकसभा चुनाव 2019: ऐसे करें अपने नेता का पूरा बैकग्राउंड चेक

लोकसभा चुनाव 2019: ऐसे करें अपने नेता का पूरा बैकग्राउंड चेक

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वीडियो एडिटर: राहुल शंपुई

कैमरा: शिव कुमार मौर्या

आम चुनावों की तारीखें हो गई हैं डिक्लेयर, तो ऐसे में घपलेबाज और दागी नेताओं से हो जाइए बिवेयर.

पाए लागी!!

2019 के आम चुनाव में 2,000 पार्टियां और लगभग 8,000 कैंडिडेट, 543 सीटों के लिए इस बार भिड़ेंगे. 7 फेज में होने जा रहा ये चुनावी रॉयल रंबल, 11 अप्रैल को शुरू होगा और 23 मई को इसके परिणामों की घोषणा होगी.

इस बार लोकसभा चुनावों में भाग लेंगे 1.5 करोड़ नए युवा वोटर. 18-19 साल के ये मतदाता कुल मतदाताओं के 1.66% हैं. अब चुनाव के टाइम पर हर थानोस, थलाइवा बनने की कोशिश करता है. ऐसे में किसको वोट दें इसका निर्णय संभल कर करना जरूरी है, ताकि अगले 5 साल विकास हो, सिर्फ जुमलेबाजी नहीं.

टेंशन हो रही है?

घबराइए मत, क्योंकि BTech बबुआ आ चुका है. मैं आपको बताऊंगा वो तरीके, जिनकी मदद से आप अपने कैंडिडेट के बारे में पूरी जानकारी ले सकते हैं.

नंबर 1:  ADR माने  Association for Democratic Reforms.

ADR और नेशनल इलेक्शन वॉच ने साथ में  इलेक्शन वॉच किए हैं,  लोकसभा चुनावों के लिए, राज्यसभा चुनावों के लिए और सभी राज्यों के चुनावों के लिए 2003 के बाद से. ADRindia.org के पास  लगभग 3,00,000 कैंडिडेट का डेटा है, जिन्होंने राज्यों या आम चुनावों में भाग लिया है.

इस साइट को इस्तेमाल करना एकदम हलवा है. साइट पर जाओ, सर्च में अपने कैंडिडेट का नाम लिखो और सर्च मारो. हाजिर है उसकी पूरी जन्मपत्री,  माने बैकग्राउंड रिपोर्ट जो कि आधारित है  आपराधिक, आर्थिक, शैक्षिक और आयकर डिटेल्स पर.

मोबाइल में ADR आधारित My Neta App को डाउनलोड करके ये सभी डिटेल्स आप अपने फोन पर एक्सेस कर सकते हैं और इन डिटेल्स को SMS या मेल या फेसबुक से अपने दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते हैं.

No. 2 Neta ऐप  माने लीडर्स का रिपोर्ट कार्ड.

ये नेताओं का Swiggy और Zomato है.  नहीं-नहीं, नेताओं की होम डिलीवरी नहीं होती,  मगर नेताओं को रेटिंग दे सकते हैं.
ये एक सर्वे ऐप की तरह है, जिस पर रजिस्टर्ड यूजर अपने क्षेत्र के नेता को सर्च करके, उनके काम के आधार पर उन्हें 1-5 के बीच रेटिंग दे सकते हैं और कमेंट करके या वीडियो अपलोड करके  अपने रेटिंग की वजह रिकॉर्ड कर दूसरों को बता सकते हैं.

लेकिन रेटिंग कितनी सही है, इसका अनुमान लगा पाना थोड़ा मुश्किल है, क्योंकि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि रेटिंग देने वाले किसी राजनीतिक पार्टी के सदस्य या नेता नहीं हैं.
इस ऐप के About सेक्शन में तो यहां तक लिखा है कि नेता इस ऐप से अपने वोटर से जुड़ सकते हैं  अपने काम को हाइलाइट कर सकते हैं और ज्यादा पॉपुलर हो सकते हैं.

No. 3: Voter Helpline ऐप

वोट के बदले गिफ्ट बांटना आचार संहिता का उल्लंघन है. अगर कोई नेता ऐसा करता है तो उसकी शिकायत दर्ज करना बहुत आसान है. फोन में डाउनलोड मारो Voter Helpline ऐप.

ये इलेक्शन कमीशन का ऐप है.  इसके कम्प्लेन सेक्शन में जाकर अपनी डिटेल्स डालो,  कम्प्लेन लिखो और साथ में गिफ्ट की हुई चीजों की फोटो डालो और submit मारो.  ये कंप्लेन सीधा इलेक्शन कमीशन के पास  रजिस्टर हो जाएगी और दोषी पाए जाने पर उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया जाएगा.

No. 4:  My Report

The Quint और क्विंट हिंदी ने शुरू किया है My Report कैंपेन, जिसमें आप अपने एरिया से जुड़ी कोई भी दिक्कत- जैसे बिजली, पानी, सड़क इत्यादि का वीडियो बनाकर भेज सकते हैं. हम उस वीडियो को अपनी साइट पर दिखाएंगे और आपकी आवाज को प्रशासन तक पहुचाएंगे.

बाकी किसी भी कैंडिडेट को  धर्म, जाति या कंस्ट्रक्शन के आधार पर  वोट न दें.  याद रहे वोटर होने के नाते देश का भविष्य आपके हाथों में है. लाइक, शेयर, सब्सक्राइब मारो और बाकी वोटरों को भी शिक्षित करो.

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