सऊदी अरब की 18 साल की रहफ को अपने ही देश से खतरा क्यों?

सऊदी अरब की 18 साल की रहफ को अपने ही देश से खतरा क्यों?

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वीडियो एडिटर: आशुतोष भारद्वाज

प्रोडूसर: खेमता जोस

सऊदी अरब की रहने वालीं 18 साल की रहफ मोहम्मद अल-कुनन का इस्लाम छोड़ कर देश से बाहर जाना आफत बन गया है. देश छोड़ कर ऑस्ट्रेलिया जा रही रहफ को थाईलैंड में रोक लिया गया. वहां उन्होंने खुद को होटल के एक कमरे में बंद कर लिया था. हालांकि सुरक्षा का आश्वासन देने पर वह कमरे से बाहर आ गई हैं लेकिन कहा है कि UNHCR से मिले बिना वह अपना कमरा नहीं छोड़ेंगी. उन्हें शरण चाहिए.

जब थाईलैंड के अफसरों ने उनसे बात करने के कोशिश की तो उन्होंने अफसरों को कहा- उन्हें राजनीतिक शरण चाहिए. वह वापस अपने देश नहीं जाना चाहती हैं. जब तक इसकी गारंटी नहीं मिलती वह यहां से नहीं जाएंगी.

(फोटो: रॉयटर्स)

असल में रहफ ने सोशल मीडिया पर याचिका के तौर पर एक पोस्ट डाला था जो देखते ही देखते वायरल होने लगा. इतना ही नहीं उस पोस्ट में रहफ ने अपनी सारी परेशानियों का जिक्र किया है जिसमे उनकी शादी, फैमिली अब्यूज और इस्लाम धर्म त्यागने जैसी बातें कही गई हैं . बीबीसी हिंदी के मुताबिक इस पोस्ट के वायरल होते ही ऑस्ट्रेलियाई सरकार पर उन्हें शरण देने का दबाव बढ़ने लगा है. ऑस्ट्रेलिया की विपक्षी पार्टी का कहना है कि रहफ को यहां जरूर शरण मिलना चाहिए.

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वहां की प्रमुख सीनेटर ने रहफ को शरण देने की मांग पर कहा

मैं सरकार से आग्रह करती हूं कि वो इस महिला को ऑस्ट्रेलिया लाने के लिए जो बन पड़ता है करें, ये हमारे लिए एक अवसर है हमारे उसूलों यानी आजादी, निष्पक्ष और सभ्य समाज को दिखाने का जहां लोकतंत्र और हर एक की आजादी का सम्मान किया जाता है 
सीनेटर, ऑस्ट्रेलिया

जब रहफ ने अपने आप को थाईलैंड के होटल के कमरे में बंद कर लिया था तो थाईलैंड की अथॉरिटी ने UNHCR को दखल के लिए बुलाया. UNHCR ने रहफ को रिफ्यूजी स्टेटस भी दिया. थाईलैंड के इमिग्रेशन विभाग के एक आला अफसर ने कहा

अगर वो वापस जाना नहीं चाहती, तो हम उन्हें भेज नहीं सकते फिलहाल वो वापस जाना नहीं चाहती . हम उन पर दबाव नहीं बनाएंगे वो मुश्किल से भागी है, थाइलैंड हंसी-खुशी वाला देश है हम किसी को मरने के लिए नहीं भेज सकते हम ह्यूमन राइट्स के हिसाब से ही काम करेंगे
सुराशेट हैकपर्न, चीफ मेजर जनरल, थाई इमिग्रेशन 

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रहफ अब भी थाईलैंड में हैं. थाईलैंड के अधिकारियों ने कहा है कि ये एक गैर-राजनीतिक मुद्दा है-

दोनों देशों ने रहफ की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है और ये स्थिति राजनीतिक या द्विपक्षी संबंध को लेकर नहीं है, थाईलैंड और सऊदी अरब का इससे कोई लेना देना नहीं है ये मिस रहफ का UNHCR के अंतर्गत निजी फैसला है  
सुराशेट हैकपर्न, चीफ मेजर जनरल, थाई इमिग्रेशन

रिफ्यूजी स्टेटस मिलने के बाद रहफ होटल के कमरे से बाहर आ गयी हैं और अब उन्हें अपने परिवार और देश से दूर ऑस्ट्रेलिया से मदद का इंतजार है

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