जिंदगी बदल कर रख देंगी ये 5 तकनीकें

इन पांच तकनीकों पर 2020 में रहेगी नजर

Updated02 Jan 2020, 05:31 PM IST
न्यूज वीडियो
3 min read

वीडियो एडिटर: पूर्णेंदू प्रीतम

भविष्य टेक्नोलॉजी का है. दुनिया ने टेक्नोलॉजी की फील्ड में काफी तरक्की की है और आने वाले समय में इसमें और तरक्की होनी बाकी है. रोबोट्स, जीन एडिटिंग, मिक्स्ड रियलिटी... इन टेक्नोलॉजी पर इस साल पूरी दुनिया की नजर रहने वाली है. जानिए इन 5 तकनीकों के बारे में, जिनमें हमारी जिंदगी को पूरी तरह से बदल कर रख देने की गुंजाइश है.

मिक्स्ड रियलिटी


मिक्स्ड रियलिटी को आसान शब्दों में कहें तो हमारी फिजिकल दुनिया में डिजिटल का मिक्स. मिक्सड रिएलिटी आपके लिए एक ऐसी दुनिया बनाते हैं, जहां फिजिकल और वर्चुअल वर्ल्ड मिक्स हो जाते हैं. जरा सोचिए, आप स्टेडियम में मैच देखना चाहते थे, लेकिन किसी कारण नहीं देख पाए. मिक्सड रिएलिटी टेक्नोलॉजी के जरिए आप इस मैच को अपने घर के सोफे पर बैठ कर देख सकते हैं. अब आप सोचेंगे कि वो तो टीवी पर भी लाइव देखा जा सकता है... लेकिन टीवी कितना भी एचडी क्यों न हो, वो आपको स्टेडियम में मौजूद रहने का आभास नहीं कराएगा. मिकस्ड रिएलिटी आपको वर्चुअल दुनिया के जरिए असली दुनिया में होने का 'आभास' कराता है.

रोबोट्स का होगा फ्यूचर

आने वाले साल में कई जगह रोबोट्स ले सकते हैं. कहा यहां तक जा रहा है कि ये रोबोट और ऑटोमेशन आपकी नौकरी खा जाएंगे. वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की Future Of Jobs 2018 रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 तक 7.5 करोड़ नौकरियां ऑटोमेशन खा जाएगा, लेकिन इसी रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि 13 करोड़ नौकरियां भी इसी के कारण पैदा होंगी. नौबत ये भी आ सकती है कि आपके ऑफिस में बॉस के केबिन में एक रोबोट बैठा मिले.

Oracle और Future Workplace की स्टडी के मुताबिक, लोग अपने बॉस की जगह रोबोट पर ज्यादा भरोसा करेंगे. ऐसा मानने वालों में भारत और चीन के लोगों की तादाद ज्यादा है. बहरहाल रोबो बॉस निकट भविष्य में हो या नहीं लेकिन इतना तय है कि इंसानों और रोबोट्स में तालमेल ज्यादा होगा. 

सोलर एनर्जी

सोलर एनर्जी की फील्ड में भारत और दुनिया के कई बड़े देश पहले ही काफी काम कर रहे हैं. उम्मीद है कि 2020 में इन देशों को इस फील्ड में और कामयाबी मिलेगी और सोलर, एनर्जी का एक बड़ा सोर्स बन कर उभरेगा. 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी ने इंटरनेशनल सोलर एलायंस शुरू किया था, और तब से लेकर अब तक कई देश इसमें शामिल हो चुके हैं. भारत का उद्देश्य, रिनीवल सोर्सेस से 2022 तक 175 GW बिजली पैदा करने का है, जिसमें से 100 GW सोलर एनर्जी से होगी. कैलिफोर्निया की एक कंपनी Heliogen ने कुछ ऐसा अचीव किया है, जो आने वाले सालों में फॉसिल फ्यूल्स की जरूरतों को खत्म कर सकता है.

डिजिटल होगी बैंकिंग

ऑटो से लेकर पान की दुकान तक पर लोग, पेटीएम जैसे मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं. कैश और छुट्टे रखने की झंझट आज कल कोई नहीं पालना चाहता. ऐसे में अगले कुछ सालों में इंटरनेट की पहुंच और ऑनलाइन अवेयरनेस गांव-गांव तक पहुंचने के साथ ही देश में इंटरनेट बैंकिंग और ऑनलाइन पेमेंट लोगों की पहली पसंद बन जाएगा.

इनेबल्ड UPI यानी कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस ने लोगों के लिए बैंकिंग को और आसान बना दिया है. 2019 की तीसरी तिमाही में 2.9 अरब UPI ट्रैंजैक्शन्स रहीं. पिछले साल के मुकाबले ये 183 फीसदी ज्यादा है.

बीमारियों को बाय-बाय

मलेरिया से हर साल दुनिया भर में मौतें होती हैं. अब कोशिश हो रही है कि इन मच्छरों के जीन में कुछ ऐसे बदलाव किए जाएं कि ये स्पीसीज ही खत्म हो जाए. इतना ही नहीं इस जेनेटिक एडिटिंग के जरिए डायबीटिज से लेकर थैलसीमिया तक, पीढ़ी दर पीढ़ी आगे जाने वाली बीमारियों का खात्मा हो सकता है.

इंसानों के बोन मैरो में जेनेटिक इंजीनियरिंग करके रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाई जा सकती है. आंतों में रहने वाले कुछ बैक्टीरिया की डीएनए को समझ कर डाइजेशन सिस्टम ठीक किया जा सकता है. वजन घटाने की तरकीब निकाली जा सकती है.

एक अंदाजा है कि इस जीन एडिटिंग तकनीक से 90 परसेंट जेनेटिक बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है. हालांकि इसमें अलग-अलग देशों के कानून एक चुनौती हैं. 2020 में कितनी तरक्की होती है... इस पर सबकी नजर रहेगी.

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Published: 02 Jan 2020, 05:29 PM IST
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