आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस करियर के लिए पंगा नहीं चंगा है

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस करियर के लिए पंगा नहीं चंगा है

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वीडियो एडिटर: पूर्णेंदु प्रीतम

क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या ऑटोमेशन से नौकरियों पर खतरा है? अगर ऐसा है तो अमेरिका, चीन और भारत समेत दुनियाभर की सरकारें इसे बढ़ावा क्यों दे रही हैं, सच्चाई ये है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नौकरियों के लिए बड़ा मौका बन सकती है और इस सेक्टर में एक बेहतर करियर बनाया जा सकता है.

ऐसे में पहले ये जानना जरूरी है कि

  • आखिर ये आर्टिफिशियल इंटेलि‍जेंस है क्या?
  • कैसे काम करता है और
  • यूथ इस सेक्टर में अपना फ्यूचर कैसे बना सकते हैं?

मशीन और इंसान में क्या फर्क है, जरा सोचिए...दिमाग का, इंटेलिजेंस का. मतलब कि अगर आप किसी भी मशीन से ये उम्‍‍‍‍मीद करें कि वो अपने आप बिना डायरेक्शन दिए हुए कोई नया काम करने लगे, तो ऐसा नहीं हो सकता है. लेकिन इंसान का दिमाग अपनी जरूरतों और कंडीशन के हिसाब से किसी काम को पूरा करता है.

(फोटो: ट्विटर)
अब दुनियाभर के साइंटिस्ट, इंजीनियर इसी जुगाड़ में जुटे हैं कि कैसे आदमी के दिमाग की तरह काम करने वाला सिस्टम तैयार किया जा सके. इसमें कुछ हद तक सफलता भी हासिल की जा चुकी है. जैसे एपल की सीरी, गूगल असिस्टेंट. जो आपके दिए हुए काम का अपने इंटेलिजेंस के आधार पर जवाब दे देते हैं, कुछ हदतक एक इंसान के दिमाग की तरह काम करते हैं. आपको जानकार हैरानी होगी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला सिस्टम 1997 में शतरंज के महान खिलाड़ियों में से एक रहे गैरी कास्पोरोव को हरा चुका है....

हाल ही में आपने क्विंट पर इन मोहतरमा को भी देखा होगा, ये हैं रोबोट रश्मि, जो Artificial Intelligence(AI) का इस्तेमाल कर जवाब देती है, साथ ही आपके चेहरे को भी पहचान सकती हैं.

(फोटो: क्विंट हिंदी)

मतलब, एक इंटेलिजेंट मशीन तैयार करना ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का काम होता है.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जरूरत क्यों है?

(फोटो: ट्विटर)

इसे समझते हैं? दुनिया को बेहतर बनाने के लिए इसकी जरूरत है... ये तो हो गई ऊपरी-ऊपरी बातें. काम की बात ये है कि हर साल फैक्‍ट्र‍ियों में, ऑफिसों में मशीनें इंसान की जगह लेती जा रही हैं. पिछले साल आई प्रतिष्ठित रिसर्च कंपनी Hfs के मुताबिक, सिर्फ अपने ही देश में आईटी इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 40 लाख लोगों में से 7-10 फीसदी की नौकरी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन की वजह से जा सकती है.

जिन सेक्टर पर रोबोटिक सिस्टम और मशीन लर्निंग का ज्यादा असर होगा, उनमें आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, एग्रीकल्चर और फॉरेस्ट्री शामिल हैं. इन सेक्टर में ऐसे लोगों की जरूरत पड़ेगी, जो AI समझते हों और काम कर सकें. फेसबुक, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनिियां भी इस सेक्टर में निवेश कर रही हैं और आगे भी करने को तैयार हैं . ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यूथ के लिए बेहतर करियर ऑप्शन बन सकता है.

कैसे करें इस फील्ड में एंट्री की तैयारी?

(फोटो: ट्विटर)

अगर आपने 12th में मैथ्स, साइंस की पढ़ाई की हो, तो आप आगे के लिए AI को भविष्य के तौर पर अपना सकते हैं. कंप्यूटर साइंट में ग्रेजुएट युवा, AI में मास्टर्स कर सकते हैं.

IIT हैदराबाद इसी साल AI में बीटेक प्रोग्राम शुरू करने जा रहे है, ये AI में पहला बीटेक कोर्स होगा. यहां एमटेक में डेटा साइंस, मशीन लर्निंग और AI जैसे कोर्स पहले से ही शुरू कराए जा रहे हैं.

इसी तरह दूसरे IITs भी अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लिए सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की तैयारी में है. IIT madram, rorkee और Ropar में कोर्स कराए जा रहे हैं या कराए जाने वाले हैं.

मतलब, करियर साफ दिख रहा है, अपने करियर में Artificial Intelligence का ईंधन भरिए और उड़ान के लिए तैयार हो जाइए.

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