किसान मार्च: अब नंगे बदन संसद का घेराव करेंगे किसान? 10 बड़ी बातें

किसान मार्च: अब नंगे बदन संसद का घेराव करेंगे किसान? 10 बड़ी बातें

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देशभर से हजारों किसान कर्ज में राहत और न्यूतम समर्थन मूल्य समेत अपनी कई मांगों को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं. गुरुवार से ही किसानों का जमावड़ा दिल्ली में शुरू हो गया है. इस आंदोलन में शामिल तमिलनाडु के किसान समूह का कहना है कि अगर उन्हें शुक्रवार को संसद भवन नहीं जाने दिया गया तो वो नग्न होकर मार्च करेंगे. ऐसे में जानते हैं इस 'किसान मुक्ति मार्च' से जुड़ी 10 बड़ी बातें-

  1. किसान नेताओं ने बताया कि आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दूसरे राज्यों के किसान दिल्ली में जुटे हैं.
  2. ये किसान दिल्ली के 4 अलग-अलग रास्तों से मार्च करते हुए रामलीला मैदान की तरफ बढ़ रहे हैं.
  3. योगेंद्र यादव ने क्विंट को बताया कि किसान त्रस्त हैं और हमें अपने न्यूनतम अधिकार नहीं मिल रहे हैं. हम सरकार से न्यूनतम फसल के दाम और किसानों का सिर्फ एक बार कर्जा माफ किए जाने की मांग कर रहे हैं.
  4. क्विंट ने रामलीला मैदान के लिए मार्च कर रहे किसानों से उनकी समस्याओं को जानने की कोशिश की. फसल पर उचित दाम और कर्जमाफी वो आम मांग है, जिसकी ये किसान लगातार मांग कर रहे हैं और जिसके लिए उन्हें खेती-बाड़ी छोड़कर रामलीला मैदान में प्रदर्शन करना पड़ रहा है.
  5. तमिलनाडु के किसान समूह ने कहा है कि अगर उन्हें शुक्रवार को संसद भवन नहीं जाने दिया गया तो वो नग्न होकर मार्च करेंगे. किसानों का ये समूह आत्महत्या कर चुके अपने साथी किसानों की खोपड़ियां लेकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने गुरुवार को दिल्ली पहुंचा
  6. तमिलनाडु में कर्ज नहीं चुका पाने की वजह से 700 से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं. पिछले साल, तमिलनाडु के किसानों के इसी समूह ने खेती में हुए नुकसान के बाद आत्महत्या करने वाले अपने आठ साथियों की खोपड़ियां लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया था.
  7. इस आंदोलन की वजह से दिल्ली के कुछ हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ है. गुरुवार सुबह जब किसान आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर पहुंचे जहां वाम समर्थित छात्र संगठन आइसा के सदस्यों ने उनका स्वागत किया.
  8. दिल्ली पुलिस ने किसानों के दो दिन के इस आंदोलन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया है.
  9. किसान नेताओं ने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि शाम तक रामलीला मैदान में एक लाख किसान एकत्र होंगे.
  10. कई सियासी पार्टियों और छात्रों का समर्थन इस आंदोलन के लिए है.

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