ADVERTISEMENT

कोरोना की तीसरी लहर से बचने का उपाय- ‘काबिल अफसर लगाइए’

कोरोना से जंग में सरकार कितनी गंभीर है, इसकी कड़वी सच्चाई, इकनॉमिस्ट ओंकार गोस्वामी EXCLUSIVE

वीडियो एडिटर: मोहम्मद इरशाद आलम

इकनॉमिस्ट ओंकार गोस्वामी ने क्विंट के साथ बातचीत में कहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग और वैक्सीनेशन से ही कोरोना वायरस के प्रसार को रोका जा सकता है. हालांकि, उन्होंने कहा कि हमारे कल्चर में सोशल डिस्टेंसिंग है ही नहीं, ऐसे में भारत में कोरोना से बचने का केवल एक ही तरीका बचता है कि 18 साल से ऊपर के सभी लोगों का टीकाकरण किया जाए.

ADVERTISEMENT
उन्होंने कहा कि भारत में 18 साल से ऊपर की आबादी के टीकाकरण के लिए 198 करोड़ डोज चाहिए. इसके आगे गोस्वामी ने कहा कि देश के COVID टीकाकरण अभियान में सबसे बड़ी समस्या यह है कि बीते महीनों में सरकार बोलती बहुत कुछ रही, लेकिन कुछ भी खास नहीं हुआ.
ADVERTISEMENT

उन्होंने सवाल किया कि 'क्या सरकार उल्लू बना रही है', अगर उसके पास 35000 करोड़ रुपये हैं तो लॉजिस्टिक कॉस्ट को मिलाकर 350 रुपये प्रति खुराक के हिसाब से वो 100 करोड़ डोज क्यों नहीं खरीदती? गोस्वामी ने सवाल किया कि सरकार ने वक्त पर वैक्सीन के लिए ऑर्डर क्यों नहीं दिया?

उन्होंने कहा,

  • ''35 हजार करोड़ रुपये से वैक्सीन लीजिए.''
  • ''राज्यों के अलग टेंडर को भूल जाइए.''
  • "सेंट्रल विस्टा और बाकी कुछ चीजें बंद कीजिए"
  • "मौतों के बीच सेंट्रल विस्टा पर काम करना मूर्खता है."
ADVERTISEMENT

"मुंबई की हालत सुधरी क्योंकि उद्धव ने काम करने की आजादी दी"

गोस्वामी ने कोरोना महामारी को लेकर मुंबई की स्थिति में सुधार का जिक्र किया और कहा कि मुंबई की हालत इसलिए सुधरी क्योंकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने काम करने की आजादी दी. उन्होंने कहा कि BMC चीफ इकबाल सिंह चहल को काम करने की आजादी दी गई, मुंबई को इसका फायदा मिला.

गोस्वामी ने कहा कि चहल जैसे काबिल अफसर काफी हैं, लेकिन यूपी-दिल्ली में किसी अफसर को जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई.

उन्होंने कहा,

  • "हर राज्य में पांच काबिल अफसरों को जिम्मेदारी दीजिए."
  • "उन्हें ताकत दीजिए. जैसे उद्धव ने दिया."
ADVERTISEMENT

'कोरोना मौतों के आंकड़े गलत'

गोस्वामी ने कहा कि हर राज्य से कोरोना मौत के आंकड़े गलत आ रहे हैं. इसके अलावा बातचीत के दौरान उन्होंने कहा,

  • "कोरोना महामारी की तीसरी लहर का आना तय है, चार से छह महीने में तीसरी लहर आएगी."
  • "वायरस और खतरनाक होगा."
  • "तीसरी लहर के लिए सुविधाएं बढ़ाइए."

उन्होंने महामारी की दूसरी लहर को लेकर कहा कि यह मई के अंत तक नीचे जाने लगेगी.

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)

ADVERTISEMENT
Published: 
ADVERTISEMENT
क्विंट हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

120,000 से अधिक ग्राहक जुड़ें!
ADVERTISEMENT