असम शराबकांड के बाद क्या है चाय बगान श्रमिकों के चुनावी मुद्दे?

असम शराबकांड के बाद क्या है चाय बगान श्रमिकों के चुनावी मुद्दे?

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वीडियो एडिटर: पुनीत भाटिया

असम में जहरीली शराब पीने से करीब 150 लोगों की मौत हो गई थी. मृतकों में ज्यादातर चाय बागानों के श्रमिक शामिल थे. ये श्रमिक गोलाघाट और जोरहाट के चाय बागानों से थे.

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क्विंट ने नॉर्थ-ईस्ट की चुनावी यात्रा के दौरान गोलाघाट और जोरहट जिले में पहुंचा. हमने हलमीरा टी एस्टेट में काम करने वाले लोगों से उनकी स्थिति के बारे में जानने की कोशिश की.

चाय बगान में काम करने वाले, टी ट्राइब के लिए इस चुनाव में क्या है मुद्दा?

हमने अधिकतर कांग्रेस के लिए वोट दिया है, लेकिन उन्होंने हमारे लिए ज्यादा कुछ नहीं किया, इसलिए हम बीजेपी को एक मौका देना चाहते हैं
बाबुल दास, कर्मचारी, हलमीरा टी स्टेट 
बीजेपी ने यहां बैंक अकाउंट खुलवाए हैं जिसमें उन्होंने 2,500 रुपये डाले हैं. वो गैस-चूल्हा की सुविधा भी दे रहे हैं, हमारे यहां अब सड़क है, ये सब कुछ 5 सालों में हुआ. 
भानु, कर्मचारी, हलमीरा टी स्टेट 

यहां के कई स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां कई नेताओं ने आकर उन्हें अनुसूचित जाति में शामिल करने की बात कही है. गांव वालों का कहना है कि नेताओं ने इसे मुद्दा बनाकर कई बार वोट मांगे हैं.

हर साल चुनाव से पहले नेता इस जनजाति को लुभाने की कोशिश करते रहे हैं, उन्हें अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का वादा करते है. लेकिन इस बार हलमीरा टी एस्टेट के लोगों का क्या है सियासी रुख? देखिए वीडियो.

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