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क्रेविंग का अर्थ है खास खाद्य पदार्थों के लिए तीव्र इच्छा और यह एक बड़ा कारण है कि अधिकांश लोग किसी डाइट पर डटे नहीं रह पाते हैं.
वे स्वस्थ आहार खाने में बाधा डालते हैं और हमारे स्वास्थ्य को कमजोर करते हैं. ज्यादातर लोग अक्सर अपने अच्छे इरादों को छोड़ देते हैं - जैसे कि वजन कम करना और फिट होना - सिर्फ इसलिए कि वे दिन के एक खास समय पर कुछ विशिष्ट खाने की इच्छा पर नियंत्रण नहीं कर पाते हैं.
हमारी लालसा हमारे शरीर के वजन को भी सीधे प्रभावित करती है.
लेकिन क्या अपनी लालसा पर काबू पाना सच में इतना मुश्किल है? नहीं, बिल्कुल नहीं.
पहले यह समझना जरूरी है कि ये होता क्यों है - इसके कई कारण हो सकते हैं - और फिर उससे निपटा जा सकता है. हां, उन पर नियंत्रण किया जा सकते है.
ऐसा करने के लिए इस चेकलिस्ट का पालन करें:
भोजन न छोड़ें
सबसे पहले, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सभी मील खाएं और ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज जैसे धीमी एनर्जी रिलीज करने वाले खाद्य पदार्थों का चयन करके लालसा का मुकाबला करें. भोजन छोड़ना असहनीय लालसा को ट्रिगर करने का एक निश्चित तरीका है.
एक स्वस्थ नाश्ता करें
इसमें प्रोटीन (अंडा, डेयरी, लीन मांस, स्प्राउट्स), एक फल, कुछ अच्छे फैट (बीज, नट) और एक कॉम्प्लेक्स कार्ब (साबुत अनाज) शामिल करें ताकि दोपहर के भोजन तक आपकी क्रेविंग कंट्रोल में रहे.
स्ट्रीट डाइट से क्रेविंग को कंट्रोल करना बहुत मुश्किल है - वे अनियंत्रित इच्छा की तरफ ले जाते हैं. पूरे पैक के बजाय एक या दो बिस्किट खाना, या कोई दूसरी चीज खाना (जैसे बिस्कुट की जगह कोको पीना) जैसे कदम हमेशा लालसा का मुकाबला करने में बेहतर काम करेंगे.
उन खाद्य पदार्थों को ध्यान से देखें जिन्हें आप खा रहे हैं
फैट, शुगर, नमक (कैफीन और अल्कोहल भी) जैसे खाद्य पदार्थ हमारे खून में ओपिओइड छोड़ते हैं, जो हमें अस्थायी संतुष्टि की भावना देते हैं, लेकिन एक प्रकार का रासायनिक असंतुलन भी पैदा करते हैं, जिससे क्रेविंग बढ़ती है.
इससे निपटने के लिए अधिक प्राकृतिक खाद्य पदार्थ जैसे फल, अनाज, सब्जियां खाएं; वे संतुलन को सही करने में मदद करते हैं.
अगर क्रेविंग हर दिन एक ही समय पर या परिस्थिति में होती है, तो यह एडिक्शन की ओर संकेत करता है (उदाहरण के लिए काम के बाद वाइन पीने की लालसा, या नेटफ्लिक्स देखते हुए नमकीन खाने की इच्छा). ऐसे में आपको तैयार रहना होगा - ग्रीन टी और कुछ अखरोट या एक गिलास ठंडे दूध साथ रखें.
लालसा और भूख के बीच अंतर करना सीखें
क्या आपके पास ऊर्जा की कमी है, और आपको 'भोजन' की आवश्यकता है या बस कुछ खाने की इच्छा है? इस प्रश्न का ईमानदारी से उत्तर दें और उसके अनुसार एक्शन लें.
हार्मोनल असंतुलन, लो ब्लड शुगर या कमजोर पाचन से सेरोटोनिन कम हो सकता है, जिसके कारण मस्तिष्क को पिक-मी-अप खाना खाने का संकेत जाता है.
कभी-कभी (लेकिन हमेशा नहीं) लालसा पोषण की कमी के कारण हो सकती है.
उदाहरण के लिए, मैग्नीशियम या बी कॉम्प्लेक्स की कमी अक्सर चॉकलेट क्रेविंग के रूप में दिखती है. ऐसे में बादाम, काजू या सूरजमुखी के बीज (सभी मैग्नीशियम से भरपूर) खाएं, और बी कॉम्प्लेक्स के लिए अपने आहार में पत्तेदार साग की मात्रा बढ़ाएं और देखें कि इससे मदद मिलती है या नहीं.
कम कैल्शियम वाले डाइट, या जिनमें पोटेशियम या आयरन की कमी होती हैं, वे नमक की लालसा पैदा कर सकते हैं. इसी तरह, यदि शरीर में क्रोमियम, कार्बन या फास्फोरस की कमी है, तो मिठाई के लिए एक असामान्य इच्छा पैदा हो सकती है.
मानसिक जुड़ाव अक्सर क्रेविंग को ट्रिगर करते हैं. उदाहरण के लिए, यदि आप बचपन में हमेशा रात के खाने के बाद मिठाई खाते हैं, तो आप जीवन भर उसके लिए तरसते रहेंगे जब तक कि आप सचेत रूप से आदत को तोड़ने की दिशा में काम नहीं करते.
व्यायाम और ध्यान
मेडिटेशन से लालसा को रोकने में मदद मिल सकती है. इसे जरूर आजमाना चाहिए.
यह तो हम जानते ही हैं कि प्रकृति में बाहर रहना व्यक्ति की भलाई से जुड़ा होता है, लेकिन अब रिसर्च से पता चलता है कि बाहर व्यायाम करने से लालसा भी कम हो सकती है.
प्रतीक्षा करना सीखें
बस बिस्किट के पैकेट तक हाथ बढ़ाने को 15 मिनट या उससे अधिक के लिए स्थगित कर दें. तब तक जब तक आप वास्तव में भूखे न हो, तब तक इच्छा नष्ट हो जाएगी. मेरा विश्वास करें, यदि आप इस इच्छा को कुछ देर तक अनदेखा करना सीख सकते हैं, तो लालसा आमतौर पर केवल दस मिनट में खत्म हो जाती है.
अपने दिमाग को दूसरी चीज में व्यस्त कर लें
किसी दोस्त के साथ फोन पर चैट करें, अपने पसंदीदा गाने सुनें, अपनी प्रेजेंटेशन को खत्म करने के लिए अपना लैपटॉप खोलें, ध्यान करें या टहलने के लिए बाहर जाएं. और नहीं, उस टीवी को चालू न करें - वह आपको और खाने की तरफ खींचेगा.
कभी-कभी अपने क्रेविंग वाले खाद्य पदार्थों को पूरी तरह बंद करने से, न कि केवल उनकी मात्रा कम करने से, लालसा पर नियंत्रण किया जा सकता है.
तीन सप्ताह तक कंट्रोल बनाए रखने से समस्या का समाधान हो सकता है.
(कविता दिल्ली में स्थित एक न्यूट्रिशनिस्ट, वेट मैनेजमेंट कंसल्टेंट और हेल्थ राइटर हैं. वह डोन्ट डाइट! 50 हैबिट्स ऑफ थिन पीपल (जैको), अल्टीमेट ग्रैंडमदर हैक्स: 50 किक ऐस ट्रेडिशनल हैबिट्स फॉर ए फिटर यू (रूपा) और फिक्स इट विथ फूड्स की लेखिका हैं.)
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