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IPO के रास्ते रिकॉर्ड पैसा जुटाने की कोशिश में कंपनियां,हर हफ्ते आ रहा नया इश्यू

IPO की मदद से इस साल अब तक 28 कंपनियां करीब ₹42,000 करोड़ जुटाने में सफल रही है.

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<div class="paragraphs"><p>इन्वेस्टर को हर हफ्ते बाजार में नये IPO देखने की आदत हो गयी है.</p></div>
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भारतीय शेयर बाजार में आई IPO की बौछार किसी से छिपी नहीं है. इस साल अभी तक 28 कंपनियां अपने इश्यू के साथ बाजार में आ चुकी हैं. कंपनियां जल्द अपना IPO लाकर बाजार के बुलिश सेंटीमेंट का पूरा फायदा उठाना चाह रही हैं. भारत की फूड डिलीवरी स्टार्टअप कंपनी जोमैटो ने हाल में ही आईपीओ के जरिये करीब ₹10,000 करोड़ रुपये जुटाये हैं.

पब्लिक इश्यू से कितना फंड जुटा चुकी हैं कंपनियां?

IPO की मदद से इस साल अब तक 28 कंपनियां करीब ₹42,000 करोड़ जुटाने में सफल रही हैं. प्राइमरी डाटाबेस के अनुसार 34 और कंपनियों ने इश्यू के लिए SEBI (सेबी) के साथ ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस फाइल किया है. यह कंपनियां कुल ₹70,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं. खबरों के मुताबिक 54 से ज्यादा कंपनियों द्वारा जल्द ही SEBI के साथ अपना ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस फाइल किया जा सकता है.

जानी मानी कंपनी PayTM का इश्यू भी इसी साल सितंबर या अक्टूबर में आ सकता है. PayTM की पेरेंट कंपनी One97 कम्युनिकेशन IPO के रास्ते लगभग ₹16,000 करोड़ जुटायेगी.

LIC की भी इश्यू के जरिये ₹60,000- ₹80,000 करोड़ जुटाने की योजना है. LIC IPO इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में आ सकता है.
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लगभग हर हफ्ते आ रहा नया IPO

ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज का IPO हाल में ही निवेशकों के लिए बंद हुआ है. इसी बीच अब रोलेक्स रिंग्स के आईपीओ के लिए अप्लाई किया जा सकता है.

अगले हफ्ते देवयानी इंटरनेशनल का आईपीओ आने वाला है. कंपनी Pizza Hut, KFC, टाको बेल इत्यादि कई फास्ट फूड रेस्टोरेंट कंपनियों को ऑपरेट करती है.

बीते कुछ ही दिनों में GR इंफ्रा, क्लीन साइंस टेक्नोलॉजी, चेतन फार्मा और जोमैटो के शेयर स्टॉक मार्केट में लिस्ट हुए हैं.

जोमैटो को मिले बाजार में अच्छे रिस्पांस के बाद PayTM, नायका, मोबिक्विक, पॉलिसी बाजार समेत कई स्टार्टअप कंपनियां इसी साल IPO लाने के लिये कतार में हैं.

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि इन्वेस्टर को हर हफ्ते बाजार में नये आईपीओ देखने की आदत हो गयी है.

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IPO की बारिश पर जानकारों की क्या है राय?

भले ही कंपनियों के पास सेबी की मंजूरी हो, लेकिन वे इश्यू तभी लॉन्च करती हैं, जब बाजार में तेजी का रुझान होगा. वर्ष 2013 में, हमने एक अध्ययन किया जिसमें दिखाया गया था कि 75,000 करोड़ रुपये के IPOs के लिए कंपनी के पास सेबी की मंजूरी थी, इसके बावजूद कंपनियों ने बाजार में अपना इश्यू मंदी की वजह से लॉन्च नहीं किया.
प्रणव हल्दिया, मैनेजिंग डायरेक्टर, प्राइम डाटाबेस

इन्वेस्टर दिखा रहे हैं जबरदस्त उत्साह:

हैप्पीएस्ट माइंड्स, रूट मोबाइल, इंडिगो पेंट्स और रोस्सारी बायोटेक के IPO ने निवेशकों को कुछ ही महीनों में 2 से 7 गुना तक का बम्पर रिटर्न दिया है. हाल में ही GR इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लीन साइंस टेक्नोलॉजी के शेयरों की लिस्टिंग करीब दोगुने कीमतों पर हुई हैं. यानी इन शेयरों ने लिस्टिंग के साथ ही निवेश को दोगुना कर दिया.

बीते हफ्ते भारत की जानी मानी फूड डिलीवरी स्टार्टअप कंपनी जोमैटो की लिस्टिंग करीब 70% प्रीमियम पर हुई.

गुरुवार को चेतन फार्मा की भी लिस्टिंग 95% प्रीमियम पर हुई है. निवेशक को IPO के लिस्टिंग के दिन ही 100% तक रिटर्न मिल जा रहा है, यही कारण है निवेशक IPO में काफी दिलचस्पी ले रहे हैं.

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