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Freshworks: 2010 में 6 लोगों से शुरू हुई भारतीय कंपनी, अब 500 स्टाफ बने करोड़पति

Nasdaq पर लिस्ट होने वाली पहली भारतीय SaaS कंपनी बनी फ्रेशवर्क्स

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बिजनेस सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी Freshworks का वैल्युएशन Nasdaq स्टॉक एक्सचेंज में 13 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया है. वहीं, कंपनी के लगभग 12 प्रतिशत कर्मचारी करोड़पति बन गए हैं और उनमें से 70 से ज्यादा कर्मचारी, 30 साल से भी कम उम्र के हैं. इसके साथ ही, फ्रेशवर्क्स, Nasdaq पर लिस्ट होने वाली पहली भारतीय SaaS (Software as a service) कंपनी बन गई है.

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फ्रेशवर्क्स के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी Girish Mathrubootham ने कहा, "मैं वास्तव में मानता हूं कि जिन कर्मचारियों ने कंपनी को आगे ले जाने में सहयोग किया है उनके हिस्से में भी उसका फायदा जाना चाहिए. यह अधिकार केवल संस्थापकों के अमीर बनने के लिए ही नहीं होता. भारत में हमारे 500 से अधिक कर्मचारी करोड़पति हैं. मेरा मानना ​​​​है कि यह अच्छी तरह से योग्य है और उन्होंने इसे अर्जित किया क्योंकि इन सभी ने विकास में योगदान दिया."

कंपनी का वैल्युएशन बढ़ा

22 सितंबर को एक समय पर कंपनी के शेयर लगभग 46.24 डॉलर प्रति शेयर पर चल रहे थे, जिससे इसका वैल्युएशन 13 अरब डॉलर से अधिक हो गया. इससे पहले कंपनी ने 36 डॉलर के आईपीओ मूल्य के मुकाबले 43.50 डॉलर की शुरुआत की, जिससे इसका मूल्यांकन 12 अरब डॉलर से अधिक हो गया.

फ्रेशवर्क्स के 4,300 कर्मचारियों में से लगभग 76 प्रतिशत वैश्विक स्तर पर कंपनी में स्टॉक या इक्विटी रिवार्ड्स रखते हैं.

सीईओ Girish Mathrubootham ने कहा कि इस आईपीओ ने मुझे उन सभी कर्मचारियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर दिया है, जिन्होंने दस सालों से फ्रेशवर्क्स में विश्वास किया है. यह वास्तव में कुछ ऐसा है जिसे भारत को और ज्यादा करने की आवश्यकता है.

2010 में शुरू हुई थी कंपनी

उन्होंने कहा कि यह कई कर्मचारियों के जीवन में बदलाव लाने वाला है. दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने 2010 में केवल छह सदस्यों के साथ चेन्नई में अपना काम शुरू किया था और मौजूदा स्तर को छूने से पहले 2015 में केवल 500 कर्मचारी थे.

फ्रेशवर्क्स नैस्डैक पर सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय SaaS कंपनी है.

मात्रुबुतम ने कहा कि वह भारत से कंपनियों के अगले सेट को वैश्विक स्तर पर जाते हुए देखने के लिए उत्साहित हैं.

"मैं इस बात से उत्साहित हूं कि भारत के लिए इसका क्या अर्थ है. हमारे पास उन एंटरप्रेन्योर्स की पूरी सूची है जो कंपनियां बना रहे हैं. हम सभी भारत को अगले उत्पाद राष्ट्र के रूप में देखने के सपने को साझा करते हैं. मैं कंपनियों के अगले सेट को देखने के लिए उत्साहित हूं."
Girish Mathrubootham, सीईओ, फ्रेशवर्क
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कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी टायलर स्लॉट ने कहा कि हम आईपीओ के जरिए करीब 1 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं.

फ्रेशवर्क्स के लिए दो सबसे बड़े बाजार- अमेरिका और यूरोप हैं.

मात्रुबुतम ने आगे कहा कि हमारा लाभ चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में शीर्ष प्रतिभाओं तक हमारी पहुंच है. हम स्पष्ट रूप से इसे एक बड़े लाभ के रूप में देखते हैं.

जून तक, Annual Recurring Revenue (ARR) में 5,000 डॉलर से अधिक का योगदान करने वाले ग्राहकों ने कुल ARR का 84 प्रतिशत प्रतिनिधित्व किया और 50,000 डॉलर से अधिक वाले ग्राहकों ने 37 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व किया.

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