मदद की गुहार लगाते ट्वीट के डिलीट होने पर सोनू सूद ने ये कहा

प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने में मदद कर रहे हैं सोनू सूद

Updated09 Jun 2020, 07:03 AM IST
सितारे
2 min read

बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने को लेकर लगातार काम कर रहे हैं. लोग सोशल मीडिया के जरिए सोनू सूद से गुहार भी लगा रहे हैं. हालांकि, कुछ दिन पहले, उनसे मदद की गुहार लगाते कुछ ट्वीट अचानक से गायब हो गए. जिन ट्वीट पर एक्टर ने जवाब दिया था, वो भी डिलीट नजर आने लगे, जिसके बाद इसे लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई.

इस पूरे मामले पर सोनू सूद ने क्विंट से बात की. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि बहुत से लोग पहले से ही अपने घर पहुंच गए हैं और उन्हें मदद मिल गई है, और क्योंकि उनके नंबर सोशल मीडिया पर हैं, वो शायद कॉल आ रहे होंगे. इसलिए मुझे लगता है कि कुछ को हटाया गया, ताकि नंबर इंटरनेट पर न रहें.”

“दूसरा, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सिर्फ चेक करना चाहते हैं, और जब उन्हें हम कॉल करते हैं तो वो ट्वीट डिलीट कर देते हैं और कहते हैं कि हम बस आपसे संपर्क में आना चाहते थे. मुझे लगता है कि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो ये कंफर्म करना चाहते हैं कि लोग घर पहुंच रहे हैं या नहीं, वो अपना नंबर डालते हैं और इंक्वॉयरी करते हैं. इसलिए, मैं ट्वीट में कहता हूं कि केवल जरूरतमंद ही संपर्क करें, नहीं तो जिन लोगों को वाकई में मदद चाहिए होगी, उनके ट्वीट इतने मैसेज में गुम हो जाएंगे.”
सोनू सूद, एक्टर

सोनू सूद ट्विटर पर लगाातर फेक अकाउंट्स को लेकर लोगों को जागरुक कर रहे हैं. उन्होंने हाल ही में एक वायरल फोटो पर लिखा, "इस तरह के ट्रैप में न फंसे. कई फेक लोग हालात का फायदा उठाना चाहते हैं. इसलिए अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी जानकारी दें. अगर आपसे कोई भी आदमी पैसा मांगता है तो उसके बारे में तुरंत सूचित करें. हमारी ये सेवा निशुल्क है."

सूद की हर ओर तारीफ, राउत ने की आलोचना

प्रवासी मजदूरों की मदद करने पर सोनू सूद की हर कोई तारीफ कर रहा है. एक्टर से लेकर नेताओं तक ने उनकी बढ़ाई की है, लेकिन हाल ही में शिवसेना नेता संजय राउत से उन्हें आलोचना झेलनी पड़ी.

संजय राउत ने सूद पर निशाना साधते हुए अपने कॉलम 'रोकठोक' में लिखा था,

“लॉकडाउन के दौरान आचानक सोनू सूद नाम से नया महात्मा तैयार हो गया. एक झटके में कितनी चतुराई के साथ किसी को महात्मा बनाया जा सकता है? कहा जा रहा है कि सोनू सूद ने लाखों प्रवासी मजदूरों को दूसरे राज्यों में उनके घर पहुंचाया. मतलब केंद्र और राज्य सरकार ने कुछ भी नहीं किया. इस काम के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल ने भी महात्मा सूद को शाबाशी भी दी.”

इसके बाद एक्टर ने मातोश्री पहुंचकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी.

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Published: 09 Jun 2020, 06:54 AM IST
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