5 जी टेक्नोलॉजी को लेकर दुनिया भर में खींचतान 
5 जी टेक्नोलॉजी को लेकर दुनिया भर में खींचतान फोटो : ब्लूमबर्ग 
  • 1. हुवावे क्यों है बेचैन?
  • 2. हुवावे की एंट्री पर सरकार के अंदर मतभेद?
  • 3. हुवावे का क्या कहना है?
  • 4. सरकार का ताजा रुख क्या है?
  • 5. 5जी नेटवर्क का क्या है फायदा?
  • 6. 5जी ट्रायल की क्या है ताजा स्थिति?
  • 7.
4G से 150 गुना स्पीड वाले 5G को लेकर क्यों फंसा है पेच, यहां समझें

देश में इस साल के अंत तक मोबाइल फोन कंपनियों के लिए 5 जी यानी फिफ्थ जेनरेशन स्पेक्ट्रम की नीलामी पूरी हो जाएगी. यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि 100 दिनों में  5जी नेटवर्क ट्रायल शुरू हो जाएंगे.

5 जी स्पेक्ट्रम से जुड़ी एक हाई-लेवल मीटिंग डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी की अध्यक्षता में 17 जून को होगी.

भारत में 5 जी टेक्नोलॉजी डेवलेप करने में चीन की कंपनी हुवावे भी रेस में है. दुनिया के कई देशों में हुवावे 5 जी टेक्नोलॉजी डेवलप कर रही है.लेकिन अमेरिका ने खुद तो अपने यहां हुवावे पर बैन लगाया ही है दूसरे देशों पर भी दबाव डाल रहा है कि वह इस चीनी कंपनी को अपने यहां टेक्नोलॉजी डेवलप न करने दें.

अमेरिका का कहना है कि चीन की इस कंपनी से उसकी सुरक्षा जानकारी लीक हो सकती है. भारत में भी ऐसी ही शंका जताई जा रही है कि हुवावे को मौका देने से उसकी सुरक्षा संबंधी जानकारियांचीन को मिल सकती है. उधर, हुवावे ने ऐसी किसी से आशंका से इनकार किया है और कहा है कि भारत उसे काम करने का मौका देने पर तुरंत फैसला करे. इस मामले में पेच कहां फंस रहा है, आइए समझते हैं.

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