COVID-19 अब PANDEMIC यानी विश्व महामारी क्यों? यहां समझिये 

WHO ने COVID-19 को PANDEMIC घोषित कर दिया है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसकी भयावहता बढ़ गई है

Updated12 Mar 2020, 09:30 AM IST
कुंजी
3 min read
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चीन के बाद दुनिया के अलग-अलग देशों में कोरोनावायरस के फैलने की पुष्टि होती जा रही है. इसे देखते हुए 11 मार्च (2020) को WHO ने इसे PANDEMIC यानी विश्व महामारी घोषित कर दिया. आखिर PANDEMIC कहते किसे हैं? कैसे WHO किसी बीमारी को PANDEMIC घोषित करता है. इसके नियम क्या हैं. किसी बीमारी को PANDEMIC घोषित करने का मतलब क्या है? आइए जानते हैं.

क्या होती है PANDEMIC यानी विश्व महामारी?

कोरोनावायरस से फैलने वाली बीमारी COVID-19 अब महामारी बन चुकी है. The US Centres for Disease control and Prevention के मुताबिक कई देशों में फैल चुकी बीमारी को महामारी कहा जाता है. इससे बड़ी तादाद में लोग प्रभावित होते हैं. इसकी परिभाषा के मुताबिक अचानक किसी जगह बीमारी के सामान्य से अधिक केस सामने आने को महामारी कहते हैं. यानी महामारी का संबंध किसी बीमारी के भीषण रूप लेने से ज्यादा अधिक से अधिक जगहों पर फैलने से जुड़ा है. दुनिया के दो क्षेत्रों में फैल जाए तो आम तौर पर WHO इसे महामारी घोषित कर देता है. जबकि COVID-19 चार महादेशों में फैल चुकी है.

कोरोनावायरस के PANDEMIC घोषित होने का क्या मतलब है?

महामारी घोषित से कोरोनावायरस को रोकने के तरीकों पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा. इसका मतलब यह नहीं है कि महामारी घोषित होने के बाद WHO को लड़ने के लिए ज्यादा फंड मिल जाएगा या इसे ज्यादा अधिकार मिल जाएगा. लेकिन महामारी के औपचारिक ऐलान से यह साफ हो गया है कि COVID-19 को लेकर WHO का आकलन एक नये लेवल पर पहुंच गया है.

कोरोनावायरस से पैदा हालात के बाद इसे महामारी घोषित करने का यह मतलब नहीं है कि WHO इसे लेकर जो कर रहा है उसमें कोई बदलाव होगा. इससे किसी देश को इसे काबू करने के तरीकों में बदलाव करने की भी जरूरत नहीं है.

WHO ने COVID-19 को PANDEMIC घोषित करने का फैसला क्यों किया?

किसी बीमारी को महामारी घोषित करने का फैसला आसान नहीं है. लेकिन WHO अलग-अलग देशों में लोगों के समूह के लगातार किसी बीमारी से ग्रसित होने पर नजर रखता है. दरअसल जब किसी देश में लोग किसी ज्ञात संक्रमण (जिसका पिछला लिंक हो) से संक्रमित होने लगता है, तो यह WHO के लिए किसी बीमारी के संक्रमित होने के संकेत हैं. इसके आधार पर महामारी का ऐलान किया जा सकता है. मिसाल के तौर पर अगर फ्लू को लें तो अगर इससे संबंधित कोई नया वायरस दुनिया के दो क्षेत्रों में फैल जाए तो आम तौर पर WHO इसे महामारी घोषित कर देता है. जबकि COVID-19 चार महादेशों में फैल चुका है.

OUTBREAK, EPIDEMIC, PANDEMIC में क्या अंतर है?

किसी एक खास जगह पर बीमारी के मामलों में हुई अचानक बढ़ोतरी को OUTBREAK या प्रकोप कहते हैं. EPIDEMIC यानी महामारी बड़े पैमाने पर फैली बीमारी को कहते हैं जबकि PANDEMIC का मतलब विश्व महामारी होता है. यानी महामारी दुनियाभर में फैल चुकी है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि PANDEMIC शब्द का इस्तेमाल लोगों को इसकी गंभीरता बताने के लिए भी होता है. ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड में वायरस का अध्ययन करने वाले इयान मैके का कहना है कि PANDEMIC शब्द को ठीक से परिभाषित और स्पष्ट नहीं किया गया है. अब तक इसका इस्तेमाल बेहद बुरे समय में ही किया गया है ताकि लोगों को इसकी भयावहता का पता चले.

क्या PANDEMIC कहने से बीमारी की भयावहता बढ़ जाती है?

PANDEMIC का बीमारी की गंभीरता से कोई मतलब नहीं है. इसका मतलब यह है कि यह बीमारी ज्यादा से ज्यादा इलाकों में फैल रही है. कोई कम भीषण बीमारी भी महामारी हो सकती है. जैसे 2009 में फैली H1N1 फ्लू थी. रेगुलर सीजन के फ्लू में मरने की दर 0.1 फीसदी होती है. जबकि COVID-19 SARS और MERS से अधिक जानलेवा है. भले ही ये इनसे तेजी से फैल रही है.

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Published: 12 Mar 2020, 08:48 AM IST
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