बिहार विधानसभा में जाति आधारित जनगणना का प्रस्ताव पारित होने के बाद इस पर बहस तेज 
बिहार विधानसभा में जाति आधारित जनगणना का प्रस्ताव पारित होने के बाद इस पर बहस तेज (प्रतीकात्मक फोटो : istock)
  • 1. 2011 में जाति आधारित जनगणना, दोबारा मांग क्यों?
  • 2. 1931 में हुई थी आखिरी जाति जनगणना
  • 3. 2021 की जनगणना को जाति आधारित कराने की मांग क्यों?
  • 4. जाति आधारित जनगणना न कराने से क्या नुकसान?
  • 5. क्या जाति आधारित जनगणना सिर्फ ओबीसी गणना है?
  • 6.
जाति आधारित जनगणना की मांग क्यों? जानें,जातियों की गिनती कितनी अहम

बिहार विधानसभा ने गुरुवार को जाति आधारित जनगणना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. बिहार विधानसभा में केंद्र से मांग की गई कि 2021 की जनगणना जाति के आधार पर हो. जाति आधारित जनगणना की इस मांग को नीतीश का राजनीतिक दांव माना जा रहा है. जाति आधारित जनगणना को क्यों जरूरी माना जा रहा है? और इसकी मांग क्यों हो रही है. आइए जानते हैं.

Loading...
    पीछे/पिछलाआगे/अगला

    Follow our कुंजी section for more stories.

    Loading...