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क्या वर्क फ्रॉम होम से बढ़ गई है कमर और पीठ में दर्द की दिक्कत?

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Fit Hindi
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COVID-19 महामारी के कारण अब ज्यादातर लोग घर से काम कर रहे हैं. लेकिन वर्क फ्रॉम होम में हमारे काम करने का तरीका ऑफिस में काम करने के तरीके से काफी अलग है.

काम करने की जगह पर ऑफिस जैसा इंतजाम नहीं है, घर पर लोग सोफे और यहां तक ​​​​कि बिस्तर पर बैठकर भी काम कर ले रहे हैं और लंबे समय तक गलत तरीके से बैठने के कारण गर्दन, पैर, कंधे और पीठ की परेशानी बढ़ गई है.

अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं, जिनका ज्यादातर समय बैठकर काम करते हुए बीतता है, लाइफस्टाइल में फिजिकल एक्टिविटीज की कमी है और गलत तरीके से बैठते हैं, तो हो सकता है कि आप भी इन दिक्कतों से जूझ रहे हों.

वहीं गलत तरीके से बैठकर काम करना सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस का कारण बन सकती है.

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स्पोंडिलोसिस के बारे में

स्पोंडिलोसिस एक आम स्थिति है, जो उम्र के साथ बदतर होती जाती है.

स्पोंडिलोसिस, जिसे स्पाइनल ऑस्टियोआर्थराइटिस के नाम से भी जाना जाता है, आम "वीयर और टीयर (टूट-फूट)" या उम्र बढ़ने की प्रक्रिया के कारण होने वाली एक नॉन-इन्फ्लेमेटिरी स्थिति है.

शरीर के कोमल ऊतकों की टूट-फूट मरम्मत पर अक्सर ध्यान नहीं जाता क्योंकि यह एक ही समय में होता है. हालांकि, जैसे-जैसे टूट-फूट कोमल ऊतक की मरम्मत करने की क्षमता से आगे निकल जाती है, लक्षण उभर कर सामने आते हैं. ये पिछली चोटों या खराब मुद्रा से तेज हो सकते हैं.

इसमें दर्द और जकड़न सबसे ज्यादा देखे जाने वाले लक्षण हैं. मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी दूसरे संभावित दुष्प्रभाव हैं.

स्पॉन्डिलाइटिस की डिग्री और स्थान के अनुसार लक्षण सामने आते हैं.

यह आसपास की न्यूरोलॉजिकल संरचनाओं पर दबाव डाल सकता है, जिसके परिणामस्वरूप सुन्नता, झुनझुनी, बेचैनी जो हाथ या पैर के नीचे जाती है और मांसपेशियों में कमजोरी जैसे लक्षण होते हैं.

स्पॉन्डिलाइटिस के जोखिम को कम करने के कुछ टिप्स

गलत तरीके से बैठकर आप अपने शरीर के ऊतकों पर बहुत अधिक दबाव डालते हैं, जिससे गर्दन और पीठ में लगातार दर्द हो सकता है, साथ ही स्पॉन्डिलाइटिस भी हो सकता है.

ऐसे में कुछ चीजों पर गौर करने की जरूरत है-

  • हर 60 मिनट में 2 से 5 मिनट आराम करें

लगातार बैठे रहने से ब्रेक लें और इस दौरान लेग स्ट्रेचिंग की एक्सरसाइज की जा सकती है.

अगर लगातार बैठे रहा जाए, तो इससे अकड़न और पीठ में दर्द हो सकता है.

वहीं लंबे समय तक गलत स्थिति में बैठना जोड़ों और मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाता है. वहीं पूरे दिन बैठने के लिए कोई उचित पॉश्चर नहीं होता है.

  • बैठने को आरामदायक बनाने के लिए तकिए का इस्तेमाल

आप कुर्सी के पीठ वाले हिस्से पर तौलिया लपेट सकते हैं. बैठने वाली जगह पर तकिया रख सकते हैं.

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  • झुक कर न बैठें

जब आप झुकते हैं, तो आपकी रीढ़ और गर्दन पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है. अगर लंबे समय इस तरह बैठा जाए, तो ये दर्द दे सकता है.

पीठ के निचले हिस्से में एक तकिए का उपयोग किया जा सकता है.

अगर पीठ में लगातार दर्द रहे और किसी भी उपाय से राहत न मिल रही हो, तो इसके लिए कई थेरेपीज मौजूद हैं.

सतर्क रहें- अगर शारीरिक गतिविधि अधिक परेशानी का कारण बना रही है, तो अपने चिकित्सक से परामर्श करें.

दर्द शरीर की प्राकृतिक, अंतर्निहित चेतावनी प्रणाली है कि हम जो कुछ कर रहे हैं, वह उसे परेशान कर रहा है.

ऐसा कुछ करना कभी भी अच्छा विचार नहीं है, जिससे आपको दर्द हो.

  • पर्याप्त पोषक तत्वों की खपत सुनिश्चित करें

खाने में पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करें. पर्याप्त कैल्शियम, विटामिन डी, प्रोटीन और मल्टीविटामिन (अगर लेने की सलाह दी गई हो) आपके लिए आवश्यक हैं.

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(डॉ. अरुण भनोट, कोलंबिया एशिया अस्पताल, पालम विहार, दिल्ली में स्पाइन सर्जरी के प्रमुख हैं.)

(ये लेख आपकी सामान्य जानकारी के लिए है, यहां किसी तरह के इलाज का दावा नहीं किया जा रहा है, सेहत से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए और कोई भी उपाय करने से पहले फिट आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह देता है.)

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