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बर्ड फ्लू पर एक्पर्ट्स की सलाह- घबराएं नहीं, ये एहतियात बरतें

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Health News
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उत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई राज्यों में एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है. हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और केरल जैसे राज्यों में प्रवासी पक्षियों, कौवों और बत्तखों समेत 25,000 पक्षियों की मौत हुई है.

कोरोना काल में एक और वायरल बीमारी बर्ड फ्लू की खबर से लोगों में दहशत फैलने लगी है. हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक घबराने की जरूरत नहीं है, लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है.

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डॉक्टरों के मुताबिक H5N1 वायरस, जो बर्ड फ्लू का कारण बनता है, के मानव-से-मानव ट्रांसमिशन का जोखिम बेहद दुर्लभ है.

ऑल इंडिया मेडिकल साइंसेज (AIIMS) में सेंटर फॉर कम्यूनिटी मेडिसिन में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ हर्षल आर साल्वे ने बताया,

“जो लोग पक्षी पालने का काम करते हैं, वो रिस्क पर होते हैं. अन्यथा, H5N1 वायरस का इंसानों से इंसानों में ट्रांसमिशन बहुत दुर्लभ है. इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है.”

मैक्स सुपर स्पेशयलिटी हॉस्पिटल, शालीमार बाग (दिल्ली) में इंटरनल मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ राजीव गुप्ता कहते हैं, "बर्ड फ्लू से बीमार पक्षियों से संक्रमित होने की आशंका सिर्फ उन लोगों को हो सकती है, जो पोल्ट्री या संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आते हैं."

क्या अंडा और चिकन खाने से बर्ड फ्लू का खतरा है?

इस बीच लोगों ने इस डर से अंडे और चिकन खाना बंद कर दिया है कि इन चीजों को खाने से H5N1 वायरस का संक्रमण न हो जाए.

जबकि एवियन इन्फ्लूएंजा के प्रसार और अंडे खाने के बीच कोई संबंध नहीं है, हालांकि डॉक्टरों ने डर को दूर करने के लिए अधपके पोल्ट्री उत्पादों और अधपके मांस का सेवन न करने का सुझाव दिया.

केंद्र की ओर से भी ये बात स्पष्ट की गई है कि इन्फेक्टेड पोल्ट्री उत्पाद खाने से मानव में एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के संचरित होने का कोई सीधा प्रमाण नहीं है.

हालांकि सफाई व स्वच्छता बनाए रखना और खाना बनाने व प्रसंस्करण के मानक एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए प्रभावी हैं.

डॉ साल्वे सलाह देते हैं, "इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मीट या अंडा खाने से बर्ड फ्लू फैलता है. फिर भी जब तक इसके मामले आना कम नहीं हो जाते, तब तक प्रभावित क्षेत्र में कच्चे मांस और अंडे खाने से बचना चाहिए."

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बर्ड फ्लू से घबराएं नहीं, ये एहतियात बरतें

दिल्ली के मेडिओर हॉस्पिटल में प्रिवेंटिव हेल्थ एंड कंसल्टेंट-मेडिसिन की हेड डॉ उपाली नंदा सलाह देती हैं-

  • अपने हाथ गुनगुने पानी और साबुन से साफ करें, खासकर कच्चे पोल्ट्री और अंडों को छूने से पहले और बाद में
  • मीट पकाने के लिए अलग बर्तन का इस्तेमाल करें और सुनिश्चित करें कि मीट अच्छे से पक गया हो पक्षियों के सीधे संपर्क से बचें
  • जानवरों के मार्केट या पोल्ट्री फार्म न जाएं और अगर जाना जरूरी हो, तो मास्क और ग्लव्स पहनना न भूलें
  • बीमार और मृत पक्षियों को छूने से बचें
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बर्ड फ्लू के प्रकोप से निपटने के लिए राज्यों को एडवाइजरी जारी

बर्ड फ्लू के प्रकोप से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है. राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और केरल में बर्ड ब्लू के प्रकोप की रिपोर्ट मिलने के बाद इस पर नियंत्रण को लेकर केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को एडवाइजरी जारी की गई है.

इसमें पक्षियों के इस रोग से निपटने के लिए बनाई गई राष्ट्रीय कार्ययोजना को अमल में लाने को कहा गया है.

यह जानकारी केंद्रीय पशुपालन, मत्स्यपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से बुधवार को दी गई.

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राजस्थान में बारां, कोटा और झालावार में कौवों में बर्ड फ्लू की रिपोर्ट है. वहीं, मध्य प्रदेश के मंदसौर, इंदौर और मालवा में भी कौवों में ही बर्ड फ्लू की रिपोर्ट है, जबकि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में प्रवासी पक्षियों में बर्ड फ्लू की रिपोर्ट है. दक्षिण भारत स्थित केरल के कोट्टायम और आलापुझा में चार जगहों पर पोल्ट्री डक यानी घरेलू बत्तख में बर्ड फ्लू की रिपोर्ट है.

मंत्रालय ने बताया कि राजस्थान और मध्य प्रदेश को एक जनवरी 2021 को ही एडवाइजरी जारी की गई थी और दोनों राज्यों में नेशनल एक्शन प्लान ऑफ एवियन इन्फ्लूएंजा के अनुसार रोकथाम के उपाय किए जा रहे हैं.

इसके बाद 5 जनवरी, 2021 को हिमाचल प्रदेश को पोल्ट्री में इसका प्रसार रोकने को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, केरल में 5 जनवरी से रोकथाम के उपायों को अमल में लाया जा रहा है, जिसके तहत पक्षियों को मारने का काम जारी है.

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पक्षियों की असामान्य मौत की रिपोर्ट लेने को कहा गया है

साथ ही, राज्यों को वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर पक्षियों की असामान्य मौत की रिपोर्ट लेने को कहा गया है. इसके अलावा अन्य राज्यों को भी पक्षियों की असामान्य मौत पर निगाहें रखने और आवश्यक कदम उठाने के लिए शीघ्र रिपोर्ट करने को कहा गया है.

केंद्र सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग ने भी एक कंट्रोल रूम बनाया है, जिसमें रोजाना आधार पर प्रदेशों से बर्ड फ्लू की स्थिति और किए जा रहे रोकथाम के उपायों का जायजा लिया जा रहा है.

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