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सेक्सॉल्व: क्या मैं अपनी गर्लफ्रेंड के लिए पति को तलाक दे दूं?

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 सेक्सॉल्व: क्या मैं अपनी गर्लफ्रेंड के लिए  पति को तलाक दे दूं?

(चेतावनी: कुछ सवाल आपको विचलित कर सकते हैं. पाठक को पढ़ने से पहले विवेक का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.)

सेक्सॉल्व समता के अधिकार के पैरोकार हरीश अय्यर का फिट पर सवाल-जवाब आधारित कॉलम है.

अगर आपको सेक्स, सेक्स के तौर-तरीकों या रिलेशनशिप से जुड़ी कोई परेशानी है, कोई उलझन है, जिसे आप हल नहीं कर पा रहे हैं, या आपको किसी तरह की सलाह की जरूरत है, किसी सवाल का जवाब चाहते हैं या फिर यूं ही चाहते हैं कि कोई आपकी बात सुन ले- तो हरीश अय्यर को लिखें, और वो आपके लिए ‘सेक्सॉल्व’ करने की कोशिश करेंगे. आप sexolve@thequint.com पर मेल करें.

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क्या मैं अपनी गर्लफ्रेंड के लिए अपने पति को तलाक दे दूं?

डियर रेनबो मैन,

मैं तमिलनाडु के एक छोटे से शहर में रहने वाली 28 साल की महिला हूं. मुझे यह ईमेल लिखने में डर लग रहा है और अगर मैं अच्छी महिला लगूं तो मुझे माफ कर दीजिएगा. मैं शहरी जिंदगी की आदी नहीं हूं. मैं पिछले 7 सालों से एक महिला के साथ रिलेशनशिप में हूं. हम एक ही स्कूल, एक ही कॉलेजसएक ही प्रोफेशनल कोर्स में एक साथ रहे. हमने सब कुछ एक साथ ही किया. तीन साल पहले वह अपने काम के सिलसिले में कनाडा गई और मुझे भी आने के लिए जोर दे रही थी. हम लगातार फोन पर संपर्क में थे. वह मेरे घर भी आई और मुझे थोड़े समय के लिए कनाडा ले गई. सब कुछ ठीक था. हालांकि, उम्र बीतती जा रही थी और मुझ पर शादी करने का दबाव भी था. जब वह चली गई तो मुझे अकेलेपन का अहसास हुआ और मैंने सोचा कि मुझे एक लड़का ढूंढ लेना चाहिए. ऐसे में, मुझे एक लड़के से प्यार हो गया और बात से बात निकलती चली और इससे पहले कि मैं कुछ और सोच पाती, मेरी शादी हो गई और मैं जुड़वां बच्चों की मां भी बन गई. अब मुश्किल यह है कि– मेरे पति को हमारी ईमेल से उस लड़की के साथ मेरे अफेयर के बारे में पता चल गया है. एक बेवकूफ की तरह मैंने उन ईमेल्स को उसके लैपटॉप पर खुला छोड़ दिया था और हालांकि वह खोजबीन नहीं कर रहा था, लेकिन एक ईमेल में मेरे और मेरी गर्लफ्रेंड के बीच एक दूसरे को किस करने की तस्वीरों ने सबकुछ उसके सामने उजागर कर दिया. मेरे पति ने मुझसे सवाल-जवाब किया और मुझे और मेरी गर्लफ्रेंड को कहा “तुम लोग खुश रहो, मैं आपसी रजामंदी से तलाक लेने को तैयार हूं.” वह बच्चों की कस्टडी भी मुझे देने को तैयार हो गए हैं. समस्या यह है कि मुझे पता है कि मेरे पति मुझसे प्यार करते हैं और मैं भी अपने पति से प्यार करती हूं. मैं उनसे तलाक नहीं ले सकती क्योंकि मेरे परिवार में कभी किसी का तलाक नहीं हुआ है और यह मेरे परिवार के लिए बड़ी बदनामी की बात होगी. मैं कनाडा जा सकती हूं और मेरी गर्लफ्रेंड मुझे वहां ले जाने को तैयार है. वह मुझे नौकरी ढूंढने में मदद करने के साथ मेरे बच्चों की भी देखभाल करने को तैयार है. लेकिन यह सब बहुत डरावना है. मेरी जिंदगी कोई थ्रिलर फिल्म नहीं है. मुझे क्या करना चाहिए?

सदा सुहागन

डियर सदा सुहागन

मुझे लिखने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया. मैं आपकी हिम्मत की दाद देता हूं. मैं जानता हूं कि किसी निजी चीज के बारे में किसी अजनबी से बात करने के लिए हिम्मत चाहिए.

मुझे खुशी है कि आपको प्यार मिला. एक बार नहीं, बल्कि दो बार.

कई बार जरूरत से ज्यादा मिलना भी समस्या बन जाता है क्योंकि जिंदगी हमें ऐसे मोड़ पर ले जाती है जहां यह तय करना होता है कि क्या भूतकाल है और क्या वर्तमान.

यह फैसला आपको करना होगा. आपके पति मेरी नजर में निश्चय ही एक तर्कशील और रहमदिल शख्स हैं जो आपके फैसले को महत्व देते हैं. वह जिंदगी की कुछ बुनियादी सच्चाइयों को समझने के लिए पर्याप्त समझदार हैं.

जब आप दिलों को उनकी मर्जी के खिलाफ चलने के लिए मजबूर करते हैं, तो वो बागी हो जाते हैं.

आपको खुद से कुछ सवाल पूछने चाहिए– क्या मैं एक आदमी के साथ सिर्फ इसलिए रह रही हूं क्योंकि ऐसा दुनिया चाहती है? क्या मैं अपनी महिला प्रेमी से दूर रहकर भी खुश रहूंगी? मैं एक मां हूं, लेकिन क्या मैं सिर्फ एक मां हूं? क्या मांओं की अपनी ममता निभाने के अलावा दूसरी ख्वाहिशें नहीं हैं? और सबसे जरूरी बात, क्या ऐसी जिंदगी जीना सार्थक है जो आप सिर्फ समाज को खुश करने के लिए जी रही हैं? क्या “लोग क्या कहेंगे” का डर यह तय करेगा कि आप अपनी जिंदगी कैसे बिताएं?

जिंदगी हमेशा आसान नहीं होती है. जरूरी नहीं कि आपके हाथ में लड्डू हो और आप उसे खा भी सकें. कभी-कभी जिंदगी हमें ऐसे मुकाम पर ले आती है जहां हमें कठिन फैसले लेने होते हैं.

याद रखें कि यह फैसला आपके भविष्य को तय कर सकता है. इसलिए, गहराई से सोचें, इस बारे में नहीं कि लोग आपसे क्या चाहते हैं, बल्कि यह कि आप जिंदगी से क्या चाहती हैं.

ये फैसला आपको लेना है और आपको अकेले ही लेना है. मैं आपको सिर्फ इतना कह सकता हूं कि आपको अपने पति के साथ सिर्फ इस वजह से नहीं रहना चाहिए, क्योंकि आपके परिवार में किसी ने तलाक नहीं लिया है. तलाक ऐसी चीज नहीं है जो बुरा शगुन हो. ऐसी जगह रहना जहां आपका दिल नहीं चाहता, एक बुरा शगुन है. अगर आप सिर्फ लोगों की नुक्ताचीनी से डरकर अपने पति के साथ लंबे समय तक रहती हैं, तो दूसरी तरह से आपके और आपके पति के बीच अच्छे संबंध नहीं हो सकते हैं.

सामाजिक मजबूरी और अपेक्षा में कोई भी सच्चा प्यार जाहिर नहीं कर सकता है, लोगों में केवल तभी सच्चा प्यार हो सकता है अगर वे सच में प्यार करते हैं.

आपका फैसला इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि दूसरों का आपकी जिंदगी के बारे में क्या कहना है, बल्कि यह इस पर आधारित हो कि आप अपनी जिंदगी से क्या चाहती हैं.

आपके पति आपको बच्चों की कस्टडी देने को तैयार हैं. लेकिन आप क्या चाहती हैं? बच्चे आपकी और आपके पति की जिम्मेदारी हैं. अगर आप शादी को तोड़ना चाहती हैं, तो इससे पहले अपनी दोनों ख्वाहिशों को ठीक से समझ लें.

शुभकामनाएं.

मुस्कान के साथ

रेनबो मैन

अंतिम बातः कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना.

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मैं अपने सहकर्मी पर सेक्सुअली और इमोशनली फिदा हूं

डियर रेनबोमैन,

मैं 37 वर्षीय पुरुष हूं और मैं अपने ऑफिस में मेरी ही उम्र के शख्स के साथ करीबी से जुड़ा हुआ हूं, हालांकि हमारे बीच अभी रिलेशनशिप नहीं है. हम दोनों में काफी पहले संबंध थे और मुझे इस बात का अंदाजा नहीं था कि कई सालों बाद हम फिर एक ही ऑफिस में मिलेंगे. इन दिनों जब वह मेरे आसपास होता है मैं बहुत सेक्सुअल तनाव महसूस करता हूं. वह टाइट पैंट पहनता है, जिसमें उसका इरेक्शन साफ दिखता है. एक दिन वह मेरे करीब आया और लापरवाही से मुझे छू लिया. मैंने बहुत उत्तेजित महसूस किया. पिछले हफ्ते उसने खामोशी तोड़ी और मुझसे कहा कि वह मेरे साथ सेक्सुअल रिलेशनशिप बनाना चाहता है. समस्या यह है कि हालांकि मेरे ऑफिस में हर कोई जानता है कि मैं गे हूं, लेकिन मैं इस वजह से अपनी नौकरी नहीं गंवाना चाहता कि हमारे बीच सेक्सुअल संबंध हैं. मैं सच में बहुत तनाव में हूं. मुझे लगता है कि मुझमें उसके लिए प्यार की भावनाएं पैदा हो रही हूं. मुझे पता है कि मेरे पास जिंदगी के सिर्फ कुछ साल बचे हैं, मैं पहले ही 37 साल का हो चुका हूं. मैं बाकी सालों को तनाव के साथ नहीं जीना चाहता. क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं?

घोषित गे

डियर घोषित गे,

मुझे मेल लिखने के लिए शुक्रिया.

आपके लिखे 37 के शुरू में “पहले ही” शब्द ने मेरा ध्यान खींचा है. उम्र सिर्फ एक गिनती है. मैं ऐसे लोगों को जानता हूं जो 23 साल के हैं और उनके कई ब्रेकअप हो चुके हैं और मैं ऐसे लोगों को भी जानता हूं जिन्हें 45 और 55 साल की उम्र में प्यार मिला. इसलिए जब आपको प्यार मिलता है, तब आप प्यार करते हैं और यह किसी भी उम्र में हो सकता है, आपको बस उस शख्स को ढूंढना है जो इतना दिलचस्प है कि आप उससे अपना दिल जोड़ सकें.

जहां तक आपके ऑफिस का सवाल है- सबसे पहले, मैं आपको अपनी सच्चाई के साथ जीने के लिए बधाई देना चाहता हूं. वर्कप्लेस पर अपनी पहचान जाहिर करने वाला कोई भी शख्स दूसरे शख्स को अपनी पहचान जाहिर करने का साहस देता है.

अब आपके क्रश/डेट/ भविष्य के संभावित अफेयर पर आते हैं – निजी तौर पर मेरा मानना है कि किसी को भी किसी से प्यार हो सकता है, और इसके लिए किसी को सजा नहीं दी जानी चाहिए. फिर भी, मुझे यह बात समझ में आती है जब कॉरपोरेट्स कहते हैं कि लोग अगर ऑफिस के भीतर रिलेशनशिप बनाना शुरू करते हैं, तो इससे कभी-कभी पक्षपात और भेदभाव की दखलअंदाजी बढ़ जाती है.

क्या आपका मनपसंद शख्स आपको रिपोर्ट करता है या आप उसे रिपोर्ट करते हैं? क्या वह अलग ग्रुप में है? क्या रोजमर्रा के कामकाज में आपको गंभीर कामकाजी फैसलों में एक दूसरे के साथ काम करने की जरूरत है? क्या आप उसके अप्रेजल के लिए जिम्मेदार होंगे या वह आपके लिए होगा?

ज्यादातर कॉरपोरेट्स के एक ही ग्रुप में कपल्स के मामले में कुछ नियम हैं. हो सकता है कि उन्हें आपके प्रेम संबंधों से मतलब न हो, लेकिन पूर्वाग्रह और पक्षपात सामने आता है तो वे दखल देंगे. अपने एचआर से कंपनी की पॉलिसी के बारे में पता करें. पता करें कि क्या आपके यहां कपल्स– हेट्रोसेक्सुअल या होमोसेक्सुअल जो आपके संस्थान के भीतर हैं और वे काम के साथ-साथ अपने प्रेम संबंधों को कैसे चलाते हैं.

यह भी सुनिश्चित करें कि आपके सहकर्मी के साथ आपकी रिलेशनशिप में कुछ भी मिसकंडक्ट, सेक्सुअल पक्षपात या मिसकंडक्ट न हो. सुनिश्चित करें कि सहमति हो, और अगर मुमकिन हो तो सहमति ऑडियो या टेक्स्ट में दर्ज की गई हो– जिसे कभी भी जरूरत पड़ने पर सबूत के तौर पर पेश किया जा सके. आप दोनों में जो भी प्रभावशाली स्थिति में है, एक शोषक के रूप में नहीं दिखना चाहिए.

मुस्कान के साथ,

रेनबोमैन

अंतिम बातः साफ-साफ कहूं तो, अगर मेरा ऑफिस मेरे प्यार पर पाबंदियां लगाता तो मैं कोई दूसरी नौकरी ढूंढ लेता.

क्या दुबले लोगों के बीच सेक्स में बहुत ज्यादा शोर होता है?

डियर रेनबो मैन

यह थोड़ा अजीब सवाल है– कृपया हंसिएगा नहीं. जब दुबले लोग जिनके शरीर में हड्डियां ज्यादा और मांस कम है, सेक्स करते हैं तो क्या बहुत ज्यादा शोर होता है? यह सवाल इसलिए पूछ रही हूं क्योंकि मैं दुबली हूं और मैं किसी को डेट कर रही हूं जो दुबला है. मेरे दोस्त इसे लेकर मेरा मजाक बनाते हैं. क्या आपने टिन पर कंकाल वाले चुटकुले के बारे में सुना है?

सादर

पतली कमर

डियर पतली कमर,

मुझे लिखने के लिए शुक्रिया. यह तथाकथित जोक क्या है? मुझे जिज्ञासा हो रही है!

“टिन की छत पर दो कंकाल सेक्स करेंगे तो शोर तो होगा ही” क्या इसे “मजाक” माना जाना चाहिए जिसका आप जिक्र कर रही हैं? चाहे जो भी हो, संवेदनशीलता की एक बारीक लाइन है जो मजाक करने और मजाक उड़ाने में फर्क करती है. यह उस शख्स के साथ आपकी नजदीकी पर निर्भर करता है जो मजाक कर रहा है और इस पर कि आप इसकी कैसे व्याख्या करते हैं.

आपके सवाल के जवाब में मुझे यही कहना है कि, मैंने इस बारे में कुछ नहीं पढ़ा है कि व्यक्ति के शरीर की किस्म से शोर के स्तर पर असर पड़ता है.

अपने शरीर की किस्म के बारे में अपनी समझ को आपके शरीर के बारे में लोगों के फैसले और मजाक से प्रभावित न होने दें.

आप जिसे चाहें, उससे प्यार करें. आप जिसे चाहती हैं उससे सेक्स करें. बस यह ख्याल रखें कि दोनों वयस्क हों और उनकी सहमति हो. बाकी सबकी राय और फैसले एक किनारे रख दें.

प्यार भरी झप्पी

रेनबो मैन

अंतिम बातः मैं भी एक मुहावरा कहता हूं- “ लोगों की राय और फैसले की मां की आंख है! और सबके पास एक है.”

(हरीश अय्यर एलजीबीटी कम्युनिटी, महिलाओं, बच्चों और पशुओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक समान अधिकार एक्टिविस्ट हैं)

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)

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