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'ईद से पहले कमाने गए थे,'- रायपुर में पीट-पीट कर हत्या का मामला, अब तक गिरफ्तारी नहीं

मृतक गुड्डू के परिवार की मांग है कि उन्हें न्याय मिले और सरकार उनकी मदद करें.

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"ढाई-तीन महीने पहले भी हमारे छोटे भाई के साथ मारपीट हुई थी, उधर काम करने में डर लगता है लेकिन ईद के पहले थोड़ी कमाई करने के लिए बड़े भाई काम पर गए थे और इस बीच यह सब हो गया."

ये बात रायपुर में कथित मॉब लिंचिंग केस (Mob Lynching) में मारे गए गुड्डू खान के भाई मतलूब ने क्विंट हिंदी से कही.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास आरंग कस्बे में 7 जून को पशुओं से भरी गाड़ी उत्तर प्रदेश के तीन नौजवान ले जा रहे थे. ये तीनों - सद्दाम कुरैशी, तहसीन उर्फ गुड्डू और चांद मियां थे जिन्हें कथित गौ तस्करी के आरोप में कुछ लोगों ने देर रात पकड़ा और उनके साथ मारपीट की. जानकारी के मुताबिक आरंग रोड पर बने पुल से इन्हें नीचे फेंका गया, जिसमें गुड्डू और चांद की मौके पर मौत हो गई. सद्दाम का 10 दिन इलाज चला और पुलिस को बयान देने से पहले उनकी भी मौत हो गई.
मृतक गुड्डू के परिवार की मांग है कि उन्हें न्याय मिले और सरकार उनकी मदद करें.

तस्वीर घायल सद्दाम कुरैशी की है जिनकी कथित गौ तस्करी के आरोप में भीड़ द्वारा पिटाई की गई. 

(फोटो- स्क्रीनशॉट)

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'रात को 1 बजे कुछ लोगों ने घेरा और मारपीट की'

पुलिस ने कहा कि, "मामले की जांच चल रही है. कुछ लोगों ने बताया कि तीनों के साथ मारपीट हुई है कुछ ने बताया गुस्साई भीड़ से डर कर तीनों पुल के नीचे कूद गए जिससे उन्हें चोट आई."

हालांकि गुड्डू के छोटे भाई जीशान ने कहा, "पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही. पहले कुछ को पकड़ा था लेकिन फिर उन्हें छोड़ दिया. हमारा पुलिस से कोई संपर्क नहीं, हमें कुछ मालूम ही नहीं है."

मतलूब ने क्विंट हिंदी को बताया कि, गुड्डू उत्तर प्रदेश में शामली जिले के बनत कस्बा का रहने वाला है, बाकी दो सहारनपुर में छुटमल पुर के रहने वाले थे. 39 वर्षीय गुड्डू रायपुर में मजदूरी का काम करता था.

मृतक गुड्डू के परिवार की मांग है कि उन्हें न्याय मिले और सरकार उनकी मदद करें.

गुड्डू खान, तीन नौजवानों में से एक जिनकी कथित गौ तस्करी के आरोप में पीट-पीट कर हत्या की गई  

(फोटो- क्विंट हिंदी)

मतलूब ने कहा, "हमारे जानने वालों ने हमें फोन पर बताया कि इनके साथ मारपीट हुई है और पुल के नीचे से लाश मिली है. रात को 1 बजे बाद कुछ लोगों ने इन्हें घेर लिया और बहुत मारा. गुड्डू के 4 छोटे-छोटे बच्चे हैं. तीन बेटियां हैं, बड़ी वाली 9 साल की है, एक 6 साल की और एक तो 15 महीने की है. एक 8 साल का लड़का है. हम 6 भाई थे, गुड्डू सबसे बड़े थे. अब वो नहीं रहे."

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

क्विंट हिंदी को मतलूब ने बताया कि, "वो जिस गाड़ी में थे उसमें केवल भैंस थी. तीन महीने पहले हमारा छोटा भाई वसीम रायपुर गया था काम करने. उसे भी लोगों ने घेर लिया और खूब पीटा था. वो तो दिन निकल आया था इसलिए वहां के लोगों ने उसे बचा लिया. वसीम को पुलिस ने गौ तस्करी के आरोप में जेल में डाल दिया था फिर उसे बेल मिल गई थी. उसके बाद से हम डरे हुए हैं."

मृतक गुड्डू के परिवार की मांग है कि उन्हें न्याय मिले और सरकार उनकी मदद करें.

ये गुड्डू के छोटे भाई वसीम की तस्वीर है जिसके साथ कुछ महीने पहले गौ तस्करी के शक में मारपीट की गई थी. 

(फोटो- स्क्रीनशॉट)

पीड़ित परिवार को बजरंग दल पर शक, धांधली का भी आरोप 

मतलूब ने आरोप लगाया कि पहले भी हमारे भाई (वसीम) को बजरंग दल-आरएसएस वालों ने ही मारा था और इस बार भी हमारे भाई को उन्हीं लोगों ने मारा है. हमें उन्हीं लोगों पर शक है. अब तक हमें पोस्ट मार्टम रिपोर्ट की जानकारी भी नहीं है.

मतलूब ने कहा कि "हमारी मांग है कि हमें न्याय मिले. हमें सरकारी मदद भी मिलनी चाहिए, गुड्डू के छोटे बच्चें हैं उनकी मदद होनी चाहिए."

गुड्डू के छोटे भाई जीशान ने बड़ी धांधली होने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, "रायपुर की तरफ ऐसा ही होता है. मवेशी लेकर जाने वालों को वो लोग पकड़ते हैं, मार के फैंक देते हैं और सब कुछ लूट लेते हैं. लूट का माल व्यापारियों को बेच दिया जाता है. ये लाखों का माल होता है. ऐसा कई बार हो चुका है, सबको पता है."

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'योजना' के तहत हुआ हादसा?

क्विंट हिंदी से बात करते हुए, रायपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कीर्तन राठौड़ ने कहा: “अब तक, हम यह पता लगा पाए हैं कि तीनों गोवंश से भरे ट्रक के साथ जा रहे थे और उनका पीछा किया जा रहा था. हमारे पास सीसीटीवी पर कुछ लोग ट्रक का पीछा कर रहे हैं, लेकिन पुल पर कोई सीसीटीवी नहीं है, इसलिए हमें इस बात की कोई पुष्टि नहीं है कि उन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया था, या वे डर के मारे कूद गए थे.”

इस बीच, पुलिस सूत्रों ने द क्विंट के रिपोर्टर से दावा किया कि ये सब एक "योजना" के तहत हुआ है क्योंकि जिस रास्ते पर घटना घटी वहां सड़क पर कीलें बिछाई गई थीं.

एक पुलिस सूत्र ने कहा, “हम एक सुनियोजित हमले के पहलू की जांच कर रहे हैं क्योंकि घटना स्थल से बड़ी संख्या में नुकीली कीलें जब्त की गई हैं, और इन कीलों के कारण ही ट्रक के टायर फट गए, और वाहन को रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा."
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पोस्ट मार्टम रिपोर्ट ही बता सकती है: चोट की वजह मारपीट है या हादसा

शुरुआत में पुलिस ने कहा कि तीनों ने पुल के नीचे छलांग लगा दी जिसकी वजह से उनकी मौत हुई होगी. लेकिन परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि उनकी भीड़ द्वारा पिटाई के बाद मौत हुई है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक छ्त्तीसगढ़ पुलिस ने हत्या के प्रयास और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है. पुलिस ने कहा है कि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में ही खुलासा होगा कि चोट मारपीट की वजह से आई या किसी हादसे की वजह से. लेकिन परिवार वालों ने कहा कि उन्हें अब तक किसी रिपोर्ट की जानकारी नहीं है.

लेकिन मतलूब ने बताया कि, "अब तक हमें पोस्ट मार्टम रिपोर्ट की जानकारी भी नहीं है."

सद्दाम कुरैशी का अंतिम संस्कार सहरानपुर में किए जाने की खबर है, जिसकी मौत घटना के 10 दिन बाद हुई. सद्दाम के 6 भाई-बहन और माता पिता हैं.

फिलहाल पुलिस जांच कर रही है कि तीनों पुल के नीचे खुद ही गिरे या मारकर गिराए गए हैं.

इनपुट: पंकज कुमार

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