NEP पर बोले शिक्षा मंत्री- किसी राज्य पर नहीं थोपेंगे कोई भाषा 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के एक प्रावधान पर विवाद 

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शिक्षा
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NEP के प्रावधान पर विवाद
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 ने पांचवीं क्लास तक की पढ़ाई के लिए निर्देशों का माध्यम मातृभाषा या स्थानीय भाषा में होने पर 'जोर' दिया है. इस पर विवाद और भ्रम के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने 2 अगस्त को कहा है कि केंद्र सरकार किसी भी राज्य पर कोई भाषा नहीं थोपेगी.

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता पोन राधाकृष्णन को ट्विटर पर जवाब देते हुए पोखरियाल ने तमिल में कहा, ‘’हम तमिलनाडु में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने के लिए आपके मार्गदर्शन के लिए तत्पर हैं. मैं फिर से कहना चाहूंगा कि केंद्र सरकार किसी भी राज्य पर कोई भाषा नहीं थोपेगी.’’

मातृभाषा को लेकर क्या कहती है NEP?

'बहुभाषीयता और भाषा की ताकत' नाम के सेक्शन 5 में NEP कहती है कि 'जहां भी मुमकिन हो पाए, कम से कम क्लास 5 और हो सके तो क्लास 8 और उसके आगे तक पढ़ाने का माध्यम घर की भाषा/मातृभाषा/स्थानीय भाषा/क्षेत्रीय भाषा हो.'

साइंस जैसे विषयों के लिए भी 'उच्च-स्तर की' टेक्स्टबुक मातृभाषा या स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएंगी. जहां स्थानीय भाषा में टेक्स्टबुक मैटेरियल मौजूद नहीं है, वहां टीचरों और बच्चों के बीच पढ़ाई का माध्यम जहां तक मुमकिन हो स्थानीय भाषा में ही रहेगा.

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