शिक्षा नीति: होगा कितना सुधार, एक्सपर्ट क्यों उठा रहे हैं सवाल?

मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदल कर अब शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है.

Published30 Jul 2020, 05:42 PM IST
पॉडकास्ट
1 min read

भारत में 34 साल में पहली बार नई शिक्षा नीति लागू होने जा रही है. सरकार की माने तो ये ऐसे एजुकेशनल रिफॉर्म्स हैं जिनकी भारत जैसे देश में काफी जरूरत थी. मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदल कर अब शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है.

किसी कारण से आपकी पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. क्योंकि अपने जितने भी साल पढ़ाई की है वो बेकार नहीं जाएगी, उसका आपको या तो सर्टिफिकेट मिलेगा या फिर डिप्लोमा दिया जाएगा. भारत की नई एजुकेशन पॉलिसी में ऐसे ही कई बड़े बदलाव हुए हैं. 34 साल बाद आई इस नई पॉलिसी में हायर एजुकेशन के लिए एंट्री और एग्जिट सिस्टम दिया गया है, साथ ही स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए भी व्यवस्था की गई है.

लेकिन शिक्षा की इस नीति को लेकर कई शिक्षाविदों ने सवाल भी उठाए हैं. उन्होंने इस पॉलिसी के खतरों को लेकर भी संकेत दिए हैं. आखिर क्या वो मुद्दे हैं जिनसे बच्चों और पेरेंट्स को परेशानी उठानी पड़ सकती है, उन्हीं को लेकर आज इस पॉडकास्ट में बात करेंगे.

कोरोनावायरस से जारी जंग के बीच तमाम अपडेट्स और जानकारी के क्लिक कीजिए यहां

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram और WhatsApp चैनल से जुड़े रहिए यहां)

क्विंट हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

120,000 से अधिक ग्राहक जुड़ें!