ADVERTISEMENTREMOVE AD

₹2000 नोट वापसी: बैंकों से लंबी लाइन गायब, गोल्ड से नोट बदलने का तरीका आया सामने

RBI के निर्देशों के अनुसार, 23 मई से बैंकों में नोट बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई है.

Published
भारत
3 min read
story-hero-img
i
छोटा
मध्यम
बड़ा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर इलाके में स्थित यूनियन बैंक की शाखा में दोपहर 2 बजे तक सिर्फ 12 लोग ₹2000 की नोट बदलने पहुंचे थे. कुछ ऐसा ही हाल लखनऊ के अधिकांश बैंकों में था, जहां अपेक्षा के विपरीत बहुत कम लोग नोट बदलवाने के लिए बैंक पहुंच रहे थे. कुछ बैंकों ने नोट बदलने को लेकर एक अलग काउंटर की व्यवस्था भी की थी. लेकिन ऐसे लोगों की संख्या कम होने के कारण कैश काउंटर से ही नोट बदल दिया जा रहा है.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

2016 में नोटबंदी के बाद जिस तरीके से लोगों ने बैंकों और एटीएम की लंबी कतारों में लगकर नोट बदलाव आए थे, सात साल बाद सरकार के ₹2000 के नोट वापस लेने के निर्णय के बाद इन्हीं जगहों पर अब नजारा बदला हुआ है.

RBI के निर्देशों के अनुसार, 23 मई से बैंकों में नोट बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई है.

लखनऊ के गोमती नगर स्थिति बैंक की तस्वीर.

(फोटो-पीयूष राय/क्विंट हिंदी)

बैंकों में इस बार क्यों नहीं दिखी कतारें?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देशों के अनुसार, 23 मई से बैंकों में नोट बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई है. यह प्रक्रिया 30 सितंबर तक चालू रहेगी. ₹2000 की नोट वापसी की शुरुआत के पहले दिन बैंकों में रोजाना की तरह ही काम होते दिखा.

नाम न बताने की शर्त पर लखनऊ में कार्यरत एक बैंक मैनेजर ने क्विंट हिंदी से कहा," जब आम लोगों के पास ₹2000 का नोट बचा ही नहीं तो बैंकों में इन नोटों को बदलवाने के लिए भीड़ कैसे दिखेगी?"

RBI के निर्देशों के अनुसार, 23 मई से बैंकों में नोट बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई है.

2 हजार रुपये के नोट बदलवाने पहुंचे इक्का-दुक्का लोग.

(फोटो-पीयूष राय/क्विंट हिंदी)

उन्होंने आगे बताया कि तकरीबन 1 साल से ज्यादा का वक्त हो गया है जब बैंकों या एटीएम से ₹2000 के नोट वितरित होना बंद हो गए थे."2016 में नोटबंदी के बाद हमने एटीएम को कैलिब्रेंट करके ₹2000 और ₹500 के नए नोटों के अनुसार कर दिया था. लेकिन तकरीबन 1-2 साल पहले जब ₹2000 की नोट आना बंद हो गए तो हमने एटीएम मशीन में ₹2000 की कैश कैसेट को कैलिब्रेंट करके ₹500 का कर दिया."

2016 में जारी हुए ₹2000 के नोटों को, आरबीआई के अनुसार, 2018-19 में छापना बंद कर दिया गया था.

बैंक कर्मचारियों की माने तो ₹2000 के नोट अब बड़े उद्योगपतियों, बिल्डरों और काला धन जमा करने वाले लोगों के पास ही बचे होंगे. ₹2000 का नोट चलन से बाहर होने की खबर आते ही इसे खपाने वाले सक्रिय हो गए हैं और उन्होंने अपना रुख बैंक की तरफ नहीं बल्कि सर्राफा बाजार की तरफ किया है. सोना और चांदी का भाव बढ़ा हुआ है.

RBI के निर्देशों के अनुसार, 23 मई से बैंकों में नोट बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई है.

लखनऊ के इंडियन ओवरसीज बैंक की तस्वीर.

(फोटो-पीयूष राय/क्विंट हिंदी)

सूत्रों की माने तो ₹2000 की नोट खपाने के लिए लोग सोना के निर्धारित मूल्य से ₹5000 से ₹10000 प्रति ग्राम ज्यादा देने को तैयार हैं.

बैंकों के अलग-अलग मानक

नोट बदलवाने के दिशा निर्देशों को लेकर अभी भी स्थिति पूरी तरीके से स्पष्ट होती नहीं दिख रही है. बैंकों ने इंटरनल सर्कुलर का हवाला देते हुए, ₹2000 का नोट बदलवाने के लिए अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग निर्देश जारी हुए हैं.

RBI के निर्देशों के अनुसार, 23 मई से बैंकों में नोट बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई है.

लखनऊ के पंजाब नेशनल बैंक की तस्वीर.

(फोटो-पीयूष राय/क्विंट हिंदी)

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा था कि ₹2000 के नोट बदलवाने के लिए किसी प्रकार के पहचान पत्र या फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी.

लखनऊ के यूको बैंक में नोट बदलवाने के लिए आपको फॉर्म भरकर उसके साथ एक पहचान पत्र भी संलग्न करना होगा. वही बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच में नोट बदलवाने पहुंचे लोगों से उनका नाम और दस्तखत का रिकॉर्ड बैंक अपने पास रख रहा है.

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया नोट बदलवाने पहुंच रहे लोगों से उनका नाम और एक केवाईसी (KYC) डॉक्यूमेंट की मांग की जा रही है.

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)

सत्ता से सच बोलने के लिए आप जैसे सहयोगियों की जरूरत होती है
मेंबर बनें
अधिक पढ़ें
×
×