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द.अफ्रीका में कोविड का नया वैरियंट,भारत में विदेशी यात्रियों के लिए नई गाइडलाइन

बोत्सवाना में नए वेरिएंट के 4 मामले, दक्षिण अफ्रीका में 22 मामले और हांगकांग में 2 मामले दर्ज हुए हैं.

Updated
भारत
3 min read
<div class="paragraphs"><p>प्रतीकात्मक तस्वीर</p></div>
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कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच कई वैज्ञानिकों का मानना है कि कोई भी नया वेरिएंट इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है. इस बीच कई देशों में कोरोना के एक नए वेरिएंट B.1.1529 का पता चला है जिसके बाद भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है.

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एजवाइजरी जारी करने के पीछे क्या उद्देश्य है?

हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण ने कहा कि भारत के नेशनल सेंटर फॉर डीसीज कंट्रोल ने स्वास्थ्य मंत्रालय को सूचित किया है कि कई देशों में कोरोना का नया वेरिएंट B.1.1529 मिला है, बोत्सवाना में इसके 4 मामले, दक्षिण अफ्रीका में 22 मामले और हांगकांग में 2 मामले दर्ज हुए हैं.

राजेश भूषण ने कहा कि इसमें कई म्यूटेशंस हो सकते हैं और इसके गंभीर प्रभाव भारत में भी देखने को मिल सकते हैं क्योंकि हाल ही में वीजा प्रतिबंधों में ढील दी गई और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा को बढ़ावा मिला है.

भारत आने वाले विदेशी यात्रियों के लिए मंत्रालय ने क्या सलाह जारी की है?

जिन देशों में यह नया वेरिएंट मिला है वो देश फिलहाल 'रिस्क' पर हैं. इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार उन देशों से भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्त स्क्रीनिंग (जांच) और टेस्टिंग की जाएगी साथ ही उनके सभी संपर्कों यानी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग भी की जाएगी.

नए वेरिएंट B.1.1529 को भारत कैसे ट्रैक करेगा?

मंत्रालय द्वारा राज्यों को इसे लेकर पहले ही आगाह कर दिया गया है इसलिए अब राज्यों को इंडियन SARS-CoV-2 जेनेटिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) लैब में पॉजिटिव होने वाले यात्रियों के सैंपल्स भेजने होंगे. यह लैब भारत में हर तरह वेरिएंट को ट्रैक करने का और उस पर बारीकी से नजर रखने का काम करती है.

साथ ही राज्यों के उन अधिकारियों को जो निगरानी करेंगे उन्हें इस लैब के साथ कॉर्डिनेट करना होगा और वेरिएंट को फैलने से और इसके मामलों को बढ़ने से रोकने के लिए टेस्ट-ट्रेक-ट्रीट यानी टेस्टिंग फिर उसकी निगरानी और भी उपचार करना होगा.

दक्षिण अफ्रिका ने नए वेरिएंट के बारे में क्या जानकारी दी है?

गुरुवार को दक्षिण अफ्रिका के नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर कम्यूनिकेबल डीसीजेज (NICD) ने बताया कि, दक्षिण अफ्रीका में एक नए कोविड-19 का वेरिएंट B.1.1.1.529 का पता चला है, जिसके बाद जीनोम सिक्वेंसिंग से 22 पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए हैं.

एनआईसीडी के एक्टिंग कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर एड्रियन प्यूरेन ने कहा, "हालांकि डेटा सीमित हैं, हमारे विशेषज्ञ नए वेरिएंट को समझने के लिए उपल्बध संसाधनों के जरिए दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि उसके संभावित प्रभाव का पता लगाया जा सके. इसमें बहुत तोजी बदलाव आ रहे हैं लेकिन लोगों को हम अपडेटेड रखेंगे.

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हॉन्ग कॉन्ग में नए वेरिएंट मिलने के बाद क्या जानकारी सामने आई?

गुरुवार को हॉन्ग कॉन्ग की सरकार के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र ने कहा कि रीगल एयरपोर्ट होटल में दो मामलों का क्लस्टर मिला जिसमें जेनेटिक सिक्वेंसेस लगभग समान थे. साथ ही दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना में पाए जाने वाले वेरिएंट के भी समान हैं.

बोत्सवाना से नए वेरिएंट को लेकर क्या जानकारी मिली है?

बोत्सवाना की कोविड -19 टास्क फोर्स ने गुरुवार को कहा कि सोमवार को B.1.1.529 के चार मामले विदेशी यात्रियों में मिले हैं. यह भी कहा कि चारों यात्री पूरी तरह से वैक्सीनेटेड थे. कोविड -19 टास्क फोर्स के डॉ के. मसुपु ने कहा, “वायरस पर प्रारंभिक जांच ने स्थापित किया है कि डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले इस नए वेरिएंट में तेजी से म्यूटेशंस होते हैं. इसका क्या मतलब है यह अभी भी स्पष्ट नहीं है और जांच के दायरे में है. नए वेरिएंट में बीमारी की गंभीरता को प्रभावित करने की क्षमता है. इस समय वेरिएंट का वास्तविक कितना प्रभाव है यह स्थापित नहीं किया गया."

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