केंद्र सरकार ने गुरुवार को नागालैंड में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) को छह महीने के लिए बढ़ा दिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय (Union Home Ministry) ने गुरुवार को एक अधिसूचना जारी कर कहा कि संपूर्ण राज्य में अभी ऐसी खतरनाक तथा अशांत स्थिति में है जिससे निपटने के लिए सशस्त्र बलों की तैनाती और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जाना जरूरी है. इसलिए केंद्र सरकार इस अधिनियम की धारा 3 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राज्य के संपूर्ण क्षेत्र को 30 दिसंबर से अगले 6 माह के लिए अशांत क्षेत्र (Nagaland disturbed area) घोषित कर रही है.
गौरतलब है कि राज्य में केंद्र सरकार ने नागालैंड में अफस्पा (AFSPA) अधिनियम को लेकर हाल ही में एक 5 सदस्य समिति का गठन किया था. यह समिति राज्य में अफस्पा से संबंधित सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी और उसके बाद केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी. माना जा रहा है कि इसके मद्देनजर ही राज्य में अफस्पा के प्रावधानों को फिलहाल लागू रखने का निर्णय लिया गया है.
यह आदेश ऐसे समय में आया है जब राज्य में 13 नागरिकों की मौत के बाद कोहराम मच गया था. इस घटना ने बड़े पैमाने पर जन आक्रोश पैदा किया और नागालैंड विधानसभा ने अफस्पा को निरस्त करने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया.
आपको बता दें, AFSPA राज्य सरकार, सशस्त्र बलों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ उचित परामर्श के बाद एक क्षेत्र से लगाया या हटाया जाता है. मार्च 2018 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मेघालय से AFSPA हटाने का आदेश दिया था. अरुणाचल प्रदेश में भी, 2018 और 2019 के बीच कई पुलिस स्टेशनों से कानून को रद्द कर दिया गया था. वर्तमान में, अरुणाचल में, केवल तीन जिले और असम की सीमा वाले चार पुलिस स्टेशन AFSPA के तहत हैं.
(क्विंट हिन्दी, हर मुद्दे पर बनता आपकी आवाज, करता है सवाल. आज ही मेंबर बनें और हमारी पत्रकारिता को आकार देने में सक्रिय भूमिका निभाएं.)