भारत-चीन सीमा विवाद:PM मोदी के बयान पर क्या है कहते हैं एक्सपर्ट्स

"अगर हमारी सीमा में कोई घुसा ही नहीं है तो इतने दिनों से विवाद किस बात का चल रहा है? "

Updated20 Jun 2020, 11:53 AM IST
भारत
3 min read

गलवान घाटी में भारत और चीनी सेना के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई. इसके बाद पीएम मोदी ने देश के सामने संदेश में कहा कि ''पूर्वी लद्दाख में जो हुआ...न वहां कोई हमारी सीमा में घुस आया है और न ही कोई घुसा हुआ है, न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है.''

हालांकि अब पीएमओ ने बयान जारी कर कहा है कि प्रधानमंत्री ने जब कहा कि कोई घुसपैठ नहीं हुई है तो उनका मतलब 15 जून से था. 15 जून को घुसपैठ की कोशिश हुई थी जिसे हमारे जांबाजों ने नाकाम कर दिया.

पीएम मोदी के बयान को लेकर अब डिफेंस एक्सपर्ट्स, रिटायर्ड सर्विसमेन, डिप्लोमेसी के एक्सपर्ट सवाल उठा रहे हैं. इनका कहना है कि "अगर हमारी सीमा में कोई घुसा ही नहीं है तो इतने दिनों से विवाद किस बात का चल रहा है? हमारे 20 सैनिक शहीद कैसे हो गए?"

रणनीतिक मामलों के जानकार ब्रह्मा चेलनी ने पीएमओ की सफाई आने के बाद ट्विटर पर लिखा है-

पीएम मोदी का चीन पर जो बयान आया है वो चौंकाने वाला है. उन्होंने जो दावा किया है कि चीन ने भारत में कोई घुसपैठ नहीं की. उनका ये कहना चीन को मदद पहुंचा सकता है. जिस इलाके में घुसपैठ हुई है अब चीन वहां फोर्स को पीछे हटाने का दबाव बना सकता है. या फिर पीएम मोदी भारतीय दावों को सरेंडर कर रहे हैं, जिसमें कहा जा रहा था कि अहम जगहों पर PLA ने कब्जा जमा लिया है. पीएम मोदी अब अपना चेहरा छुपाने की कोशिश कर रहे हैं. पीएम मोदी का ताजा बयान चीनी प्रोपेगेंडा के लिए काम करेगा. चीन ने जिन नए कब्जाए हुए इलाकों पर जो कंस्ट्रक्शन का काम शुरू किया है. अब चीन अपने इस कब्जे को सही ठहराने के लिए पीएम मोदी के बयान का हवालागा और कहेगा कि भारतीय सैनिक अवैध रूप से चीनी इलाके में घुसे.
ब्रह्मा चेलनी, रणनीतिक मामलों के जानकर

रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल रामेश्वर रॉय ने पीएम मोदी के भाषण को सुनने के बाद लिखा- "आज बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण दिन है. मैं अपने तीन स्टार्स को धन्यवाद देना चाहूंगा कि आज में रिटायर्ड हूं और मेरा बेटा आर्मी में नहीं है. मैंने 40 साल तक अपने देश की सेवा की है. सिर्फ एक लक्ष्य के लिए कि मैं अपने देश की सीमाओं और देश की संप्रभुता को सुरक्षित रख सकूं. मैं ये सुनकर चूर-चूर हो गया हूं कि भारत ने चीन के LAC पर बदले हुए दावों को स्वीकार कर लिया है. मेरे जैसे सैनिक के लिए ये बेहद दुखद दिन है."

विदेश मामलों के जानकार और JNU में प्रोफेसर रहे पुष्पेश पंत ने लिखा है कि-

मुझे एक फिल्म याद आ रही है ‘नो वन किल्ड जैसिका’ किसी ने कब्जा नहीं जमाया, कोई घुसपैठ नहीं हुई, दोनों पक्ष शांतिपूर्ण तरीके से मामला सुलझा रहे हैं. लेकिन फिर भी 20 लोगों की जान चली गई.
पुष्पेश पंत, विदेश मामलों के जानकार

डिफेंस मामलों पर लगातार लिखने वाले अजय शुक्ला ने लिखा- "क्या मैं ये देख रहा है हूं कि पीएम मोदी ने भारत-चीन सीमा की एक नई लकीर खींच दी. मोदी ने कहा कि भारतीय क्षेत्र में कोई नहीं घुसा है. क्या उन्होंने हमारा गलवान नदी घाटी और पेनगॉन्ग ताशो में फिंगर 4-8 वाला इलाका चीन को दे दिया है."

अगर हमारे देश में घुसपैठ नहीं हुई है तो इतना बवाल किस बात का मचा हुआ है. ये मिलिट्री टू मिलिट्री बाचतीत, कूटनीतिक बातचीत, मिलिट्री डिसएंगेजमेंट और ये 20 जवानों की शहादत ये सब क्यों हो रहा है? ये जवान किस क्षेत्र में शहीद हुए. क्या मोदी वही कह रहे हैं जो चीन कह रहा है कि भारतीय सैनिकों ने LAC पार की? क्या वो सबकुछ समझकर ऐसा बोल रहे हैं या फिर उन्हें गलत ब्रीफ किया हुआ है. क्या सरकार ने ये मान लिया है कि वो कुछ भी बोल सकती है?
अजय शुक्ला, डिफेंस एक्सपर्ट

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Published: 20 Jun 2020, 11:39 AM IST

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