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Presidential Election: द्रौपदी मुर्मू ने नॉमिनेशन भरा,NDA के कई दिग्गज रहे मौजूद

Presidential Election: राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट वैल्यू के आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो NDA का पलड़ा भारी है.

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भारत
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राष्ट्रपति चुनाव (Presidential Election) के लिए NDA उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) ने शुक्रवार, 24 जून को अपना नामांकन दाखिल किया. इस दौरान पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे. राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट वैल्यू के आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो NDA का पलड़ा भारी है. द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) का राष्ट्रपति बनना तय माना जा रहा है. वहीं विपक्ष ने यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) को अपना उम्मीदवार बनाया है. वो 27 जून को अपना नामांकन दाखिल करेंगे.

PM मोदी प्रस्तावक, राजनाथ बने अनुमोदक

NDA उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) के नॉमिनेशन के दौरान बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के दिग्गज नेता मौजूद रहे. जानकारी के मुताबिक मुर्मू ने 4 सेट का नामांकन दाखिल किया है. द्रौपदी मुर्मू के नामांकन में पीएम मोदी प्रस्तावक और राजनाथ सिंह अनुमोदक बने हैं.

मुर्मू के नॉमिनेशन के दौरान NDA की एकजुटता देखने को मिली. इस दौरान कैबिनेट मंत्री, बीजेपी और NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे. नामांकन के दौरान बीजेडी की ओर से ओडिशा के कैबिनेट मंत्री जगन्नाथ सराका, तुकुनी साहू भी मौजूद रहे.

द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति बनना लगभग तय

नवीन पटनायक की बीजेडी ने द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है. इसके साथ ही जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस ने भी अपना समर्थन दिया है. द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति बनना लगभत माना जा रहा है. यही वजह है कि बीजेपी और पूरा एनडीए मुर्मू की जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त दिख रहा है.

आंकड़ों पर नजर डालें तो NDA के पास सबसे ज्यादा 5 लाख 26 हजार 966 वोट हैं. वहीं यूपीए के पास महज 2,64,158 वोट ही हैं, अन्य के पास 2,87,791 वोट है. बीजेडी और वाईएसआर के समर्थन के बाद दोनों के वोट भी NDA में जुट जाएंगे. इस तरह द्रौपदी मुर्मू आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर लेंगी.

कौन हैं द्रौपदी मुर्मू ?

द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के आदिवासी जिले मयूरभंज के रायरंगपुर गांव में हुआ था. वह झारखंड की पहली महिला राज्यपाल भी रह चुकी हैं. 18 मई 2015 से 12 जुलाई 2021 तक झारखंड के राज्यपाल पद पर रहीं.

द्रौपदी मुर्मू ओडिशा की पहली महिला और आदिवासी नेता हैं, जिन्हें राज्यपाल नियुक्त किया गया था. द्रौपदी मुर्मू ने 2002 से 2009 तक और फिर 2013 में मयूरभंज के बीजेपी जिलाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया. इस दौरान, उन्हें बीजेपी एसटी मोर्चा या पार्टी की अनुसूचित जनजाति विंग की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भी बनाया गया था.

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