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"घर फूंक तमाशा देखना", विश्वगुरु पर तंज...नूपुर शर्मा के बयान पर किसने क्या कहा?

कपिल सिब्बल ने कहा कि नूपुर शर्मा, नवीन जिंदल नफरत की राजनीति की मानसिकता को दर्शाते हैं.

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बीजेपी की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित 'आपत्तिजनक' बयान देकर चारों तरफ से घिर गई हैं. भारत से लेकर विदेश तक उनके बयान की आलोचना हो रही है. अरब मुल्कों ने उनके बयान पर खासतौर से आपत्ति जताई है, जिसे भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में खारिज किया और कहा कि हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. लेकिन ये विवाद शांत होता नजर नहीं आ रहा, भारत में इसपर राजनीति एकदम गर्म है. राजनीतिक पार्टियों की इसपर खूब प्रतिक्रिया आई है.

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आंतरिक रूप से बंटा भारत बाहरी रूप से भी कमजोर हो रहा- राहुल गांधी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि "आंतरिक रूप से बंटा भारत बाहरी रूप से भी कमजोर हो रहा है. बीजेपी की शर्मनाक कट्टरता ने न केवल हमें अलग-थलग कर दिया है, बल्कि विश्व स्तर पर भारत की स्थिति को भी नुकसान पहुंचाया है"

ये अभद्र भाषा के संरक्षक हैं - CPI (M) 

पूर्व कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा है कि "नूपुर शर्मा, नवीन जिंदल...ये नफरत की राजनीति की मानसिकता को दर्शाते हैं. इन्हें पीछे धकेलने का समय आ गया है."

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भी नूपुर के बयान की आलोचना की है. पार्टी ने ट्वीट करके कहा कि,

"नुपुर शर्मा ने समर्थन के लिए पार्टी नेताओं अमित शाह, पीएमओ और अन्य को सार्वजनिक रूप से धन्यवाद दिया. अब दूसरे देशों के दबाव में उन्हें कार्रवाई करने और उसे निलंबित करने के लिए मजबूर किया है. ये अभद्र भाषा के संरक्षक हैं. इन्हें अलग-थलग करें, निंदा करें, उन्हें हराएं, भारत बचाएं"

उमर अब्दुल्ला की तीखी टिप्पणी

JKNC के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने नवीन जिंदल पर भी तीखा हमला बोला है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि "इस आदमी ने पैगंबर को बलात्कारी कहा था. अब उनका कहना है कि उनकी टिप्पणी किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के उद्देश्य से नहीं थी, उसने क्या सोचा था कि टिप्पणी से क्या होगा? ये जानते हुए भी कि इससे भावनाओं को ठेस पहुंचेगी, ये बयान दिए गए थे. उन्होंने इसके परिणाम की उम्मीद नहीं की थी!"

घर फूंक तमाशा देखना - शशि थरूर 

कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने कहा कि "घर फूंक तमाशा देखना’ मुहावरे को जिस तरह बीजेपी ने अपनाया हुआ है, उससे देश के हर सर्वधर्म संभाव, पंथनिरपेक्ष नागरिक का सर शर्म से झुक गया है, इस आग की चपेट में अब अप्रवासी भारतीय भी आ रहे हैं. यह आग फौरन बुझनी चाहिए."

एक और कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि "कतर के बाद अब कुवैत की बारी है कि वह हमारे दूत को बुलाकर आपत्ति जता रहा है. ये तब है जब भारत के उपराष्ट्रपति (बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष) अभी कतर में हैं, निस्संदेह विश्वगुरु की स्तुति गा रहे हैं!"
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"नौ सौ चूहे खा कर बिल्ली हज को चली”

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी पर कई तीखी टिप्पणियां की. उन्होंने बीजेपी के बयान पर कहा कि

"बीजेपी का आज का बयान, 'किसी भी संप्रदाय या धर्म का अपमान या अपमान करने वाली किसी भी विचारधारा के खिलाफ' कुछ भी नहीं बल्कि डैमेज कंट्रोल के लिए के लिए एक नकली नकली ढोंग और दिखावटी प्रयास है. इसे ही कहा जाता है - नौ सौ चूहे खा कर बिल्ली हज को चली”.

शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि "अपने घरेलू दर्शकों को नफरत से भरने के लिए, बीजेपी ने मध्य पूर्व के देशों में काम करने वाले हजारों भारतीयों को जोखिम में डाल दिया है, भारत के लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों को नुकसान पहुंचाया और भारतीय व्यवसायों को नष्ट कर दिया"

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निलंबन एक दिखावा है- ओवैसी

AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट किया: “फ्रिंज मेनस्ट्रीम है. इसे अमित शाह का समर्थन हासिल है. क्या यही कारण है कि पुलिस ने अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है? निलंबन एक दिखावा है. छोटा सावरकर सरकारी समर्थन के कारण ठगा गया था." उन्होंने एक और ट्वीट में कहा कि,

"20 करोड़ भारतीय मुसलमानों की धार्मिक मान्यताओं का अपमान किया गया. उनकी चिंताओं को दूर करने के बजाय, मोदी विदेशी प्रतिक्रिया से अधिक डरते हैं. बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण"

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा कि "शर्मा के प्रति उनकी सहानुभूति है क्योंकि उन्हें उस नफरत के लिए कार्रवाई का सामना करना पड़ा, जो बीजेपी ने दिन-प्रतिदिन फैलाई. यह अन्याय है."

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