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Ashok Chavan: कांग्रेस के कद्दावर नेता और महाराष्ट्र के पूर्व CM ने छोड़ा 'हाथ' का साथ

Ashok Chavan Resigns: महाराष्ट्र कांग्रेस को एक महीने में तीसरा झटका लगा है. बाबा सिद्दीकी और मिलिंद देवड़ा भी पार्टी छोड़ चुके हैं.

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लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस (Congress) एक बार फिर बड़ा झटका लगा है. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व सांसद अशोक चव्हाण (Ashok Chavan) ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. अशोक चव्हाण महाराष्ट्र की राजनीति में कद्दावर नेता के तौर पर जाने जाते हैं.

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अशोक चव्हाण (Ashok Chavan Resigns) ने अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया पर देते हुए लिखा, "आज सोमवार 12 फरवरी, 2024 को मैंने विधानसभा अध्यक्ष राहुलजी नार्वेकर को 85-भोकर विधानसभा क्षेत्र की सदस्यता से अपना इस्तीफा सौंप दिया है."

अशोक चव्हाण ने इस्तीफा ऐसे वक्त में दिया है जब लोकसभा चुनाव होने वाले हैं. वहीं इसी साल महाराष्ट्र में भी चुनाव होने हैं. इससे पहले महाराष्ट्र कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता बाबा सिद्दीकी और मिलिंद देवड़ा भी पार्टी छोड़ चुके हैं. अशोक चव्हाण के इस्तीफे के पीछे की वजह अब तक साफ नही हुई है. उनके इस्तीफे के बाद इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं की वह बीजेपी में शामिल हो सकते है.

Ashok Chavan Resigns: महाराष्ट्र कांग्रेस को एक महीने में तीसरा झटका लगा है. बाबा सिद्दीकी और मिलिंद देवड़ा भी पार्टी छोड़ चुके हैं.

कांग्रेस के कई अच्छे नेता BJP के संपर्क में- फडणवीस

अशोक चव्हाण के बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर बीजेपी नेता और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, कांग्रेस के कई अच्छे नेता बीजेपी के संपर्क में हैं. इस वक्त कांग्रेस जिस तरह काम कर रही है कई ऐसे नेता जिनके पास विशाल जन बल है वे कांग्रेस में घुटन महसूस कर रहे हैं.

"दूसरे दलों के कई नेता बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं. और मुझे विश्वास है कि जल्द ही कुछ बड़े चेहरे बीजेपी में शामिल भी होंगे. मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि, आगे आगे देखिए होता है क्या."
देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम, महाराष्ट्र

अशोक चव्हाण का राजनीतिक सफर

अशोक चव्हाण साल 2008 से 2010 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे हैं. वह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरराव चव्हाण के बेटे हैं. अशोक ने 1987 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीता था. तब वह केवल 30 बरस के थे. लेकिन इसके 2 साल के बाद 1989 में वह लोकसभा चुनाव हार गए. वह 1986-1995 तक महाराष्ट्र युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी रहे.

लेकिन इस दौरान उनका राजनीतिक कद बहुत प्रभावी नहीं था. साल 1999 में महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने विधायक के तौर पर जीत हासिल की. इसके बाद उनका राजनीतिक ग्राफ लगातार बढ़ता रहा.

अशोक चव्हाण ने शरद पवार और विलासराव देशमुख की सरकार में संस्कृति विभाग, उद्योग, माइंस विभाग जैसी जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं. दिसंबर 2008 में मुंबई आतंकी हमले के बाद जब विलासराव देशमुख को सीएम पद से हटाया गया, तब चव्हाण ने सीएम को कुर्सी संभाली.

सीएम बनने के एक साल के बाद ही अशोक चव्हाण पर कथित घोटालों के आरोप लगे. उन पर 'अशोक पर्व' नामक सप्लीमेंट के लिए पेड न्यूज देने और उसका खर्च चुनाव खर्च में नहीं दिखाने का आरोप लगा. इसके अलावा कारगिल युद्ध की विधवाओं के लिए बनाई गई आदर्श सोसायटी में अपने रिश्तेदारों को फ्लैट देने के घोटाले में भी नाम सामने आया. इसके बाद उन्हें सीएम पद से इस्तीफा दिया था.

2014 के आम चुनावों में उन्होंने नांदेड़ निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव जीता. उस साल वह महाराष्ट्र में सीट जीतने वाले केवल दो कांग्रेस नेताओं में से थे. इसके बाद 2015 में उन्हें कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया.

2019 लोकसभा चुनाव में नांदेड़ सीट से अशोक चव्हाण को बीजेपी उम्मीदवार प्रतापराव गोविंदराव ने 40 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया. अशोक चव्हाण की पत्नी अमिता चव्हाण वर्तमान में भोकर निर्वाचन क्षेत्र से महाराष्ट्र विधान सभा की सदस्य हैं, जिसका प्रतिनिधित्व पहले शंकरराव चव्हाण और खुद अशोक चव्हाण कर चुके हैं.

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